सऊदी अरब पर हमले के लिए कौन दे रहा हूतियों को पैसा और हथियार?

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हथियारों के साथ हूती विद्रोही

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Houthi Military Power : यमन के हूती विद्रोहियों की बढ़ती सैन्य क्षमता के पीछे का सच क्या है? जानिए हूतियों को पैसा और हथियार कहां से मिलते हैं.

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यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच सितंबर 2026 में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. हूतियों ने सऊदी अरब में कई ठिकानों पर हमले का दावा किया है. इसी दौरान उन्होंने एक एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा भी किया. इस घटनाक्रम के बीच सामने आई तस्वीरों और वीडियो में हूतियों के पास बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन और दूसरे आधुनिक हथियार नजर आ रहे हैं.

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ऐसे में सवाल उठता है कि यमन के एक सीमित इलाके में सक्रिय इस संगठन के पास इतनी बड़ी सैन्य क्षमता आखिर आई कहां से? हूतियों को हथियार और पैसा कौन देता है? और उनके पास ऐसे कौन-कौन से मिसाइल और ड्रोन हैं, जिनसे वे सऊदी अरब और लाल सागर में मौजूद जहाजों को निशाना बनाने की क्षमता रखते हैं?

आइए, समझते हैं हूतियों की सैन्य और आर्थिक ताकत की पूरी कहानी.

ईरान से मिलती है मदद, लेकिन कमाई के और भी हैं रास्ते

  • हूतियों को मिलने वाली बाहरी सैन्य मदद की बात करें तो सबसे ज्यादा चर्चा ईरान की होती है. अमेरिकी सरकार और कई अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संस्थाओं की रिपोर्ट में ईरान पर हूतियों को मिसाइल, ड्रोन, हथियार और सैन्य तकनीक उपलब्ध कराने में मदद करने के आरोप लगाए गए हैं.
  • हालांकि, हूतियों की पूरी आर्थिक ताकत को सिर्फ ईरान की मदद से जोड़ना सही नहीं होगा. हूतियों के पास अपने नियंत्रण वाले इलाकों से पैसा जुटाने के भी कई रास्ते हैं.
  • अमेरिकी ट्रेजरी के मुताबिक, पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री, आयात-निर्यात, तस्करी और कारोबारी नेटवर्क से जुड़े मामलों में हूती संगठन को बड़ी रकम मिलने का आरोप है.
  • जनवरी 2026 में अमेरिकी सरकार ने एक हूती तेल नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दावा किया था कि इस नेटवर्क से संगठन को हर साल 2 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई हो रही थी. हालांकि ये अमेरिकी सरकार का आकलन है, कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़ा नहीं.

टैक्स और कारोबार से आता हथियार खरीदने के लिए पैसा

  • हूती जिन इलाकों पर नियंत्रण रखते हैं, वहां सामानों की आवाजाही और कारोबार पर उनका काफी प्रभाव है.
  • पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स और दूसरे कारोबारी शुल्क के अलावा, हूती समर्थित कारोबारी नेटवर्क पर तस्करी में शामिल होने के आरोप भी लगते रहे हैं. दावा किया जाता है कि यमन के सबसे प्रमुख बंदरगाह होदेइदापर हूतियों का कब्जा है. हूती यहां जबरन भारी टैक्स वसूलते हैं, जो उनकी कमाई का जरिया है.
  • अमेरिकी ट्रेजरी ने ऐसे कई नेटवर्क और कारोबारियों पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिन पर हूतियों के लिए तेल और दूसरे सामानों से पैसा जुटाने का आरोप है. रिपोर्ट के अनुसारईरान हूतियों को भारी मात्रा में कच्चा तेल मुफ्त या बहुत कम कीमत पर मुहैया कराता है, हूती इस तेल को अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में बेचकर अरबों रुपये कमाते हैं.
  • इसका मतलब साफ है कि हूतियों की आर्थिक व्यवस्था सिर्फ विदेशी मदद पर निर्भर नहीं है. स्थानीय स्तर पर टैक्स, कारोबार और तेल से जुड़ी गतिविधियां भी संगठन की आय का अहम हिस्सा हैं.

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कितने ताकतवर हैं हूती विद्रोही?

  • कुछ साल पहले तक हूतियों की पहचान मुख्य रूप से हल्के हथियारों से लैस एक स्थानीय विद्रोही संगठन के तौर पर होती थी. लेकिन समय के साथ उनकी सैन्य क्षमता काफी बढ़ी है.
  • आज उनके पास बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन जैसे हथियार मौजूद हैं. इन हथियारों और उनके घटकों का संबंध ईरानी तकनीक से जुड़ा हुआ कहा जाता है.
  • उनकी सैन्य क्षमता में कुद्स सीरीज(Quds) की क्रूज मिसाइल और बरकान परिवार (Burkan) की बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल हैं. इन हथियारों के जरिए हूती यमन से काफी दूर तक लक्ष्य को निशाना बनाने की क्षमता रखते हैं.
  • ड्रोन भी हूतियों की सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं. उनके पास एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन हैं, जिन्हें लक्ष्य से टकराकर विस्फोट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इनमें कुछ ड्रोन का डिजाइन ईरान के शाहेद ड्रोन परिवार(Shahed Drones) से मिलता-जुलता बताया गया है.
शाहेद ड्रोन ईरान की 'शाहेद एविएशन इंडस्ट्रीज' द्वारा विकसित मानव रहित विमानों (UAVs) और आत्मघाती (Kamikaze/Suicide) ड्रोन का एक पूरा परिवार है. ये ड्रोन अपनी बेहद कम उत्पादन लागत (Low-cost) और आधुनिक युद्धक्षेत्र में रक्षा प्रणालियों को व्यस्त करने की क्षमता के लिए जाना जाता है.

यानी हूतियों की ताकत सिर्फ उनके लड़ाकों की संख्या में नहीं, बल्कि मिसाइल, ड्रोन और समुद्री हमले करने की उनकी क्षमता में भी है. यही सैन्य क्षमता उन्हें यमन से बाहर दूर-दराज के ठिकानों और समुद्री रास्तों को निशाना बनाने की ताकत देती है.

समुद्र में भी खतरनाक क्षमता रखते हैं हूती विद्रोही

  • हूतियों की सैन्य क्षमता सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है. लाल सागर में उन्होंने जहाजों को निशाना बनाने के लिए एंटी-शिप मिसाइल, ड्रोन और विस्फोटक से भरी मानवरहित नौकाओं का इस्तेमाल किया है.
  • इसकी वजह से बाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य और लाल सागर में जहाजों की सुरक्षा एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन गई है. यह समुद्री रास्ता एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच व्यापार के लिए बेहद अहम है.
  • हूती हमलों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी कंपनियों ने इस रास्ते से दूरी बनाने या वैकल्पिक मार्ग अपनाने का फैसला किया है.

कैसे बनी हूतियों की इतनी बड़ी सैन्य ताकत?

  • हूतियों की आज की सैन्य ताकत के पीछे सिर्फ ईरान की मदद, बाहरी सैन्य और तकनीकी सहायता के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जुटाई गई कमाई, कारोबार और तस्करी से जुड़े नेटवर्क भी अहम हैं.
  • इसके अलावा, समय के साथ हूतियों ने हथियारों की मरम्मत, असेंबली और कुछ सैन्य प्रणालियों को खुद तैयार करने की क्षमता भी विकसित की है.इसी वजह से हूती अब सिर्फ यमन के भीतर सक्रिय एक विद्रोही संगठन नहीं रह गए हैं.
  • मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ समुद्र में जहाजों को निशाना बनाने की उनकी क्षमता ने लाल सागर की सुरक्षा को प्रभावित किया है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी और पश्चिम एशिया की सुरक्षा पर भी पड़ा है. 

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