भारत बनाम बांग्लादेश के मुकाबले में ही सचिन तेंदुलकर ने जड़ा था शतकों का शतक, आज विराट कोहली से 100 की उम्मीद

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भारत बनाम बांग्लादेश के मुकाबले में ही सचिन तेंदुलकर ने जड़ा था शतकों का शतक, आज विराट कोहली से 100 की उम्मीद

सचिन तेंदुलकर दुनिया के पहले खिलाड़ी बने थे जिन्होंने 2012 में ‘शतकों का शतक’ लगाया था और 100 शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे. अभी भी उनके इस रिकाॅर्ड के आसपास कोई खिलाड़ी नजर आ रहा है तो वे हैं विराट कोहली. विराट कोहली ने अपने करियर में 77 शतक लगाएं हैं.

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Ind vs Ban : आईसीसी विश्वकप 2023 के मुकाबले में आज भारत और बांग्लादेश की टीम का मुकाबला हो रहा है. इस वक्त चर्चा हो रही है दोनों टीम के बीच किस तरह की राइवरी रही है. भारत बनाम बांग्लादेश के मैच की खासियत यह भी रही है कि ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर ने 2012 में अपना शतकों का शतक जड़ा था. हालांकि यह मैच टीम इंडिया के लिए बहुत खास नहीं रहा था क्योंकि टीम यह मैच हार गई थी.

सौ सेंचुरी बनाने वाले दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी

सचिन तेंदुलकर दुनिया के पहले खिलाड़ी बने थे जिन्होंने 2012 में ‘शतकों का शतक’ लगाया था और 100 शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे. अभी भी उनके इस रिकाॅर्ड के आसपास कोई खिलाड़ी नजर आ रहा है तो वे हैं विराट कोहली. विराट कोहली ने अपने करियर में 77 शतक लगाएं हैं. उनके बाद रिकी पोंटिंग का नाम है जिन्होंने अपने करियर में 71 शतक लगाए हैं. चौथे नंबर पर कुमार संगकारा हैं, जिन्होंने अपने करियर में 63 और पांचवें नंबर पर जैक कैलिस हैं, जिन्होंने 62 शतक जड़ा है. विराट कोहली के अलावा इस लिस्ट के सभी खिलाड़ी संन्यास ले चुके हैं, इसलिए सचिन तेंदुलकर का रिकाॅर्ड टूटना भी आसान नहीं है.

सौवां शतक लगाने के बाद ऐसा था सचिन का रिएक्शन

2012 में शुक्रवार को ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में स्थानीय समय के अनुसार ठीक 17.05 बजे सचिन तेंदुलकर ने शाकिब अल हसन की गेंद पर सिंगल लेकर एशिया कप के दौरान भारत बनाम बांग्लादेश के मैच में अपने करियर का सौवां शतक बनाया था. सिंगल लेने के बाद सचिन तेंदुलकर ने अपना बल्ला उठाया, आसमान की ओर देखा और अपना हेलमेट हटाया. इसके बाद सुरेश रैना उनके गले लगे और बांग्लादेश के कुछ खिलाड़ी दौड़ कर उन्हें बधाई देने आए. ऐसा था वह ऐतिहासिक पल. सचिन ने अपने करियर में 51 शतक टेस्ट में और 49 शतक ओडीआई में बनाए हैं.

सचिन ने कहा था मैं रिकाॅर्ड के लिए नहीं खेलता

सचिन ने शतकों का शतक लगाने के बाद कहा था-मैं रिकाॅर्ड के लिए नहीं खेलता, लेकिन मैं भी एक इंसान हूं और मेरे अंदर भी भावनाएं हैं. जब आप लंबा करियर खेलते हैं तो यह पल आपके जीवन में आता है. मैंने अपने करियर में सिर्फ टीम के लिए खेला है. सचिन भारतीय क्रिकेट के ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके इस रिकाॅर्ड के आगे सर डाॅन ब्रेडमैन के रिकाॅर्ड भी फीके पड़ गए.

विराट से शतक की उम्मीद

भारत बनाम बांग्लादेश के आज के मुकाबले में विराट कोहली से फैंस को उम्मीद है कि वे शतक लगाएंगे. विराट कोहली ही विश्व में ऐसे खिलाड़ी हैं, जो उनके शतकों के शतक के करीब हैं. विराट कोहली सचिन तेंदुलकर के ओडीआई में 49 शतक से सिर्फ दो शतक दूर हैं. विराट कोहली ने अपने करियर में 47 शतक बनाएं हैं. अगर आज वे शतक जड़ते हैं तो उनका यह 48वां शतक होगा और वे सचिन से सिर्फ एक शतक पीछे रह जाएंगे.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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