ePaper

Albert Ekka Death Anniversary: परमवीर अलबर्ट एक्का की हाजिरी वाला रजिस्टर स्कूल से हो गया गायब !

Updated at : 03 Dec 2022 4:20 PM (IST)
विज्ञापन
Albert Ekka Death Anniversary: परमवीर अलबर्ट एक्का की हाजिरी वाला रजिस्टर स्कूल से हो गया गायब !

बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले तक स्कूल में रजिस्टर था, परंतु अचानक स्कूल से रजिस्टर गायब हो गया. शुक्रवार को अलबर्ट एक्का की हाजिरी वाला रजिस्टर की खोजबीन की गयी. कई शिक्षक इस कार्य में लगे, लेकिन रजिस्टर नहीं मिला. स्कूल प्रबंधन ने दावा किया है कि रजिस्टर स्कूल में ही है.

विज्ञापन

Albert Ekka Death Anniversary: देश के महान सपूत लांस नायक परमवीर चक्र विजेता अलबर्ट एक्का ने गुमला जिले के जारी प्रखंड के भिखमपुर स्थित बालक मध्य विद्यालय में प्राथमिक शिक्षा ली थी. इस स्कूल से अलबर्ट एक्का की हाजिरी वाला रजिस्टर गायब है. हालांकि स्कूल प्रबंधन ये दावा कर रहा है कि रजिस्टर स्कूल में ही है. इधर, वह मकान भी ध्वस्त हो रहा है, जहां उनका जन्म हुआ था. इसके बावजूद कोई इसकी सुध नहीं ले रहा है.

स्कूल प्रबंधन कर रहा ये दावा

बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले तक स्कूल में रजिस्टर था, परंतु अचानक स्कूल से रजिस्टर गायब हो गया. शुक्रवार को अलबर्ट एक्का की हाजिरी वाला रजिस्टर की खोजबीन की गयी. कई शिक्षक इस कार्य में लगे, लेकिन रजिस्टर नहीं मिली. हालांकि स्कूल प्रबंधन का दावा है कि हाजिरी रजिस्टर स्कूल में ही है. इसमें अलबर्ट एक्का का नाम है. उन्होंने कहा कि कहीं रखा गया है, जो फिलहाल नहीं मिल रहा है.

Also Read: Albert Ekka Death Anniversary: गुमला के जिस घर में परमवीर अलबर्ट एक्का का हुआ था जन्म, हो रहा है ध्वस्त

अलबर्ट एक्का के शिक्षक का भी हो चुका निधन

आपको बता दें कि अलबर्ट एक्का ने भिखमपुर स्कूल में पढ़ाई की है. उनके पहले शिक्षक छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के थे, परंतु अलबर्ट एक्का के शिक्षक का पांच साल पहले निधन हो गया. वे काफी वृद्ध हो चुके थे. जारी गांव में अब शहीद का कोई साथी नहीं बचा. भिखमपुर का स्कूल भवन है, जहां वे पढ़े थे. अब भवन में कुछ काम होने के कारण भवन बदल गया है.

Also Read: Kamaldev Giri Murder Case: CBI जांच व नार्को टेस्ट की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे परिवार के लोग

मकान भी हो रहा ध्वस्त

गुमला के जिस घर में देश के महान सपूत शहीद अलबर्ट एक्का का जन्म हुआ था. आज वह घर ध्वस्त हो रहा है. कुछ कमरे ध्वस्त हो चुके हैं. एक कमरा बचा है. उस पर खपड़ा है. वह भी टूट रहा है. अगर शहीद की ये निशानी नहीं बचायी गयी, तो आने वाली पीढ़ी शहीद की पहचान भूलती चली जायेगी. परिवार के लोगों ने प्रशासन से ध्वस्त हो रहे मकान को बचाने, उसके संरक्षण व उसे दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है.

विज्ञापन
Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola