Nepal Flood: मौत का आंकड़ा 1204 पहुंचा, 3900 लोग लापता, 34 देशों के 590 विदेशियों का भी सुराग नहीं

Updated:
विज्ञापन

काठमांडू और धाडिंग पुलिस के जवान खोज और बचाव अभियान चलाते हुए, फोटो- एएनआई

Nepal Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. आधिकारिक अपडेट के मुताबिक मौत का आंकड़ा 1,204 पहुंच गया है, जबकि करीब 3,900 लोग अब भी लापता हैं. सबसे बड़ी चिंता 34 देशों के 590 विदेशी नागरिकों को लेकर है, जिनका सुराग नहीं मिला है.

विज्ञापन

Nepal Flood: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के बुधवार (2 सितंबर) के अपडेट के मुताबिक इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,204 हो गई है. वहीं करीब 3,900 लोग अब भी संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है.

विज्ञापन

11,993 लोगों को किया गया रेस्क्यू

काठमांडू में पांचवीं प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने बताया कि अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि 1,114 शव बरामद किए गए हैं. बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण उनकी तलाश युद्धस्तर पर की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ पीड़ितों के अस्थायी दफन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

परिवारों से DNA सैंपल देने की अपील

जिन लोगों के परिजन अब तक लापता हैं, उनसे DNA सैंपल देने की अपील की गई है. करीबी रिश्तेदार नेपाल पुलिस अस्पताल, महाराजगंज या अपने नजदीकी जिला पुलिस कार्यालय में DNA सैंपल जमा कर सकते हैं. फॉरेंसिक टीम इन सैंपल की मदद से बरामद शवों की पहचान करने की कोशिश करेगी.

इस काम में नेपाल को दूसरे देशों से भी मदद मिल रही है. भारत की 19 सदस्यीय फॉरेंसिक टीम नेपाल पुलिस के साथ DNA जांच में सहयोग कर रही है. चीन, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया से भी विशेषज्ञ टीमें और उपकरण भेजे गए हैं.

34 देशों के 590 विदेशी अब भी लापता

नेपाल में आई बाढ़ का असर विदेशी नागरिकों पर भी पड़ा है. अब तक 300 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, लेकिन करीब 34 देशों के 590 विदेशी नागरिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं.

नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें भारत, चीन और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञों के साथ मिलकर बचाव अभियान चला रही हैं. लांगटांग, चिलिमे और अपर त्रिशूली जैसे इलाकों में भूमिगत हाइड्रोपावर संरचनाओं से कीचड़ और बड़े पत्थरों को हटाया जा रहा है.

कैलाश मानसरोवर से लौट रहे 2500 तीर्थयात्री निकाले गए

चीनी अधिकारियों के साथ तालमेल कर नेपाल ने माउंट कैलाश से लौट रहे करीब 2,500 तीर्थयात्रियों को हिल्सा, तातोपानी सीमा और ल्हासा हवाई मार्ग के जरिए निकालने में मदद की है. केरुंग सीमा के पास फंसे नेपाली नागरिकों और मालवाहक वाहनों को निकालने की व्यवस्था भी की जा रही है.

हिमस्खलन के बाद भोटेकोशी नदी में आई थी विनाशकारी बाढ़

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संसद में बताया कि 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में हुए हिमस्खलन के बाद आई थी. उन्होंने कहा कि इस आपदा ने क्षेत्र में बढ़ते जलवायु खतरों को सामने रखा है.

रासुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत प्रभावित इलाकों में हजारों लोग अब भी लापता हैं. नेपाल राहत, खोज अभियान और पुनर्वास के लिए भारत, चीन, अमेरिका, जापान, एशियाई विकास बैंक, विश्व बैंक, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है.

Also Read: Nepal Flood : भारत, चीन और अमेरिका से नेपाल ने क्यों कहा-दान नहीं मुआवजा चाहिए, समझिए क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय कानून

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola