कोरोना संकट : Air India के लिए बोली लगाने की तारीख 30 अप्रैल से आगे बढ़ा सकती है सरकार

DGCA on Air India
राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया में बोली लगाने के लिए समयसीमा को 30 अप्रैल से आगे बढ़ा सकती है सरकार
नयी दिल्ली : कोविड-19 की वजह से सरकार राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया की खरीद के लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख को 30 अप्रैल से आगे बढ़ा सकती है. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस महामारी की वजह से वैश्विक स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. इस वजह से एयर इंडिया के लिए बोली की तारीख को आगे बढ़ाया जा सकता है.
सरकार ने कर्ज के बोझ तले दबी राष्ट्रीय विमानन कंपनी में हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया 27 जनवरी को शुरू की थी. बोली जमा कराने की समयसीमा को यदि बढ़ाया जाता है, तो यह दूसरा मौका होगा, जब एयरलाइन के लिए बोली लगाने की तारीख आगे बढ़ेगी. पहले एयर इंडिया के लिए बोली लगाने की अंतिम तारीख 17 मार्च थी. इच्छुक कंपनियों के आग्रह और कोरोना वायरस से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर इसे बढ़ाकर 30 अप्रैल किया गया. अधिकारी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक और घरेलू परिस्थतियिों को देखते हुए इस बात की गुंजाइश है कि बोली लगाने की तारीख और आगे बढ़ायी जा सकती है.
कोविड-19 से विमानन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है. एयरलाइंस को जहां अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं, वहीं कर्मचारियों के वेतन में भी कटौती की गयी है. सरकार ने 2018 में भी एयर इंडिया की बिक्री का प्रयास किया था, जो विफल रहा था. उसके बाद जनवरी, 2020 में सरकार ने विनिवेश की प्रक्रिया को फिर शुरू किया और एयर इंडिया में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के लिए बोलियां आमंत्रित कीं.
इसमें एयर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड में एयर इंडिया की 100 फीसदी तथा एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में 50 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री शामिल है. एयरलाइन पर 31 मार्च, 2019 तक 60,074 करोड़ रुपये का कर्ज था. खरीदार को इसमें से 23,286.5 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ उठाना होगा. शेष कर्ज विशेष इकाई एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड को स्थानांतरित किया जाएगा.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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