Old Pension Scheme: इन राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू, सरकार ने दी बड़ी जानकारी
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 09 Feb 2023 10:48 PM
Old Pension Scheme वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी गयी है.
Old Pension Scheme को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ी जानकारी दी है. सरकार ने बताया कि देश के पांच राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी है. वित्त मंत्रालय ने संसद में बताया कि पांच राज्यों की सरकारों ने केंद्र को पुरानी पेंशन योजना को फिर से अपनाने के अपने फैसले के बारे में अवगत करा दिया है.
इन पांच राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू
वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जानकारी देते हुए बताया, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी गयी है. उन्होंने बताया कि इन पांच राज्यों ने केंद्र सरकार/पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) को अपने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) फिर से शुरू करने के फैसले के बारे में बता दिया है. कराड ने यह भी कहा कि पीएफआरडीए अधिनियम के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत ग्राहकों की संचित राशि अर्थात एनपीएस में सरकार और कर्मचारियों का योगदान, राज्य सरकार को वापस किया जा सकता है.
बीजू जनता दल के सांसद भर्तृहरि महताब ने सरकार ने पुरान पेंशन योजना पर मांगी जानकारी
दरअसल बीजू जनता दल के सांसद भर्तृहरि महताब ने केंद्र सरकार से पुरानी पेंशन योजना सहित पांच सवाल पूछे और उत्तर मांगा. उन्होंने सरकार से पूछा, क्या वित्त मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि
(क) क्या देश के कतिपय राज्यों में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) कार्यान्वित की जा रही है.
(ख) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और इस पर सरकार की कया प्रतिक्रिया है.
(ग) क्या ओपीएस का राज्य सरकार के राजकोष पर प्रभाव पड़ने की संभावना है.
(घ) क्या ओपीएस के कारण अतिरिक्त वित्तीय भार से राज्य सरकारों के कर्ज में वृद्धि होने की संभावना है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और इस पर सरकार की कया प्रतिक्रिया है.
(ङ ) पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा इस संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं?
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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