जिस ऑयल टैंकर पर थे 24 भारतीय, अमेरिका ने किया अटैक, नाकेबंदी तोड़ने का लगाया आरोप; हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू

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ऑयल टैंकर पर हमले के दौरान लगी आग को देखते नाविक दल के सदस्य. फोटो- स्क्रीनग्रैब.

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MT Marivex US Strike 24 Indian Seafarers: ओमान की खाड़ी में एमटी मारिवेक्स पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद जहाज आग की चपेट में आ गया. जहाज पर मौजूद 24 भारतीय नाविकों को ओमानी अधिकारियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

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MT Marivex US Strike 24 Indian Seafarers: ओमान के मसिराह द्वीप के पास समुद्र में एमटी मारिवेक्स नामक व्यापारी जहाज में आग लग गई. इसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे, उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया. इस शिप पर अमेरिकी सेना ने अटैक किया था, उसका दावा है कि यह होर्मुज की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की थी.  अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एक F-18 सुपर हॉर्नेट विमान ने एमटी मारिवेक्स को निशाना बनाया. अटैक की वजह से आग लगने के बाद शिप पर मौजूद चालक दल ने एसओएस संदेश भेजकर सहायता मांगी. समय रहते हेलीकॉप्टर से शिप के सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

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दोपहर में आग लगने के बाद भेजी गई मदद की पुकार

सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एमटी मारिवेक्स पर आग लगने की घटना हुई. केंद्रीय शिपिंग मंत्रालय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग लगने के समय जहाज पर 24 भारतीय नाविक मौजूद थे. शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. उन्हें ओमानी अधिकारियों ने बचा लिया है. उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, विदेश स्थित भारतीय मिशनों, भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय किया जा रहा है. 

एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट से किया गया हमला

अमेरिकी सेना के अनुसार, 8 जून को एमटी मारिवेक्स बिना तेल लदे हुए ईरान की दिशा में बढ़ रहा था. अमेरिका का आरोप है कि जहाज ने ईरानी बंदरगाहों पर लागू नाकेबंदी का उल्लंघन किया और अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया. सेंटकॉम के अनुसार, ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन (सीवीएन-72) पर तैनात एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट विमान ने जहाज के इंजन और स्टीयरिंग सेक्शन को निशाना बनाते हुए सटीक हथियार दागा. चालक दल द्वारा अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई. अब मारिवेक्स ईरान की ओर नहीं बढ़ रहा है.’

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का ट्वीट. फोटो- स्क्रीनग्रैब.

जहाज भारतीय स्वामित्व वाला नहीं था

शिपिंग मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि एमटी मारिवेक्स किसी भारतीय कंपनी का जहाज नहीं था. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि जहाज को अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) की ओर से ब्लैकलिस्ट भी किया गया था. दावा किया जा रहा है कि बीते कुछ दिनों में इस जहाज ने अमेरिकी नौसेना की चेतावनियों से बचने की कई कोशिशें की थीं. इनमें ट्रैकिंग सिग्नल बंद करना और ओमानी समुद्री क्षेत्र में प्रवेश करना भी शामिल था.

अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में शामिल है मारिवेक्स

शिपिंग डेटाबेस इक्वासिस के अनुसार, एमटी मारिवेक्स को पिछले वर्ष दिसंबर में अमेरिकी सरकार ने ईरान से कथित संबंधों के कारण प्रतिबंधित जहाजों की सूची में शामिल किया था. यह वही जहाज है जिसने 9 अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा के समय होर्मुज स्ट्रेट को पार किया था. उस दौरान यह ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह से तेल लेकर कर्नाटक के मंगलूरु पहुंचा था. उस समय फारस की खाड़ी से ईरान से जुड़े कई जहाज तेजी से बाहर निकल रहे थे.

इंजन रूम पर हमले का आरोप

फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) के महासचिव मनोज यादव को भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 2 बजे जहाज से कई ऑडियो संदेश मिले. इन संदेशों में चालक दल के सदस्य मदद की गुहार लगाते सुनाई दिए. एक ऑडियो संदेश में कहा गया, ‘यह मोटर टैंकर मारिवेक्स है. जहाज पर आग लगी हुई है. पोत डूब रहा है. अमेरिकी नौसेना ने हमारे इंजन रूम पर मिसाइल से हमला किया है. जहाज के निचले हिस्से में बड़ा छेद हो गया है.’

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हेलीकॉप्टर से किया गया रेस्क्यू

चालक दल द्वारा भेजे गए ऑडियो संदेशों के अनुसार, हमले में जहाज के एक हिस्से में मौजूद लाइफबोट्स भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं. दूसरी ओर की लाइफबोट्स तक पहुंचना संभव नहीं था क्योंकि उस हिस्से में आग फैल चुकी थी. आग बढ़ने के बाद चालक दल के सभी सदस्य जहाज के अगले हिस्से में पहुंच गए, जबकि पिछला हिस्सा आग की चपेट में था. स्थिति गंभीर होने पर बचाव अभियान शुरू किया गया. हेलीकॉप्टर की मदद से सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें ओमान के मसिराह द्वीप पहुंचाया गया.

भारतीय कोस्ट गार्ड ने भी इस बचाव अभियान की जानकारी. देखें-

केंद्र सरकार ने आग लगने की घटना की पुष्टि की

इससे पहले केंद्र सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे ओमान तट के पास एमटी मारिवेक्स पर आग लगने की सूचना मिली थी. बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे और सभी सुरक्षित हैं. हालांकि उन्होंने आग लगने के कारणों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने यह भी बताया कि टैंकर खाली था और होर्मुज जलडमरूमध्य से कुछ दूरी पर मौजूद था.

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