Yes Bank Crisis पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, 2017 से ही बैंक की निगरानी कर रहा है आरबीआई
Author : KumarVishwat Sen Published by : Prabhat Khabar Updated At : 06 Mar 2020 6:08 PM
येस बैंक संकट पर शुक्रवार की शाम को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आरबीआई की ओर से की गयी कार्रवाई कोई नयी नहीं है. इस बैंक की अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय बैंक इस बैंक की गतिविधियों पर वर्ष 2017 से ही नजर रखे हुए है.
नयी दिल्ली : संकट में घिरे निजी क्षेत्र के येस बैंक मामले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) वर्ष 2017 से ही येस बैंक की निगरानी कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस दौरान प्रशासन संबंधी मसले, कमजोर अनुपालन, गलत परिसंपत्ति वर्गीकरण की बात सामने आयी है. रिजर्व बैंक ने गुरुवार की देर शाम को निजी क्षेत्र के येस बैंक के बोर्ड को भंग करने के बाद उस पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसके साथ ही, उसने इस बैंक के तमाम खातों से हर महीने 50,000 रुपये निकासी की सीमा भी तय कर दी है. सीतारमण ने कहा कि कर्ज के जोखिम भरे फैसलों का पता चलने के बाद रिजर्व बैंक ने येस बैंक प्रबंधन में बदलाव पर जोर दिया है.
येस बैंक में गड़बड़ी के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियों को भी येस बैंक में अनियमितताओं का पता चला है. उन्होंने कहा कि येस बैंक के कर्मचारियों की नौकरी, वेतन एक साल तक सुरक्षित हैं, जमाएं और देनदारियां अप्रभावित रहेंगी. आरबीआई पता लगायेगा कि येस बैंक में क्या गलत हुआ? इसमें व्यक्तिगत भूमिका का पता लगाना होगा. इसके साथ ही, उन्होंने यह जानकारी भी दी कि अनिल अंबानी ग्रुप, एस्सेल, डीएचएफएल, आईएलएफएस, वोडाफोन आदि तमाम उन संकटग्रस्त कंपनियों को येस बैंक ने कर्ज दिया है.
गौरतलब है कि आरबीआई की ओर से येस बैंक पर नियामकीय प्रतिबंध लगाये जाने का असर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला. कारोबार की शुरुआत से ही बंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख संवेदी सूचकांक में 894 अंक की भारी गिरावट दर्ज की गयी. बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के दौरान एक समय 1,459 अंक तक नीचे आ गया था. अंत में यह 893.99 अंक या 2.32 फीसदी के नुकसान से 37,576.62 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 279.55 अंक या 2.48 फीसदी के नुकसान से 10,989.45 अंक पर आ गया.
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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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