टिम बर्नर्स-ली : इंटरनेट के जरिये इंसानों की जिंदगी बदलने वाला शख्स

Tim Berners-Lee change Man life through internet 8 june birthday : सूचनाओं के संसार से जुड़े रहने का एहसास हम सबको वेब ही कराता है. आज वेब सूचनाओं को इस्तेमाल व साझा करने का महत्वपूर्ण तंत्र बन गया है. दिन हो या रात, सूचनाओं को हम तक पहुंचाने में जिस शख्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है उनका नाम सर टिम बर्नर्स ली है. आज वर्ल्ड वेब साइट फाउंडर टिम बर्नर्स ली का जन्मदिन है.
सूचनाओं के संसार से जुड़े रहने का एहसास हम सबको वेब ही कराता है. आज वेब सूचनाओं को इस्तेमाल व साझा करने का महत्वपूर्ण तंत्र बन गया है. दिन हो या रात, सूचनाओं को हम तक पहुंचाने में जिस शख्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है उनका नाम सर टिम बर्नर्स ली है. आज वर्ल्ड वेब साइट फाउंडर टिम बर्नर्स ली का जन्मदिन है.
विश्व प्रसिद्ध कंप्यूटर इंजीनियर बर्नर्स ली का जन्म इंगलैंड में हुआ था. लंदन में पले बढ़े बर्नर्स ली ने 1976 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से फिजिक्स विषय में ग्रेजुएशन किया और सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनें. मैथेमेटिशियन माता- पिता की संतान बर्नर्स ली का बचपन से ही कंप्यूटर से लगाव रहा था. ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने इंगलैंड स्थित प्लेसी टेलीकम्यूनिकेशन लिमिटेड में दो साल तक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डिजाइन पर शोधकार्य किया. बाद में वे जेनेवा स्थित यूरोपियन आर्गनाइजेशन फॉर न्यूक्लियर रिसर्च जिसे सर्न के नाम से भी जाना जाता है, बतौर विशेषज्ञ काम करने लगे.
यहां उन्होंने इनक्वायर नामक कंप्यूटर प्रोग्राम विकसित किया और इसे हाइपरटेक्सट के नाम से जाना गया. कई शोध संस्थानों में बतौर कंप्यूटर इंजीनियर अलग -अलग कंप्यूटर सिस्टम डिजाइन करने के बाद 1984 में वे एक बार फिर जेनेवा स्थित सर्न लौट आये. 1989 में बर्नर्स-ली ने एक वैश्विक हाइपरटेक्स्ट दस्तावेज़ प्रणाली बनाने का प्रस्ताव पेश किया. इस तकनीक को विकसित करने के पीछे उनका लक्ष्य सूचनाओं को आॅनलाइन करना था ताकि इसे दिन या रात कभी भी प्राप्त किया जा सके.
20वीं शताब्दी के महत्वपूर्ण लोगों की सूची में हुए शामिल: उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका स्थित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी लेबोरेट्ररी फॉर कंप्यूटर साइंस में वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्टियम की स्थापना की. यह कंसोर्टियम वेब और इससे जुड़े मानकीकरण का काम करता है. टाइम मैगजीन ने 1999 में उन्हें 20वीं शताब्दी के महत्वपूर्ण लोगों की सूची में शामिल किया था. वे कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजे जा चुके हैं. उनका वाक्य ‘दि वेब डज़ नॉट जस्ट कनेक्ट मशीन्स, इट कनेक्ट्स पीपुल’ सबसे अधिक लोकप्रिय माना जाता है.
इनपुट : शिकोह अलबदर
Posted By : Rajneesh Anand
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By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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