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डोलो-650 की बिक्री बढ़ाने के लिए डॉक्टरों को दिये 1000 करोड़ रुपये? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

Updated at : 19 Aug 2022 6:42 AM (IST)
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डोलो-650 की बिक्री बढ़ाने के लिए डॉक्टरों को दिये 1000 करोड़ रुपये? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

Mumbai: Union Transport Minister Nitin Gadkari during unveiling of India's first double decker AC electric bus in Mumbai, Thursday, Aug. 18, 2022. (PTI Photo/Kunal Patil)(PTI08_18_2022_000076B)

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गयी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फार्मास्युटिकल कंपनियों पर द्वारा कथित तौर पर डोलो 650 दवा की बिक्री बढ़ाने के लिए डॉक्टरों पर 1000 करोड़ रुपये खर्च कर दिये गये.

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डोलो 650 दावा की ब्रिकी बढ़ाने के लिए डॉक्टरों पर 1000 करोड़ रुपये खर्च करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट सख्त टिप्पणी करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से जवाब मांगा है.

क्या है मामला

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गयी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फार्मास्युटिकल कंपनियों पर द्वारा कथित तौर पर डोलो 650 दवा की बिक्री बढ़ाने के लिए डॉक्टरों पर 1000 करोड़ रुपये खर्च कर दिये गये. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए इस पर हैरानी जतायी. जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की सुप्रीम कोर्ट की बेंच को बताया गया कि लोकप्रिय बुखार की दवा डोलो-650 टैबलेट के निर्माताओं ने रोगियों को इसकी दवा निर्धारित करने के लिए मुफ्त में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया था.

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, उन्हें भी कोरोना होने पर यही दवा लेने की सलाह दी गयी थी

फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारिख ने कहा कि सेंट्रल बोर्ड फॉर डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने डोलो-650 टैबलेट के निर्माताओं पर डॉक्टरों को 1,000 करोड़ रुपये के मुफ्त उपहार बांटने का आरोप लगाया है. इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि यहां तक ​​​​कि उन्हें भी वही टैबलेट निर्धारित किया गया था जब उन्हें कोरोना था.

कोर्ट ने केंद्र से 10 दिन में मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने डोलो 650 की बिक्री बढ़ाने के लिए डॉक्टरों को 1000 करोड़ रुपये दिये जाने के मामले पर केंद्र सरकार से 10 दिनों के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया है.

जनहित याचिका में क्या है

सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका में दावा किया गया है कि ऐसे कई उदाहरण हैं जो बताते हैं कि कैसे फार्मास्युटिकल क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार मरीजों के स्वास्थ्य को खतरे में डालता है. याचिका में कहा गया है कि इस तरह के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं.

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