MBBS Seat पाने का ऐसा जुनून, एडमिशन के लिए काटा खुद का पैर 

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 25 Jan 2026 5:58 PM

विज्ञापन
NEET Aspirant: नीट अस्पिरेंट AI जेनरेटेड तस्वीर

NEET Aspirant: नीट में 2 बार फेल हो जाने पर सूरज भास्कर ने पैर का पंजा काट लिया. MBBS सीट में PwD कोटा पाने के लिए इस युवक ने ऐसा कदम उठाया.

विज्ञापन

NEET Aspirant Cut Foot For Disability Quota: एक MBBS की सीट पाने के लिए स्टूडेंट्स क्या कुछ नहीं करते हैं. रातों की नींद खराब करते हैं और 12-15 घंटे की पढ़ाई करते हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश के रहने वाले युवक ने कुछ ऐसा कि जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. जौनपुर के रहने वाले 25 साल के युवक ने विकलांग कोटे से एमबीबीएस सीट (MBBS Seat) पाने के लिए अपने ही पैर का पंजा काट लिया. इस युवक ने डीफार्मा कर रखा था. लेकिन नीट में दो बार असफल हो चुका था.

NEET Aspirant Cut Foot: खुद से काटा पैर का पंजा

डीफार्मा की डिग्री होने के कारण ये लड़का इंजेक्शन लगाना जानता था. सूरज भास्कर ने पहले पैर सुन्न होने का इंजेक्शन लगाया और फिर ग्राइंडर से अपने पैरों का पंजा काट लिया. उसने डिटेल जानकारी इंटरनेट से जुटाई थी.

MBBS Disability Quota: एमबीबीएस में विकलांगता का कोटा

MBBS में एडमिशन के लिए NEET के तहत दिव्यांग (PwD) कैंडिडेट्स को 5% रिजर्वेशन दिया जाता है. बेंचमार्क डिसएबिलिटी यानी कम से कम 40% विकलांगता वाले कैंडिडेट्स इस कैटेगरी में आते हैं. ऐसे स्टूडेंट्स को न सिर्फ रिजर्वेशन दिया जाता है बल्कि एग्जाम में अलग से समय और जरूरी फैसिलिटी भी दी जाती है.

  • MBBS में NEET के जरिए एडमिशन के लिए PwD उम्मीदवारों को 5% आरक्षण मिलता है.
  • पात्रता के लिए कम से कम 40% बेंचमार्क विकलांगता जरूरी होती है.
  • दिव्यांग उम्मीदवारों को परीक्षा में अतिरिक्त समय दिया जाता है (हर घंटे पर 20 मिनट).
  • जरूरत के अनुसार स्क्राइब/रीडर जैसी सहायक सुविधाएं भी मिलती हैं.

DPharma Course: क्या है डीफार्मा कोर्स?

डी फार्मा यानी डिप्लोमा इन फार्मेसी (Diploma In Pharmacy) एक दो साल का प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स है. इसे 12वीं के बाद कर सकते हैं. इस कोर्स में स्टूडेंट्स को दवाओं को तैयार करना, उनके यूज और इफेक्ट की बेसिक जानकारी दी जाती है. फार्मासिस्ट बनने के लिए ये कोर्स कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें- कोविड के बाद चमकी ये BTech ब्रांच, बायोटेक इंजीनियरिंग बन रही है टॉप चॉइस

विज्ञापन
Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola