Jharkhand In Ancient Era: जेपीएससी बैंकिंग, रेलवे और एसएससी में अकसर पूछे जाते हैं इससे सवाल

Author Govind jee
Updated:
विज्ञापन
Jharkhand in ancient era

Jharkhand in ancient era

Jharkhand In Ancient Era: यहाँ प्राचीन काल में झारखंड के बारे में 10 संक्षिप्त प्रश्न और उत्तर हैं. इसमें प्राचीन काल से लेकर मध्यकालीन युग तक के झारखंड के इतिहास, पुरातात्विक साक्ष्य, सांस्कृतिक विरासत और भौगोलिक विवरण शामिल हैं.

विज्ञापन

Jharkhand In Ancient Era: झारखंड, जंगलों की भूमि है, जिसका इतिहास समृद्ध और प्राचीन है जो पाषाण युग से शुरू होता है। यह क्षेत्र सदियों से विभिन्न स्वदेशी जनजातियों, राज्यों और संस्कृतियों का घर रहा है. आइए प्राचीन युग में झारखंड के बारे में 10 प्रमुख प्रश्न और उत्तर जानें. हमने राज्य के विभिन्न पहलुओं को कवर करने वाले महत्वपूर्ण GK प्रश्नों का एक सेट बनाया है, जिससे आपकी प्रतियोगी परीक्षा रेलवे, बैंकिंग, एसएससी की तैयारी में मदद मिलेगी. यहां अपने ज्ञान का परीक्षण करें और अपने सपनों की नौकरी के एक कदम और करीब पहुँचें.

झारखंड का प्राचीन काल क्या है?

1401–837 ई.पू.

झारखंड को पहले क्या कहा जाता था?

कुकरा

झारखंड की सबसे प्राचीन जनजाति कौन सी है?

असुर

झारखंड की भाषा क्या है?

खोरठा

झारखंड की संस्कृति क्या है?

लोक संगीत और नृत्य

रांची नाम किसने दिया?

ब्रिटिश

झारखंड में आदिम जनजाति कौन सी है?

पहाड़िया, खगड़िया, बिरहोर और असुर

झारखंड का राष्ट्रीय वृक्ष क्या है?

साल का पेड़

झारखंड में कौन सी जनजाति प्रसिद्ध है?

संथाल

जमशेदपुर का पुराना नाम क्या है?

सक्ची

Jharkhand In Ancient Era: झारखंड का प्राचीन इतिहास विविध संस्कृतियों, राज्यों और सभ्यताओं का एक ताना-बाना है, जिसने इस क्षेत्र पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है. पाषाण युग से लेकर मध्यकाल तक, जंगलों की इस भूमि ने साम्राज्यों के उत्थान और पतन, स्वदेशी समुदायों के उत्कर्ष और समृद्ध पुरातात्विक खजानों की खोज देखी है. झारखंड के प्राचीन अतीत को समझना इस जीवंत राज्य की अनूठी विरासत और पहचान की सराहना करने के लिए महत्वपूर्ण है.

पढ़ें: National Parks and Wildlife Sanctuaries

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola

Frequently Asked Questions

1401–837 ई.पू.