Budget 2026: टैक्स में राहत और निवेश की बहार, CRISIL ने बताया बजट 2026 का पूरा गणित

Budget 2026: बजट 2026 पर एक्सपर्ट धर्मकीर्ति जोशी का मानना है कि मजबूत GDP (7.4%) और कम महंगाई सरकार के लिए शुभ संकेत हैं. टैक्स कलेक्शन बढ़ने की उम्मीद है, जिससे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों और नए सेक्टर्स को बढ़ावा मिलेगा. हालांकि, राज्यों का कर्ज और ग्लोबल ट्रेड चुनौतियां अब भी बरकरार हैं.
Budget 2026: केंद्रीय बजट को लेकर CRISIL (Credit Rating Information Services of India Limited ) के मुख्य इकोनॉमिस्ट धर्मकीर्ति जोशी ने बजट की दिशा और देश की आर्थिक सेहत को लेकर बड़ी बातें कही हैं. उनका मानना है कि यह बजट एक बहुत ही मजबूत आर्थिक आधार पर तैयार किया जा रहा है, जहां विकास दर (GDP) उम्मीद से ज्यादा रही है और महंगाई काबू में हैं.
यहां जानिए आने वाले बजट और अर्थव्यवस्था से जुड़ी 5 बड़ी बातें
सरकार के लिए राहत की बात
- धर्मकीर्ति जोशी के अनुसार, सरकार के लिए राहत की बात यह है कि पिछला साल उम्मीद से कहीं बेहतर रहा.
- GDP में उछाल: FY 2025-26 के लिए GDP अनुमान को 6.3% से बढ़ाकर अब 7.3-7.4% कर दिया गया है.
- महंगाई पर लगाम: महंगाई दर उम्मीद से कम रहने के कारण सरकार को राजकोषीय प्रबंधन में काफी मदद मिली है.
- अगला लक्ष्य: अगले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था के 6.7% की दर से बढ़ने का अनुमान है.
ज्यादा टैक्स कलेक्शन और कॉरपोरेट ग्रोथ
- अगले साल (FY 2026-27) नॉमिनल GDP (महंगाई सहित विकास दर) पिछले साल के मुकाबले बेहतर रहने की उम्मीद है.
- फायदा: इससे सरकार का टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा.
- कंपनियों का प्रदर्शन: नॉमिनल GDP बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे और उनकी परफॉर्मेंस में भी सुधार आने की संभावना है.
‘विकसित भारत 2047’ और नई घोषणाएं
- बजट में सरकार का ध्यान लंबी अवधि के विजन पर रहने वाला है.
- नए सेक्टर्स पर जोर: इलेक्ट्रॉनिक्स और ACC बैटरियों (Advanced Chemistry Cell) जैसे नए क्षेत्रों को और अधिक प्रोत्साहन (Incentives) मिल सकता है.
- टैक्स में स्थिरता: टैक्स व्यवस्था में बार-बार बदलाव से बचते हुए सरकार नए टैक्स कोड और तर्कसंगत दरों पर फोकस रखेगी.
अमेरिका और यूरोप के साथ ट्रेड डील है जरूरी
- वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय निर्यातकों (Exporters) को सुरक्षा देना जरूरी है.
- टैरिफ की चुनौती: भारत पर दुनिया के सबसे अधिक टैरिफ (सीमा शुल्क) में से कुछ लागू हैं.
- समाधान: जोशी का कहना है कि अगर अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के साथ व्यापार समझौते (Trade Deals) हो जाते हैं, तो भारतीय सामान के लिए विदेशी बाजार आसान हो जाएंगे.
चुनौतियां: राज्यों का कर्ज और प्राइवेट निवेश
- आर्थिक मजबूती के बावजूद कुछ मोर्चों पर सावधानी की जरूरत है.
- राज्यों का घाटा: केंद्र सरकार तो अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा कर रही है, लेकिन राज्यों द्वारा बजट से ज्यादा कर्ज लेना एक चिंता का विषय है. इससे बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) ऊंची बनी हुई हैं.
- निजी निवेश: स्टील, सीमेंट और तेल-गैस जैसे क्षेत्रों में तो निवेश बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी पूरी तरह से ‘एनिमल स्पिरिट’ (बड़े पैमाने पर निजी निवेश) का दिखना बाकी है.
Also Read: बजट 2026 में ‘देश पहले’ फॉर्मूला ? डोमेस्टिक इकोनॉमी पर ज्यादा जोर, बोले एक्सपर्ट
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अभिषेक पाण्डेय
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव
अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










