नीतीश कुमार का अनूठा प्रयोग, बिहार के हर जिले में किन्नर दारोगा और पुलिस कॉन्स्टेबल होंगे तैनात

Transgender in Bihar Police: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के एक प्रयोग से किन्नरों (Transgender) को लेकर आपकी मानसिकता जल्द ही बदल जाएगी. बिहार सरकार (Bihar GovT) ने किन्नरों को पुलिस की नौकरी में भी जगह देने का फैसला लिया है. आने वाले दिनों में राज्य के हर जिले में कम से कम एक किन्नर दारोगा और चार सिपाही पोस्टिंग होगी.
Transgender in Bihar Police: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के एक प्रयोग से किन्नरों (Transgender) को लेकर आपकी मानसिकता जल्द ही बदल जाएगी. बिहार सरकार (Bihar GovT) ने किन्नरों को पुलिस की नौकरी में भी जगह देने का फैसला लिया है. आने वाले दिनों में राज्य के हर जिले में कम से कम एक किन्नर दारोगा और चार सिपाही पोस्टिंग होगी.
बिहार सरकार (Bihar Govt) ने पटना हाइकोर्ट (Patna Highcourt) में शपथपत्र दायर कर कहा है कि पुलिस की बहाली में ट्रांसजेंडर को आरक्षण दिया गया है. कोर्ट में कहा गया कि सभी जिलों में किन्नर समुदाय से एक-एक दारोगा और चार-चार सिपाहियों की तैनाती की जायेगी. कोर्ट ने किन्नरों को न्याय दिलाने वाली उस याचिका को बुधवार को निष्पादित कर दिया, जिसके तहत उन्हें अब पुलिस की नौकरी में आरक्षण मिलेगा.
बता दें कि बुधवार को पटना हाइकोर्ट में बिहार सरकार ने एक हलफनामा दायर कर जानकारी दी कि किन्नरों की संख्या राज्य की कुल आबादी का 0.039 प्रतिशत है. उसी आधार पर राज्य सरकार ने कोटा निर्धारित कर दिया है. यानी हर एक जिले में जब पुलिस बलों की नियुक्ति होगी, तो उसमें ऑफिसर के एक पद और कांस्टेबल के चार पदों पर किन्नरों की नियुक्ति होगी.
पुष्ट जानकारी के मुताबिक इनकी आबादी अधिक हुई तो स्क्वायड और प्लाटून के रूप में गठित होगी. मालूम हो कि वीरा यादव ने एक लोकहित याचिका दायर की थी, जिस पर मुख्य न्यायाधीश संजय करोल की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय खंडपीठ में सुनवाई चल रही थी.
याचिकाकर्ता का कहना था कि किन्नरों को सामाजिक न्याय नहीं मिल रहा है. जो किन्नर पढ़े-लिखे और सभी कामों में कुशल हैं, उन्हें पुलिस में आरक्षण नहीं मिल रहा है. इस पर राज्य सरकार ने हलफनामा दायर कर कहा कि किन्नरों के लिए पुलिस विभाग में स्पेशल यूनिट बना है, ताकि इनकी सामाजिक विसंगतियों को दूर किया जा सके. भविष्य में उन्हें अन्य प्रकार की सुविधाएं दी जायेंगी. सरकार के इस जवाब के बाद खंडपीठ ने याचिका को निष्पादित कर दिया.
Posted By: Utpal kant
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