TMKOC: शाम तक साथ शूटिंग की, सुबह मिली मौत की खबर… 'हाथी भाई' को खोने का दर्द आज भी नहीं भूले तन्मय महाशब्दे

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तनुज महाशब्दे और कवि कुमार आजाद, फोटो- इंस्टाग्राम

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'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के 18 साल पूरे होने पर अय्यर यानी तन्मय महाशब्दे ने शो से जुड़ी कई यादें शेयर कीं. उन्होंने डॉ. हाथी का किरदार निभाने वाले कवि कुमार आजाद के निधन को याद करते हुए बताया कि उनकी मौत की खबर पूरी टीम के लिए बड़ा झटका थी.

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Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: टीवी का पॉपुलर सिटकॉम 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' ने 18 साल पूरे कर लिए हैं. साल 2008 में शुरू हुआ यह शो आज भी दर्शकों के बीच अपनी खास जगह बनाए हुए है. शो के इस खास सफर को याद करते हुए अय्यर का किरदार निभाने वाले तन्मय महाशब्दे ने कई पुरानी यादें शेयर कीं. इस दौरान उन्होंने शो से जुड़े एक ऐसे दर्दनाक पल को याद किया, जिसे सोचकर आज भी वह भावुक हो जाते हैं. तन्मय ने अपने को-स्टार कवि कुमार आजाद, जो शो में डॉ. हाथी का किरदार निभाते थे, के निधन को याद किया और बताया कि उनकी अचानक मौत की खबर ने पूरी टीम को गहरा सदमा दिया था.

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शाम तक साथ शूटिंग की, अगली सुबह मिली बुरी खबर

तन्मय महाशब्दे ने टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में उस घटना का जिक्र किया, जब पूरी टीम को कवि कुमार आजाद के निधन की खबर मिली थी. उन्होंने कहा,

"एक दिन हम पुराने हाथी जी (कवि कुमार आजाद) के साथ शाम तक शूटिंग कर रहे थे. सीन खत्म हुआ और सभी लोग एक-दूसरे को अलविदा कहकर अपने घर चले गए. अगले दिन उसी सीन को आगे बढ़ाना था, लेकिन सुबह अचानक खबर मिली कि वह अब हमारे बीच नहीं रहे."

तन्मय ने बताया कि यह सुनकर पूरी यूनिट सदमे में आ गई थी. किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि जिस इंसान के साथ कल तक शूटिंग कर रहे थे, वह आज हमारे बीच नहीं है.

'आज भी याद करके घबरा जाता हूं…'

कवि कुमार आजाद को याद करते हुए तन्मय ने कहा कि वह पल पूरी टीम के लिए बहुत दर्दनाक था. उन्होंने कहा,

"यह पूरी यूनिट के लिए बहुत दुखद घटना थी. आज भी जब मैं उस पल को याद करता हूं तो खुद को रोक नहीं पाता और भावुक हो जाता हूं. हमारे साथ बहुत बुरा हुआ था."

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जिंदगी और मौत भगवान के हाथ में है. तन्मय का मानना है कि कवि कुमार आजाद आज भी कहीं न कहीं उनके साथ हैं और शो के 18 साल पूरे होने की खुशी को महसूस कर रहे होंगे.

'अय्यर' नाम से बुलाने पर होती है खुशी

तन्मय महाशब्दे ने अपने किरदार अय्यर को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि उन्हें बिल्कुल बुरा नहीं लगता जब फैंस उन्हें उनके असली नाम की जगह अय्यर कहकर बुलाते हैं. उन्होंने कहा,

"खुशी इसलिए होती है क्योंकि हर कोई मुझे अय्यर ही कहता है. लोग अय्यर के साथ बाबिता का नाम भी लेते हैं. बीच में मुझे लगता था कि लोग मुझे अय्यर भाई क्यों नहीं बुलाते, बाबिता का पति क्यों बुलाते हैं. लेकिन मजाक अलग है, सच यह है कि मुझे बहुत अच्छा लगता है."

एक्टर ने कहा कि जब लोग किसी कलाकार को उसके किरदार के नाम से पहचानने लगते हैं तो इसका मतलब होता है कि वह किरदार लोगों के दिलों में जगह बना चुका है.

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