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मलेशिया के पॉम ऑयल पर सुरक्षात्मक शुल्क लगने से सितंबर में वनस्पति तेल का आयात 13 फीसदी घटा

Updated at : 15 Oct 2019 6:19 PM (IST)
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मलेशिया के पॉम ऑयल पर सुरक्षात्मक शुल्क लगने से सितंबर में वनस्पति तेल का आयात 13 फीसदी घटा

नयी दिल्ली : वनस्पति तेल का आयात सितंबर, 2019 में पिछले साल इसी महीने की तुलना में 13 फीसदी घटकर 13.03 लाख टन रहा. पिछले साल का भारी स्टॉक बचा होने तथा मलेशिया के पाम ऑयल पर सुरक्षात्मक शुल्क लगाने से ऐसा हुआ है. उद्योगमंडल सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने मंगलवार को यह […]

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नयी दिल्ली : वनस्पति तेल का आयात सितंबर, 2019 में पिछले साल इसी महीने की तुलना में 13 फीसदी घटकर 13.03 लाख टन रहा. पिछले साल का भारी स्टॉक बचा होने तथा मलेशिया के पाम ऑयल पर सुरक्षात्मक शुल्क लगाने से ऐसा हुआ है. उद्योगमंडल सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

एसईए ने बताया कि मलेशिया से होने वाले आयात पर रोक लगाये जाने के अनुमानों के बीच कई व्यापारी पाम तेल के आयात के लिए इंडोनेशिया का रुख कर रहे हैं. मलेशिया ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करने के भारत के फैसले पर संयुक्त राष्ट्र में सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया था.

एसोसिएशन ने कहा कि सरकार ने चार सितंबर से प्रभावी होने वाले मलेशियाई मूल के आरबीडी पामोलिन/पाम ऑयल पर पांच फीसदी का सुरक्षा शुल्क लगाया है. इसे देखते हुए किसी भी स्थान से आने वाले कच्चे और परिष्कृत पाम तेल के बीच का शुल्क का अंतर 10 फीसदी तक बढ़ गया है. हालांकि, इसमें कहा गया है कि आरबीडी पामोलिन का आयात सितंबर में लगभग पूर्व के स्तर पर ही रहा पर मलेशिया से आयात की मात्रा पिछले महीने के आयात से एक तिहाई कम हो गयी है.

एसईए के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता ने वनस्पति तेल के आयात में गिरावट आने का कारण पिछले साल का बचा हुआ स्टॉक तथा सुरक्षा शुल्क लगाये जाने को बताया. बयान में कहा गया कि दूसरी बात यह है कि हाल ही में मीडिया में आयी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार सितंबर में संयुक्त राष्ट्र में मलेशिया के शत्रुतापूर्ण व्यवहार के बाद मलेशिया से पाम तेल के आयात पर रोक लगाने के लिए कुछ कार्रवाई कर सकती है.

संयुक्त राष्ट्र में मलेशिया ने आरोप लगाया कि भारत ने जम्मू-कश्मीर पर हमला कर उस पर कब्जा कर लिया है. उसके इस बयान पर भारत की ओर से कुछ प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई सामने आने की आशंका के कारण कई आयातक/प्रसंस्करण करने वाली कंपनियां नवंबर-दिसंबर खरीद खेप के लिए मलेशिया के स्थान पर इंडोनेशिया का रुख कर रही हैं. सितंबर के दौरान वनस्पति तेलों (खाद्य और अखाद्य तेल दोनों) का आयात 13 फीसदी घटकर 13,03,976 टन रहा.

एक साल पहले इसी महीने यह 14,91,174 टन था. सितंबर 2019 में खाद्य तेल का आयात घटकर 12,54,443 टन रहा, जो पिछले साल सितंबर में 14,22,003 टन था, जबकि अखाद्य तेल आयात समीक्षाधीन अवधि में पहले के 69,171 टन से घटकर 49,533 टन रह गया. एसईए ने एक बयान में कहा कि नवंबर 2018 से सितंबर, 2019 के दौरान वनस्पति तेलों का कुल आयात तीन फीसदी बढ़कर एक करोड़ 41.7 लाख टन हो गया.

एसईए ने कहा कि नवंबर, 2018 से सितंबर, 2019 के दौरान मलेशिया से आयातित पामोलीन पर कम शुल्क होने के कारण रिफाइंड तेल (आरबीडी पामोलीन) का आयात बढ़कर 26,12,394 टन हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 19,98,813 टन का हुआ था. नीतजतन, कच्चे तेल का आयात कम हुआ, जो घटकर 1,09,69,087 टन रह गया, जो आयात पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1,13,43,273 टन था. इसकी वजह से घरेलू उद्योग का क्षमता उपयोग में कमी आयी.

नवंबर 2018 से सितंबर 2019 के दौरान आरबीडी पामोलिन के अधिक आयात के कारण पाम तेल का आयात बढ़कर 86,30,680 टन हो गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान 79,47,472 टन का हुआ था. समीक्षाधीन अवधि के दौरान हल्के तेल (सॉफ्ट आयल) का आयात घटकर 49,50,801 टन रह गया, जो पूर्व वर्ष की समान अवधि में 53,94,614 टन का हुआ था.

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