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बिहार: प्रधानाध्यापकों के कक्ष में जमा हो जाएगा गुरुजी का फोन, केके पाठक ने दिया निर्देश, जानें कारण

Updated at : 30 Jul 2023 9:59 AM (IST)
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बिहार: प्रधानाध्यापकों के कक्ष में जमा हो जाएगा गुरुजी का फोन, केके पाठक ने दिया निर्देश, जानें कारण

Bihar News: बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इन दिनों सुर्खियों में है. यह स्कूलों में लगातार निरीक्षण के लिए पहुंच रहे है. इसी बीच भागलपुर में जिला शिक्षा कार्यालय ने स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के लिए निर्देश जारी किया गया है.

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Bihar News: बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इन दिनों सुर्खियों में है. यह स्कूलों में लगातार निरीक्षण के लिए पहुंच रहे है. इसी बीच भागलपुर में जिला शिक्षा कार्यालय ने स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के लिए निर्देश जारी किया गया है. जिले में अब स्कूल के शिक्षक बिना वजह के या बिना जरुरी काम के अपने फोन का इस्तेमाल स्कूल में नहीं कर सकेंगे. जिले के सरकारी स्कूलों के शिक्षक बिना जरूरी वजह के मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेंगे. इस बाबत जिला शिक्षा कार्यालय ने स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी किया है.

शिक्षक आवश्यक काम के लिए करेंगे मोबाइल का उपयोग

डीइओ संजय कुमार के अनुसार कक्षा के समय शिक्षकों को मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश पटना मुख्यालय से मिला है, लेकिन शिक्षक आवश्यक काम के लिए मोबाइल का उपयोग कर सकते हैं. शिक्षक स्कूल आने के बाद प्रिंसिपल कार्यालय में अपना फाेन जमा करेंगे. स्कूल अवधि में शिक्षक व्हाट्सएप व अन्य चैटिंग नहीं कर सकते हैं. साथ ही स्कूल परिसर में शिक्षक शॉर्ट वीडियो व रील्स भी नहीं बना सकेंगे. डीइओ ने बताया कि निरीक्षण के कारण पाया गया कि शिक्षक बेवजह फोन पर लगे रहते हैं. इस कारण यह फैसला लिया गया है. निरीक्षण के कारण शिक्षकों की उपस्थिति बढ़ी है.

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शिक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती

स्कूलों में बच्चों को कम पढ़ाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इन शिक्षकों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है. दूसरी ओर स्कूलों में औचक निरीक्षण किया जा रहा है. इसके बाद शिक्षक सही समय पर स्कूल पहुंच रहे हैं. शिक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती की गई है. निलंबन की कार्रवाई से राज्य भर के शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है. आलम यह है कि हर दिन ये चर्चा अलग-अलग देखी जा रही है कि आज शायद के के पाठक औचक निरीक्षण पर स्कूल आ जाएंगे. जहां भी ये चर्चा छिड़ी कि वहां शिक्षक पूरे अलर्ट मोड पर दिख रहे हैं. कई जगहों पर उनके आने की अफवाह से शिक्षक परेशान हैं. वहीं दूसरी ओर के के पाठक स्कूलों में औचक निरीक्षण करने पहुंच भी रहे हैं.

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वाट्सएप व अन्य चैटिंग पर रोक

बता दें कि कुछ दिनों पहले शिक्षा विभाग ने स्कूल अवधि में शिक्षकों की वाट्सएप व अन्य चैटिंग पर रोक लगा दी. इसके साथ ही शिक्षक शॉर्ट वीडियो और रील्स भी नहीं बना सकेंगे. उसके लिए भी मनाही कर दी गयी है. शिक्षक केवल शैक्षणिक गतिविधियों के लिए और जरूरी कॉल ही लगा सकेंगे. इस पर प्रधानाध्यापकों को सख्त निगरानी के लिए कहा गया है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस आदेश को कड़ाई से लागू करने को कहा है. इसके बाद जिला कार्यालय की ओर से प्रधानाध्यापकों को अब निर्देश जारी किया गया है.

केके पाठक ने आदेश जारी कर कहा कि सभी शिक्षक स्कूल समय से आ-जा रहे हैं. अधिकांश शिक्षक निष्ठापूर्वक शिक्षण कार्य में लगे रहते हैं, लेकिन इनमें से कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जो बच्चों को टास्क देकर वाट्सएप और रील्स देखने में लग जाते हैं. इसलिए विभाग ने इस पर सख्ती लगाते हुए स्कूल अवधि में इस तरह के सोशल मीडिया में व्यस्त रहने पर रोक लगायी है. अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि अनिवार्य काॅल या शैक्षिक गतिविधियों के लिए ही वह मोबाइल का उपयोग कर सकेंगे.

निरीक्षण के दौरान छात्रों ने भी मुख्य सचिव से शिकायत की है. मुख्य सचिव से कहा कि विज्ञान का शिक्षक नहीं हैं और इंटर के विद्यार्थियों ने कहा कि साइंस का शिक्षक नहीं हैं. इस पर पाठक ने डीइओ को निर्देश दिया कि जल्द दो विषय के शिक्षक प्रतिनियुक्त करें. साथ ही स्कूल के जर्जर दो कमरे को देखकर डीइओ को कनीय अभियंता से निर्माण कराने का भी आदेश दिया. पाठक ने स्कूल के प्रभारी प्राचार्या खुर्शीद खातून व प्रधान लिपिक अश्विनी पाण्डेय ने कई दिशा-निर्देश दिये.

विभाग के निर्देश में कहा गया है कि कई शिक्षक अभी भी ऐसे हैं, जो शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान अपने फोन पर वाट्सएप चैटिंग और दूसरी गतिविधियों पर लिप्त रहते हैं. इससे पठन-पाठन पर असर पड़ता है. इस तरह की रिपोर्ट आने के बाद विभाग की तरफ से यह सख्त कदम उठाया गया है. निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थित पर विभाग का खास फोकस रहा है. इसका फायदा भी हुआ है. अधिकतर शिक्षक स्कूल आने भी लगे हैं. अब विभाग का फोकस है कि जो शिक्षक आयें, वह केवल शैक्षणिक गतिविधियों में ही शामिल रहे हैं. इससे भी छात्र और छात्राओं को फायदा जरुर मिलेगा.

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