जिले के जनजातीय गांवों को पेसा में शामिल करने की मांग

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इंकलाबी नौजवान सभा का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को समाहरणालय पहुंच कर उपायुक्त कीर्तिश्री जी को ज्ञापन सौंप कर जिले के जनजातीय गांवो को पेसा में शामिल करने की मांग की.

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07 सीएच 17- समाहरणालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल. चतरा. इंकलाबी नौजवान सभा का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को समाहरणालय पहुंच कर उपायुक्त कीर्तिश्री जी को ज्ञापन सौंप कर जिले के जनजातीय गांवो को पेसा में शामिल करने की मांग की. बताया कि चतरा जिले में बड़ी संख्या मेंं जनजातीय आबादी निवास करती है, जिनकी अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान व पारंपरिक शासन व्यवस्था है. इसके बावजूद चतरा जिले के कई जनजातीय गांवो को पेसा कानून के अंतर्गत अनुसूचित नहीं किया गया है, जिससे आदिवासियों के अधिकार व सांस्कृतिक संरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिव सिंह ने कहा कि पेसा लागू नहीं होने से आदिवासी पारंपरिक रीति-रिवाजों व संस्कृति पर बाहरी प्रभाव बढ़ेगा. साथ ही जल-जंगल-जमीन जैसे संसाधनो पर उनका अधिकार कमजोर होगा. प्रतिनिधिमंडल ने जिले के जनजातीय बहुत क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर उनकी ऐतिहासिक व सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के आधार पर पेसा में शामिल करने की मांग की, ताकि आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा हो सके. प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष के अलावा जिलाध्यक्ष भुनेश्वर कुमार भोगता, जिला सचिव आशीष कुमार प्रजापति, भावेश भोगता, सोमरा उरांव, भोला भोगता, अली ईमाम, राजेश कुमार, विजय गिरी, विजय बैगा, मुन्ना कुमार, पवन कुमार शामिल थे.

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विकाश नाथ

लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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