Army वाला लुक, 20.2HP का इंजन... Royal Enfield Classic 350 Gorkha Edition खरीदने से पहले जानें इसकी 5 खास बातें

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Royal Enfield Classic 350 Gorkha Edition (Pic: Royal Enfield)

रॉयल एनफील्ड की क्लासिक 350 का नया गोरखा एडिशन भारतीय सेना की गोरखा रेजीमेंट को समर्पित है. अगर आप इसे खरीदने की सोच रहे हैं, तो इस खास एडिशन के बारे में ये 5 बातें जरूर जान लें.

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रॉयल एनफील्ड ने क्लासिक 350 का नया गोरखा एडिशन (Royal Enfield Gorkha Edition) लॉन्च किया है. यह भारतीय सेना की गोरखा रेजीमेंट की बहादुरी और अनुशासन को सलाम करने के लिए बनाया गया है. इस बाइक में गोरखा रेजीमेंट की झलक साफ देखने को मिलती है. लॉन्च होने के बाद यह मोटरसाइकिल ग्राहकों के बीच लगातार चर्चा में है. अगर आप इसे खरीदना चाहते हैं तो आपको इसके बारे में यह 5 बातें जरूर जाननी चाहिए.

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Royal Enfield Gorkha Edition: क्लासिक 350 से अलग कैसे है?

रॉयल एनफील्ड बाइक का यह एक खास एडिशन है, इसलिए इसमें गोरखा ग्रीन नाम का नया कलर दिया गया है जो सेना की गाडियों जैसा दिखता है. इसके दोनों साइड पैनल पर दो-क्रॉस खुकरी बनी हैं जो गोरखा रेजीमेंट का साइन है. फ्यूल टैंक पर फ्यूल लिड के ठीक ऊपर गोरखा एडिशन का स्टिकर भी दिया गया है. इसके अलावा बाइक की डिजाइन और साइज में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

Royal Enfield Gorkha Edition: कीमत कितनी है?

रॉयल एनफील्ड ने क्लासिक 350 गोरखा एडिशन की कीमत 2.11 लाख रुपये (एक्स शोरूम दिल्ली) रखी है. क्लासिक 350 की रेंज 1.87 लाख रुपये से शुरू होकर 2.24 लाख रुपये तक जाती है और यह मॉडल इस रेंज के बिल्कुल बीच में आता है. इसके अलावा कमांडो सैंड नाम का एक और मॉडल है जिसकी कीमत भी गोरखा एडिशन के बराबर ही है.

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Royal Enfield Gorkha Edition: इंजन कैसा है?

क्लासिक 350 गोरखा एडिशन में रॉयल एनफील्ड का भरोसेमंद J सीरीज इंजन ही दिया गया है. यह इंजन पहली बार 2020 में आई मिटिओर 350 में दिखा था. यह सिंगल सिलेंडर एयर कूल्ड इंजन 20.2hp की पावर और 27Nm का टॉर्क देता है.

Royal Enfield Gorkha Edition: डुअल चैनल ABS है?

क्लासिक 350 के मॉडल्स में मुख्य रूप से दो चीजें अलग होती हैं पहला कलर और दूसरा ABS. कुल आठ रंगों में से सबसे बेसिक रेडडिच रेड मॉडल में सिंगल चैनल ABS मिलता है. इसके अलावा गोरखा एडिशन समेत बाकी सभी मॉडल्स में डुअल चैनल ABS स्टैंडर्ड मिलता है. ब्रेक की बात करें तो फ्रंट में 300mm और रियर में 270mm का डिस्क ब्रेक दिया गया है.

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Royal Enfield Gorkha Edition: वजन और ग्राउंड क्लीयरेंस

वजन और ग्राउंड क्लीयरेंस में कोई बदलाव नहीं है. इसका वजन 195kg और ग्राउंड क्लीयरेंस 170mm है. अगर आपको रॉयल एनफील्ड का J सीरीज इंजन पसंद है लेकिन वजन ज्यादा लगता है तो आप हंटर 350 ले सकते हैं. यह रॉयल एनफील्ड की सबसे हल्की बाइक है जिसका वजन 181kg है. हालांकि इसका ग्राउंड क्लीयरेंस 160mm है लेकिन 10mm कम होने से कोई खास फर्क नहीं पडता है.


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शिवांश शेखर

लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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