धनबाद : सरकारी स्कूलों में प्रश्न पत्र कराना पड़ा जेरोक्स, बरामदे में दरी पर बैठकर विद्यार्थियों ने दी परीक्षा

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 09 May 2023 8:19 AM

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सरकारी स्कूलों में प्रश्न पत्र घटने के बाद शिक्षक बच्चों को स्कूल में छोड़ कर जेरोक्स कराने चले गये. विद्यालय में एक ही शिक्षक है, उनके बाहर जाने के बाद बच्चे खेलते दिखे. जेरोक्स दुकान बंद रहने पर बगल के स्कूल मोहनपुर से प्रश्न पत्र मंगवाया गया.

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Dhanbad News: धनबाद जिले के सरकारी विद्यालयों में चल रही कक्षा एक से सातवीं तक की परीक्षा का हाल बुरा है. बिना व्यवस्था के ही परीक्षा का आयोजन कर दिया गया. इसका खामियाजा शिक्ष क व बच्चों को भुगतना पड़ रहा है. कहीं प्रश्न पत्र कम पड़ने के कारण शिक्षकों को जेरोक्स दुकानों का चक्कर लगाना पड़ा तो कहीं कमरे की व्यवस्था नहीं होने पर बच्चों को बरामदे में बैठकर परीक्षा देनी पड़ी. एक शिक्षक के भरोसे एक से पांचवीं तक के बच्चों का नामांकन लिया गया. प्रभात खबर की टीम सोमवार को स्कूलों में चल रही परीक्षा के दौरान पहुंची तो ऐसा ही दृश्य देखने को मिला.

एक शिक्षक ने दो कमरों में एक से पांचवीं की परीक्षा ली

सुबह 7.30 बजे कक्षा चार का प्रश्न पत्र घटने के बाद शिक्षक बच्चों को स्कूल में छोड़ कर जेरोक्स कराने चले गये. विद्यालय में एक ही शिक्षक है, उनके बाहर जाने के बाद बच्चे खेलते दिखे. जेरोक्स दुकान बंद रहने पर बगल के स्कूल मोहनपुर से प्रश्न पत्र मंगवाया गया. सभी बच्चों को दो कमरा में बैठा कर बीच दरवाजे पर बैठ कर शिक्षक निगरानी करते दिखे. यहीं शिक्षक कभी कक्षा एक व दूसरी के बच्चों का मौखिक परीक्षा लेते तो फिर भाग कर दूसरे कमरे में जाकर कक्षा तीन से पांचवीं तक के बच्चों को देखते. शिक्षक सह प्रखंड अध्यक्ष सहायक शिक्षक संघ छोटन प्रसाद राम ने बताया कि यहा 25 बच्चे है.

बरोरा : एक बेंच पर चार से अधिक बच्चे बैठे थे

बरोरा. मुराइडीह श्रमिक काॅलोनी स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरमसिया में नौ बजे पहुंचने पर छात्रों ने बताया कि सभी वर्गों में प्रश्न-पत्र की कमी थी. कक्षा पांच के 27 छात्रों में 6 प्रश्नपत्र विभाग द्वारा दिया गया. परीक्षा एक घंटे विलंब से शुरू हुई. सुबह 7.30 की जगह 8.30 बजे से परीक्षा शुरू हुई. कक्षा एक तथा दो के बच्चे जमीन पर बैठे थे. जबकि अन्य कक्षा में बेंच डेस्क तो था लेकिन एक बेंच डेस्क पर तीन तो किसी में चार से अधिक बच्चे बैठे हुए थे. सीआरपी बबलू मंडल ने बताया कि प्रश्न-पत्र की थोडी बहुत कमी थी, जिसे मैनेज कर लिया गया.

गोविंदपुर : प्रश्न पत्र दूसरे स्कूल से मंगवाना पड़ा

गोविंदपुर. गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय कुरची में 356 में 355 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया. प्रभारी प्रधानाध्यापक वीरेन मंडल ने कहा कि अंग्रेजी के प्रश्न पत्र घट गए थे, जो दूसरे स्कूल से मैनेज कर लाया गया.

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कतरास : किताब खोलकर दे रहे थे परीक्षा

कतरास. उत्क्रमित मध्य विद्यालय जियलगोड़ा गोविंदपुर (बाघमारा) में परीक्षा में अव्यवस्था का आलम दिखा. एक बेंच पर चार-चार बच्चे बैठे थे. बच्चों को किताब देख कर जवाब देने की छूट थी. कक्षा एक से सप्तम तक कुल 100 बच्चे अंग्रेजी विषय की परीक्षा दे रहे थे. बच्चे बरामदे में जाकर मस्ती भी करते नजर आये.

राजकीयकृत बालिका मवि धनसार वन : एक-दूसरे के सहयोग से दे रहे थे परीक्षा

टीम 9.05 बजे राजकीयकृत बालिका मध्य विद्यालय धनसार वन पहुंची. यहां बालिका विद्यालय होने के बाद भी बालक व बालिका दोनों मौजूद थे. विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं के 641 बच्चे नामांकित है, सोमवार को करीब 500 उपस्थिति थी. कक्षा छठी के बालक बरामदे में दरी पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे वहीं सामने में छात्राएं भी दरी पर बैठी हुई थी. यहां परीक्षा के नियमों व निर्देशों का पालन तक नहीं हो रहा था. बाहर बरामदे में बैठकर परीक्षा दे रहे बच्चे एक-दूसरे के सहयोग से परीक्षा दे रहे थे. बीएड की दो छात्राएं बैठकर मॉनिटरिंग कर रही थी. शिक्षकों ने बताया कि पीछे के दो कमरे जर्जर हो गए है इसके कारण बच्चों को बरामदा में बैठाना पड़ रहा है.

तेतुलमारी : नहीं थी पानी की व्यवस्था

तेतुलमारी. राजकमल मध्य विद्यालय पांडेडीह में तीसरी कक्षा का प्रश्नपत्र कम पड़ गया. जेरोक्स कर काम चलाया गया. वहीं एक बेंच पर चार बच्चे बैठकर परीक्षा दे रहे थे. सभी एक दूसरे का सहयोग कर रहे थे. विद्यालय में पानी की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में बच्चे घर से पीने के लिए पानी लाते है. वहीं स्कूल में पानी खरीदकर मध्याह्न भोजन बनाया जाता है.

ईस्ट गोधर : विलंब से हुई परीक्षा

सुबह 8.30 बजे प्रभात खबर की टीम प्राथमिक विद्यालय इस्ट गोधर पहुंची. यहां दो कक्षाओं में परीक्षा की तैयारी की गयी थी. बच्चे प्रश्न पत्र मिलने का इंतजार कर रहे थे. जानकारी जुटाने पर पता चला कि पश्न पत्र पर्याप्त नहीं मिले है. इस कारण शिक्षकों ने खुद के पैसे से जेरोक्स कराया है. ऐसे में परीक्षा सुबह 7.30 बजे की बजाय 8.45 बजे से शुरू हो पायी. विद्यालय में सिर्फ दो ही शिक्षक है. इनका भी स्थानांतरण हो चुका है, जिसकी पोस्टिंग की गयी है, उन्होंने योगदान नहीं दिया है. ऐसे में स्थानांतरण के बाद भी दोनों शिक्षकों ने परीक्षा ली है. एक कमरे में कक्षा एक व चौथी के बच्चों को बैठाया गया था.

वहीं दूसरे कमरे में कक्षा दूसरी, तीसरी व पांचवीं के बच्चे बैठे हुए थे. विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या 103 है, जबकि करीब 98 बच्चे उपस्थित थी. कमरे में कक्षा एक व दूसरी की मौखिक परीक्षा भी उसी कमरे में हो रही थी. इस कारण दूसरे बच्चों को परीक्षा देने में परेशानी झेलनी पड़ी. यहां पहले दिन की परीक्षा में भी प्रश्न पत्र कम पड़े थे, जेरोक्स कराना पड़ा था. दो दिनों में जेरोक्स पर 700 रुपये खर्च हो गए है.

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