Nepal Flash Floods: मौतों का आंकड़ा 1,287 पहुंचा, 5000 से ज्यादा लापता, सुरंग से जिंदा निकले 2 लोग
काठमांडू और धाडिंग पुलिस के जवान खोज और बचाव अभियान चलाते हुए, फोटो- एएनआई
Nepal Flash Floods: नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक हैं. NDRRMA के अनुसार मृतकों की संख्या 1,287 पहुंच चुकी है.
Nepal Flash Floods: नेपाल में पिछले महीने आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं. देश की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार शुक्रवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 1,287 हो गई है, जबकि 5,083 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. इस बीच त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को जीवित निकाला गया है.
चितवन में सबसे ज्यादा 359 शव बरामद
NDRRMA के मुताबिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक सबसे ज्यादा 359 शव चितवन से बरामद किए गए हैं. इसके बाद नवलपरासी ईस्ट से 219, नवलपरासी वेस्ट से 212, नुवाकोट से 184, रसुवा से 140, गोरखा से 72, धादिंग से 63 और तनहूं से 38 शव मिले हैं. अब तक 96 शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं. प्रशासन का कहना है कि प्रभावित इलाकों में तलाश अभियान अभी भी जारी है.
| जिला/क्षेत्र | बरामद शवों की संख्या |
| चितवन | 359 |
| नवलपरासी ईस्ट | 219 |
| नवलपरासी वेस्ट | 212 |
| नुवाकोट | 184 |
| रसुवा | 140 |
| गोरखा | 72 |
| धादिंग | 63 |
| तनहूं | 38 |
5,083 लोग लापता, इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल
आपदा प्राधिकरण के अनुसार 5,083 लोग लापता हैं. इनमें रसुवा में 2,130 और नुवाकोट में 2,340 लोगों का अब तक पता नहीं चल सका है. लापता लोगों में 583 विदेशी नागरिक भी बताए गए हैं. बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण सुरक्षा बल लगातार नदी किनारों, मलबे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तलाश कर रहे हैं.
त्रिशूली 3A की सुरंग से 2 लोग जिंदा निकले
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शुक्रवार को राहत टीमों को बड़ी सफलता मिली. त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे दो लोगों को जीवित बाहर निकाला गया. काठमांडू पोस्ट के अनुसार इनकी पहचान मैकेनिकल फोरमैन संजय साह और मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महारजन के रूप में हुई है. दोनों को एयरलिफ्ट कर काठमांडू ले जाया गया. संजय साह का इलाज बिरेंद्र आर्मी अस्पताल और कबीर महारजन का इलाज नेशनल ट्रॉमा सेंटर में किया जाना है. यह सुरंग 26 अगस्त को रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के कारण बंद हो गई थी.
13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
- अब तक सुरक्षा बलों और आपातकालीन कर्मचारियों ने 13,093 लोगों को बचाया है. राहत और बचाव अभियान में कुल 21,421 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं.
- इनमें नेपाली सेना के 9,287, नेपाल पुलिस के 7,931 और Armed Police Force के 4,203 जवान शामिल हैं.
सड़क और हवाई मार्ग से पहुंचाई जा रही राहत
प्रभावित इलाकों में भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर राहत अभियान चलाया जा रहा है. 69 ट्रकों और 38 बोलेरो वाहनों से राहत सामग्री भेजी जा रही है. नेपाली सेना ने 9 हेलीकॉप्टर उड़ानें और सशस्त्र पुलिस बल ने 163 उड़ानें संचालित की हैं. सरकार ने रसुवा और नुवाकोट को शुरुआती राहत के रूप में 10-10 मिलियन नेपाली रुपये और धादिंग को NPR 5 मिलियन नेपाली रुपये जारी किए हैं.
यहां देखें वीडियोः VIDEO : 9 दिन बाद सुरंग से निकली जिंदगी, अंदर से आई आवाज और फिर शुरू हुआ रेस्क्यू, वीडियो में देखें पूरा ऑपरेशन
हजारों घर तबाह, सड़क-पुलों को भी भारी नुकसान
शुरुआती आकलन में बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान सामने आया है. अब तक 7,570 निजी मकान, 48 सरकारी इमारतें, 18 स्कूल और 7 स्वास्थ्य केंद्र प्रभावित हुए हैं. करीब 55 किलोमीटर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है. 33 मोटर योग्य पुल पूरी तरह नष्ट हुए हैं, जबकि कुल 37 ऐसे पुल प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा 68 सस्पेंशन ब्रिज भी क्षतिग्रस्त हुए हैं.
5,397 लोगों का चल रहा इलाज
आपदा के बाद 4,521 विस्थापित लोगों को अस्थायी राहत केंद्रों में रखा गया है. वहीं चोट लगने के कारण 5,397 लोगों का इलाज चल रहा है. सरकार ने अब तक कुल आर्थिक नुकसान और क्षति का अनुमान NPR 38,754.68 (Nepalese Rupee- NPR) करोड़ लगाया है. शुरुआती रिकवरी कार्यों के लिए NPR 795.3 करोड़ की जरूरत बताई गई है. (इनपुट पीटीआई)
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