PoK में पाकिस्तान के खिलाफ बगावत! 15 साल के किशोरों पर बरसी गोलियां, 100 की मौत से मचा हड़कंप
PoK में पाकिस्तान के खिलाफ जनता सड़कों पर उतरी ( स्रोत- सोशल मीडिया )
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं. स्थानीय लोग महंगाई और आटे जैसी जरूरी वस्तुओं की कमी को लेकर सड़क पर हैं. वहीं प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पों में 100 से अधिक की मौत हो चुकी है.
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. पिछले दो महीनों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में लोग महंगाई, बिजली संकट, आटे की कमी और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं. JAAC का कहना है कि हक मांगने वाले लोगों पर गोलियां चलाई जा रहीं हैं. PoK में मौजूदा चुनावी माहौल के बीच यह आंदोलन पाकिस्तान सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
मस्जिदों से हो रही लोगों को एकजुट होने की अपील
मुजफ्फराबाद सहित कई इलाकों में मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से लोगों से एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की जा रही है. जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि 1990 के दशक में पाकिस्तान की ओर से ऐसे ही लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ माहौल बनाने के लिए किया जाता था. उनके मुताबिक, अब वही तरीका पाकिस्तान के खिलाफ इस्तेमाल हो रहा है और हालात उसके लिए मुश्किल बनते जा रहे हैं.
PoK में बढ़ता जनाक्रोश पाकिस्तान के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है. लगातार विरोध प्रदर्शनों ने इस क्षेत्र में पाकिस्तान की पकड़ कमजोर होने का संकेत दिया है.
15 से 35 साल के युवाओं पर सबसे ज्यादा असर
रावलाकोट में अस्थायी क्लिनिक चला रहे एक डॉक्टर ने बताया कि गोली लगने वाले अधिकांश लोग 15-16 साल से लेकर 32-35 साल की उम्र के हैं. उन्होंने कहा कि उनके पास प्राथमिक उपचार की व्यवस्था है, लेकिन सीने, सिर और पेट में गंभीर चोट वाले मरीजों को बड़े अस्पतालों की जरूरत पड़ती है. एक साथ बड़ी संख्या में घायल आने पर अस्पतालों के लिए भी स्थिति संभालना मुश्किल हो सकता है.
परिजनों का दर्द- 'हमने सिर्फ अपने अधिकार मांगे थे'
प्रदर्शनकारियों और मृतकों के परिवारों का कहना है कि वे सिर्फ सस्ती बिजली, आटा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे थे. एक युवक ने कहा कि "हमने केवल अपने अधिकार मांगे थे, लेकिन हमें गोलियां मिलीं." वहीं, अपने बेटे को खो चुकी एक मां ने कहा कि उनका बेटा आतंकवादी नहीं था, बल्कि न्याय की लड़ाई लड़ रहा था। कई परिवारों ने अपने जवान बेटों को खोने का दर्द साझा किया और कार्रवाई को अन्याय बताया.
सरकार और प्रदर्शनकारियों के दावे आमने-सामने
JAAC का आरोप है कि पाकिस्तान और PoK सरकार ने अक्टूबर 2025 में हुए समझौते को लागू नहीं किया, जिसके कारण लोगों का गुस्सा बढ़ा. दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन का कहना है कि संगठन पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है और उसके कुछ सदस्य हथियारबंद हैं. पाक सरकार का आरोप है कि आंदोलन का मकसद चुनाव प्रक्रिया को बाधित करना है, जबकि प्रदर्शनकारी इसे अपने अधिकारों की लड़ाई बता रहे हैं.
PoK में बढ़ता जनाक्रोश पाकिस्तान के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। उनका कहना है कि लगातार विरोध प्रदर्शनों ने इस क्षेत्र में पाकिस्तान की पकड़ कमजोर होने का संकेत दिया है।
ये भी पढ़ें: मिडटर्म चुनाव से ट्रंप की बढ़ी चिंता ! अब 2028 की सत्ता की बिसात बिछाने में जुटे
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By सत्येन्द्र गिरि
सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.
पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.
सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










