शुक्रवार छोड़ बुधवार को क्यों रिलीज हुई यश की फिल्म? जानिए बॉक्स ऑफिस की रणनीति
टॉक्सिक, फोटो - इंस्टाग्राम
बॉलीवुड और साउथ की फिल्में अब सिर्फ शुक्रवार को ही रिलीज नहीं हो रहीं. यश की फिल्म 'टॉक्सिक' के बुधवार को रिलीज होने के पीछे की खास वजहें सामने आई हैं. यह नई बॉक्स ऑफिस रणनीति फिल्म के कलेक्शन को कैसे प्रभावित करेगी, जानें.
आमतौर पर बॉलीवुड और साउथ फिल्मों को शुक्रवार के दिन रिलीज करने का चलन रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह है वीकेंड का फायदा, क्योंकि शुक्रवार के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टियां मिल जाती हैं. लेकिन अब बड़े बजट की फिल्मों के मेकर्स रिलीज डेट को लेकर नई रणनीति अपना रहे हैं. कई फिल्मों को शुक्रवार के बजाय बुधवार या गुरुवार को रिलीज किया जा रहा है. यश की मच अवेटेड फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' का बुधवार, 26 अगस्त को रिलीज होना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. आखिर फिल्म को शुक्रवार के बजाय बुधवार को रिलीज करने से मेकर्स को क्या फायदा होता है? आइए समझते हैं.
Toxic Gets a Longer Opening Weekend: लंबा ओपनिंग वीकेंड मिलेगा
बुधवार को फिल्म रिलीज करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि मेकर्स को तीन दिन के सामान्य वीकेंड के बजाय लंबा ओपनिंग पीरियड मिल जाता है. इससे फिल्म को ज्यादा शोज मिल सकते हैं और शुरुआती दिनों में ज्यादा दर्शक सिनेमाघरों तक पहुंच सकते हैं.खासकर बड़े बजट की फिल्मों के लिए शुरुआती कमाई काफी अहम होती है. फिल्म जितने ज्यादा दिनों तक लगातार अच्छी ऑक्यूपेंसी के साथ चलती है, उतना ही बॉक्स ऑफिस पर मजबूत कलेक्शन करने का मौका बढ़ जाता है.
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Toxic Gets Direct Benefit of Holidays: छुट्टियों का मिलेगा सीधा फायदा
फिल्म की रिलीज डेट तय करते समय मेकर्स सिर्फ शुक्रवार का इंतजार नहीं करते. वे त्योहारों और सार्वजनिक छुट्टियों को भी ध्यान में रखते हैं. अगर किसी फिल्म की रिलीज छुट्टी या त्योहार के आसपास रखी जाती है, तो वीकडे में भी सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ सकती है. ऐसे में बुधवार की रिलीज शुक्रवार तक पहुंचते-पहुंचते फिल्म को पहले ही कई मजबूत दिन दे देती है.
Toxic Eyes Indian and Overseas Markets: भारत के साथ विदेशी बाजार पर भी नजर
बड़े बजट की फिल्मों के लिए सिर्फ भारत का बॉक्स ऑफिस ही महत्वपूर्ण नहीं होता. विदेशों में भी फिल्मों की कमाई बड़ा हिस्सा होती है. खासकर मिडिल ईस्ट जैसे बाजारों में वीकेंड का पैटर्न भारत से अलग है. ऐसे में बुधवार या गुरुवार की रिलीज से मेकर्स भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फिल्म को एक साथ मजबूत शुरुआत दिलाने की कोशिश करते हैं. साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में भी त्योहारों के दौरान शुक्रवार से अलग दिनों पर फिल्म रिलीज करने की रणनीति नई नहीं है. पोंगल, संक्रांति और ओणम जैसे मौकों पर छुट्टियों का फायदा उठाने के लिए रिलीज डेट को त्योहार के हिसाब से तय किया जाता रहा है.
Toxic Release Strategy: एडवांस बुकिंग ने बदली रिलीज रणनीति
पहले फिल्मों के लिए शुक्रवार को रिलीज करना इसलिए जरूरी माना जाता था क्योंकि दर्शकों का थिएटर जाने का सबसे बड़ा मौका वीकेंड होता था. लेकिन अब सोशल मीडिया, ट्रेलर, गाने और एडवांस टिकट बुकिंग की वजह से फिल्म का बज रिलीज से कई दिन पहले ही बन जाता है. अगर किसी फिल्म की एडवांस बुकिंग मजबूत है और दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह है, तो मेकर्स को शुक्रवार तक इंतजार करने की जरूरत नहीं होती. वे पहले ही दिन से ज्यादा से ज्यादा शोज लगाकर कमाई का फायदा उठा सकते हैं.
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Toxic Release Date Strategy: रिलीज डेट बनी बॉक्स ऑफिस की रणनीति
यानी फिल्म को बुधवार या गुरुवार को रिलीज करने का फैसला सिर्फ तारीख बदलना नहीं है. इसके पीछे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, छुट्टियों, लंबे ओपनिंग पीरियड, विदेशी बाजार और एडवांस बुकिंग जैसे कई फैक्टर्स काम करते हैं. बड़े बजट की फिल्मों के लिए रिलीज डेट अब सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि कमाई की पूरी रणनीति का हिस्सा बन चुकी है. 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' जैसी फिल्मों की रिलीज भी इसी बदलती रणनीति की एक मिसाल है.
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