Unemployment Rate: वैश्विक आर्थिक संकट से बढ़ी बेरोजगारी, पाकिस्तान से ज्यादा भारत में लोग तलाश रहे नौकरी

Updated at : 05 Sep 2023 3:07 PM (IST)
विज्ञापन
Unemployment Rate: वैश्विक आर्थिक संकट से बढ़ी बेरोजगारी, पाकिस्तान से ज्यादा भारत में लोग तलाश रहे नौकरी

Unemployment Rate: पाकिस्तान की बेरोजगारी दर 6.3 फीसदी है, जबकि भारत की बेरोजगारी दर 8 फीसदी है. इसका अर्थ है कि पाकिस्तन के मुकाबले भारत में ज्यादा बेरोजगार हैं. एक ध्यान देने वाली बात ये भी है कि पाकिस्तान की तुलना में भारत की जनसंख्या 7 से आठ गुना ज्यादा है.

विज्ञापन

Unemployment Rate: हाल के दिनों में पूरी दुनिया ग्लोबल आर्थिक संकट से जूझ रही है. कोविड-19 और रूस-यूक्रेन युद्ध ने वैश्विक स्तर पर आर्थिक चुनौतियों को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है. जर्मनी, यूके, अमेरिका और यूरोप के देशों में मंदी की आशंका जतायी जा रही थी. इस दौरान दुनिया भर में मंदी से बेरोजगारी काफी ज्यादा बढ़ी है. आर्थिक संकट के कारण बड़ी-बड़ी कंपनियों ने अपने यहां से लाखों की संख्या में लोगों की छटनी की है. इस परिवेश में स्टॉर्टअप कंपनियों पर काफी असर पड़ा. कर्मचारियों की संख्या कम करने के साथ उन्हें घोर आर्थिक संकट से भी जूझना पड़ा. आईटी सेक्टर ने सबसे ज्यादा कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा. ऐसे में भारत समेत पूरी दुनिया में बेरोजगारी बढ़ी है. इसे लेकर वर्ल्ड ऑफ स्टैटिस्टिक्स के द्वारा एक रिपोर्ट जारी किया गया है.

दक्षिण अफ्रीका में सबसे ज्यादा बेरोजगारी

वर्ल्ड ऑफ स्टैटिस्टिक्स (World of Statistics) के डाटा ने अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दक्षिण अफ्रीका में है. यहां 32.6 प्रतिशत लोग बेरोजगार हैं. जबकि, इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर इराक है. जहां करीब 15.55 फीसदी लोग बेरोजगार हैं. लिस्ट में तीसरे स्थान पर बोस्निया और हर्जेगोविना के साथ अफगानिस्तान है. यहां का बेरोजगारी दर 13.3 फीसदी है. बड़ी बात ये है कि पाकिस्तान की बेरोजगारी दर 6.3 फीसदी है, जबकि भारत की बेरोजगारी दर 8 फीसदी है. इसका अर्थ है कि पाकिस्तन के मुकाबले भारत में ज्यादा बेरोजगार हैं. हालांकि, एक ध्यान देने वाली बात ये भी है कि पाकिस्तान की तुलना में भारत की जनसंख्या 7 से आठ गुना ज्यादा है. वर्तमान में पाकिस्तान का बेरोजगारी दर स्पेन, इरान और यूक्रेन समेत कई देशों से कम है.

अमेरिका में 3.8 फीसदी बेरोजगारी

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में बेरोजगारी दर 3.8 फीसदी है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में 3.7 फीसदी बेरोजगारी है. इसके अलावा, चीन में बेरोजगारी इन दोनों देशों के मुकाबले ज्यादा है, जो 5.3 फीसदी है. सउदी अरब में बेरोजगारी दर 5.1 फीसदी है. वर्ल्ड ऑफ स्टैटिस्टिक्स की रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में सबसे कम बेरोजगारी कतर में है. जहां सिर्फ 0.1 फीसदी बेरोजगारी है. रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की में 9.6%, कोलंबो में 9.57%, चिली में 8.77%, ब्राजील में 7.9%, इटली में 7.6%, फ्रांस में 7.2%, मिस्र में 7%, फिनलैंड में 6.9% और अर्जटिना में 6.9% बेरोजगारी है.

आईटी, वाहन क्षेत्रों में सतर्क रुख से अगस्त में कार्यालय भर्ती में छह प्रतिशत की गिरावट

देश में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), बीमा, वाहन, स्वास्थ्य-देखभाल और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) क्षेत्र में सतर्क रुख के कारण अगस्त में कार्यालय भर्तियों में छह प्रतिशत की गिरावट आई है. एक रिपोर्ट में सोमवार को यह बात कही गई. इस साल अगस्त में 2,666 नौकरियां आईं, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 2,828 था. नौकरी जॉबस्पीक सूचकांक के अनुसार, मासिक आधार पर अगस्त, 2023 में नौकरियों में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई. जुलाई, 2023 में 2,573 नौकरियां आईं थीं. नौकरी जॉबस्पीक एक मासिक सूचकांक है, जो भारतीय रोजगार बाजार की स्थिति को बताता है. यह ‘नौकरी डॉट कॉम’ पर नियोक्ताओं द्वारा निकाली गईं नौकरियों और नौकरी से संबंधित खोजों के आधार पर भर्ती गतिविधियों की जानकारी देता है.

बेरोजगारी क्या होता है

बेरोजगारी (Unemployment) एक सामाजिक और आर्थिक समस्या है जिसका मतलब होता है कि वे लोग जो काम करने के लिए तैयार हैं, वे किसी नौकरी में नहीं हैं और उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी नहीं हो सकते हैं. यह एक बड़ी समस्या है जो व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर देशों को प्रभावित करती है.

बेरोजगारी के कई प्रकार होते हैं

  • संरचनात्मक बेरोजगारी: इसमें बेरोजगारी उन लोगों को कहते हैं जो अपने क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं, लेकिन उन्हें उनके क्षेत्र में नौकरी नहीं मिल रही है.

  • प्रारंभिक बेरोजगारी: इस प्रकार की बेरोजगारी में नौकरी की तलाश में नौकरी करने के लिए तैयार लोग होते हैं, लेकिन उन्हें पहली नौकरी प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

  • समूहिक बेरोजगारी: इस प्रकार की बेरोजगारी में किसी क्षेत्र के लोग समूह में बेरोजगार होते हैं, और यह बड़े पैमाने पर होती है, जैसे कि किसानों के बेरोजगार होना जब खेती में रोजगार कम होता है.

  • मुस्तायिद बेरोजगारी: इसमें लोग एक समय के लिए नौकरी से बाहर रहते हैं, लेकिन फिर से नौकरी प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, जैसे कि सीजनल नौकरीदारों का प्रयास जो हर्वेस्टिंग सीजन में काम करते हैं.

  • बेरोजगारी के कारण लोगों का आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है, और यह समाज में आर्थिक और मानसिक तनाव को बढ़ावा देती है. सरकारें बेरोजगारी को कम करने के लिए नौकरी पैमेंट और उपस्किलिंग कार्यक्रम जैसे कई उपायों का समर्थन करती हैं.

विज्ञापन
Madhuresh Narayan

लेखक के बारे में

By Madhuresh Narayan

Madhuresh Narayan is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola