Retail Inflation: महंगाई से राहत, जनवरी में 5.10 रही खुदरा मुद्रास्फीति दर
Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Feb 2024 7:31 PM
Photo: Social Media
Retail Inflation: महंगाई को लेकर राहत भरी खबर है. जनवरी 2024 में देश की खुदरा महंगाई दर घटकर 5.10 फीसदी पर आ गई है. बीते तीन महीनों का यह सबसे निचला स्तर है. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर 2023 में 5.69 फीसदी पर थी. वहीं जनवरी 2023 में यह 6.52 के स्तर पर थी.
Retail Inflation: मोदी सरकार के लिए आर्थिक क्षेत्र से अच्छी खबर है. नये साल के पहले महीने यानी जनवरी 2024 में खुदरा महंगाई दर में गिरावट आयी है. महंगाई दर जनवरी में घटकर 5.10 फीसदी पर आ गई है. दरअसल देश में खाद्य वस्तुओं के दाम कम होने से खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में कम होकर 5.1 फीसदी हो गई है. यह इसका तीन महीने का सबसे निचला स्तर है. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर 2023 में 5.69 फीसदी पर थी. वहीं जनवरी 2023 में यह 6.52 के स्तर पर थी.
खुदरा मुद्रास्फीति को चार फीसदी रखने का RBI को मिला है टारगेट
गौरतलब है कि साल 2023 के अगस्त में मुद्रास्फीति की दर सर्वाधिक 6.83 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक खाद्य वस्तुओं की वृद्धि दर इस साल जनवरी में 8.3 फीसदी रही जो इससे पिछले महीने के 9.53 प्रतिशत से कम है. बता दें, भारतीय रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है.
Retail inflation eases to 5.10% in January, 2024, as per Government data. pic.twitter.com/d65oqp0cnY
— ANI (@ANI) February 12, 2024
सस्ती हुईं खाने-पीने की चीजें
नये साल के पहले ही महीने में मुद्रास्फीति में आई कमी का कारण खाने-पीने की चीजों की कीमतों में आई कमी को माना जा रहा है. दरअसल सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कि खुदरा महंगाई 2 प्रतिशत की घटी और बढ़ी के साथ 4 फीसदी पर बनी रहे. वहीं, बीते महीने यानी जनवरी में सब्जियों की कीमतों में 4.2 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. कुल मिलाकर कहा जाये तो खाने पीने की चीजों के दाम में दिसंबर 2023 में 9.53 फीसदी की तुलना में जनवरी 2021 में 8.30 फीसदी रही.
एनएसओ ने जारी किये आंकड़े
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और जनवरी 2024 के महीने के लिए ग्रामीण, शहरी और संयुक्त क्षेत्र के लिए संबंधित उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) जारी किया. एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2024 में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 5.10 फीसदी हो गई.
Also Read: दिल्ली में एक महीने तक धारा 144 लागू, 30 दिनों तक इन चीजों पर रहेगी पाबंदी, जानें कारण
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










