Gujarat Election 2022: 'चुनाव से पहले नया चोगा पहनकर पहुंच रहे हैं लोग', अमित शाह का केजरीवाल पर तंज

**EDS: TWITTER IMAGE POSTED BY @AmitShah ON SUNDAY, SEPT. 4, 2022** Ahmedabad: Union Home Minister Amit Shah during his visit to a smart school in Ahmedabad. (PTI Photo)(PTI09_04_2022_000183A)
Gujarat Election 2022: शाह ने कहा कि चुनाव करीब हैं. दो तरह के लोग होते हैं. कुछ ऐसे लोग हैं जो किसी राजनीतिक दल के माध्यम से 5 साल तक पसीना बहाकर और सार्वजनिक सेवा करते हुए चुनाव लड़ते हैं. कुछ ऐसे लोग होते हैं, जो चुनाव से पहले नया चोगा पहनते हैं और वादों का उपहार लेकर जनता के पास आते हैं.
गुजरात विधानसभा चुनाव कुछ महीने के बाद होने वाले हैं जिसपर सबकी नजर बनी हुई है. नेताओं का प्रदेश में आना-जाना लगातार बना हुआ है. इस बार चुनाव त्रिकोणिय होने की संभावना नजर आ रही है. कांग्रेस और भाजपा के अलावा मैदान में आम आदमी पार्टी (आप) भी मैदान पर ताल ठोक रही है. इस क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आम आदमी पार्टी और उसके नेता अरविंद केजरीवाल पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है.
अमित शाह ने कहा कि कुछ ऐसे लोग हैं, जो चुनाव से पांच महीने पहले मैदान में उतरते हैं और कई वादे करते हैं. उन्होंने अहमदाबाद शहर में चार ‘स्मार्ट स्कूल’ के उद्घाटन के लिए आयोजित एक समारोह में प्राथमिक सार्वजनिक शिक्षा के गुजरात मॉडल की प्रशंसा की और कहा कि अगर किसी राज्य को शिक्षा संबंधी किसी मॉडल के बारे में सीखना है, तो उसे गुजरात आना चाहिए. शाह ने गुजरात में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों को राज्य में प्राथमिक शिक्षा को खराब स्थिति में छोड़ने के लिए जिम्मेदार ठहराया.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान छात्रों के स्कूली शिक्षा बीच में छोड़ने का अनुपात 37 प्रतिशत था और 100 में से केवल 67 बच्चे ही स्कूल में दाखिला लेते थे. शाह ने कहा कि राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद, नरेंद्र मोदी ने विद्यालयों में पंजीकरण अनुपात को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए ‘कन्या केलवणी’ और ‘गुणोत्सव’ जैसी पहल की और वह छात्रों के स्कूली पढ़ाई बीच में छोड़ने के अनुपात को लगभग शून्य पर ले आये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे थे.
आगे शाह ने कहा कि (गुजरात में) चुनाव करीब हैं. दो तरह के लोग होते हैं. कुछ ऐसे लोग हैं जो किसी राजनीतिक दल के माध्यम से पांच साल तक पसीना बहाकर और सार्वजनिक सेवा करते हुए चुनाव लड़ते हैं. कुछ ऐसे लोग होते हैं, जो चुनाव से पांच महीने पहले नया चोगा पहनते हैं और वादों का उपहार लेकर जनता के पास आते हैं. शाह ने कहा कि गुजरात के लोग ऐसी स्थिति को अच्छी तरह से समझ सकते हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के नेतृत्व वाली ‘आप’ राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा की मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरने की कोशिश कर रही है.
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शाह ने कहा कि अहमदाबाद नगर निगम द्वारा इन चार ‘अनुपम स्मार्ट शालाओं’ की स्थापना प्राथमिक स्कूल शिक्षा में एक नये अध्याय की शुरुआत है. उन्होंने कहा कि नगर निकाय 22 ऐसे विद्यालय स्थापित करेंगे. शाह ने दावा किया कि कांग्रेस इस साल के अंत में होने वाले चुनावों से पहले एक बार फिर जाति की बात करेगी और नये वादे करेगी. शाह ने जोर देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था खराब थी, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कड़े प्रयासों ने सुनिश्चित किया कि सांप्रदायिक दंगे और कर्फ्यू बीते जमाने की बात हो जाए.
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