Advance Tax Deadline: 15 सितंबर से पहले भर दें एडवांस टैक्स, देर की तो देना होगा ब्याज
टैक्स कैलकुलेशन और पैसों का हिसाब-किताब (Photo: Freepik)
क्या आपकी टैक्स देनदारी ₹10,000 से ज्यादा है? जानिए कौन-कौन इस दायरे में आता है और लेट पेमेंट पर लगने वाले ब्याज से खुद को कैसे बचाएं.
अगर आपकी टैक्स देनदारी पूरे साल में 10,000 रुपये या उससे ज्यादा बनती है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. टैक्स ईयर 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त चुकाने की आखिरी तारीख 15 सितंबर है. जो लोग समय पर यह टैक्स जमा नहीं करेंगे, उन्हें आयकर विभाग (Income Tax Department) को ब्याज देना पड़ सकता है.
एडवांस टैक्स क्या है और यह कब जमा करना होता है?
आसान शब्दों में कहें तो एडवांस टैक्स का मतलब है 'जैसे-जैसे कमाएं, वैसे-वैसे टैक्स भरें' (Pay as you earn). आपको साल के अंत तक का इंतजार करने के बजाय अपनी अनुमानित (Estimated) कमाई पर साल के दौरान ही चार किस्तों में टैक्स देना होता है.
किस्तों का शेड्यूल:
- 15 जून: कुल टैक्स का कम से कम 15%
- 15 सितंबर: कुल टैक्स का कम से कम 45% (क्युमुलेटिव)
- 15 दिसंबर: कुल टैक्स का कम से कम 75%
- 15 मार्च: कुल टैक्स का 100%
ध्यान दें: 15 सितंबर तक आपको 45% टैक्स फिर से अलग से नहीं भरना है. जून में दी गई 15% की रकम इसमें एडजस्ट हो जाएगी, यानी आपको बचा हुआ हिस्सा ही देना है.
एडवांस टैक्स किसे भरना जरूरी है?
कई लोगों को लगता है कि एडवांस टैक्स सिर्फ कारोबारियों के लिए होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है.
| कौन आता है दायरे में? | नियम और शर्तें |
| सामान्य नियम | ऐसे सभी करदाता (taxpayer) जिनकी TDS/TCS कटने के बाद साल की अनुमानित टैक्स देनदारी ₹10,000 या अधिक है. |
| नौकरीपेशा (Salaried) | अगर सैलरी के अलावा ब्याज, किराए या शेयर बेचने (Capital Gains) से भी कमाई होती है और TDS पूरा नहीं पड़ा है. |
| बिजनेसमैन/फ्रीलांसर | व्यापार, पेशे या फ्रीलांसिंग से कमाई करने वाले सभी लोग. |
| किन्हें छूट है? | भारत में रहने वाले ऐसे वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens) जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से कोई कमाई नहीं है. |
शेयर बाजार या अचानक हुई कमाई का हिसाब कैसे होगा?
अगर आपने जून की पहली किस्त भरने के बाद शेयर या प्रॉपर्टी बेची है और उससे कैपिटल गेंस (Capital Gains) हुआ है, तो घबराएं नहीं. एडवांस टैक्स का नियम काफी लचीला है. आप अपनी बदलती हुई आय के हिसाब से दोबारा अनुमान लगा सकते हैं और आगे आने वाली किस्तों (जैसे 15 सितंबर या 15 दिसंबर) में टैक्स की रकम को एडजस्ट कर सकते हैं.
एडवांस टैक्स न भरने पर क्या नुकसान होगा?
अगर आप तय तारीख तक एडवांस टैक्स नहीं जमा करते हैं या कम रकम भरते हैं, तो:
- आपको नियमानुसार देरी या शॉर्ट पेमेंट पर ब्याज देना पड़ेगा.
- साल के अंत में जब आप फाइनल टैक्स भरेंगे, तो आपकी जेब पर एक साथ बड़ा आर्थिक बोझ पड़ेगा.
15 सितंबर से पहले आपको क्या करना चाहिए?
कमाई का हिसाब लगाएं: अपनी अब तक की कमाई और पूरे साल होने वाली संभावित आय (ब्याज, किराया आदि) का अंदाजा लगाएं.
- TDS/TCS चेक करें: देखें कि आपकी आय पर कितना TDS या TCS कट चुका है या कटने वाला है.
- बकाया निकालें: कुल अनुमानित टैक्स में से TDS/TCS घटाकर देखें कि क्या आपकी देनदारी 10,000 रुपये से ऊपर जा रही है. यदि हां, तो 15 सितंबर तक 45% का कुल लक्ष्य पूरा कर लें.
ये भी पढ़ें: Ration Card: इन राशन कार्डों पर लग सकती है रोक? जल्द करा लें यह काम
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए