प्रशांत महासागर में चीन के हाथ लगा सोने-चांदी का अकूत खजाना, पर खुदाई आसान नहीं
सोना-चांदी का सांकेतिक फोटो, AI PHOTO
चीन के वैज्ञानिकों ने पश्चिमी प्रशांत महासागर की गहराइयों में सोने, चांदी, तांबे और जस्ता जैसी धातुओं के विशाल भंडार की खोज की है. यह समुद्री भंडार दुनिया के टॉप लेवल भंडारों में से एक माना जा रहा है, लेकिन खनन की राहें अभी कठिन हैं.
China discover Gold Silver In Deep Sea : चीन के वैज्ञानिकों ने पश्चिमी प्रशांत महासागर में समुद्र की गहराइयों में विशाल खनिज भंडार की खोज की है. ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, यह खोज दुनिया के टॉप लेवल समुद्री भंडारों में से एक मानी जा रही है. इसमें सोने, चांदी, तांबे और जस्ता (जिंक) जैसी धातुओं की बहुत अधिक मात्रा पाई गई है.
सयांगहोंग 10 पर सवार वैज्ञानिकों के दल ने की समुद्री भंडार की खोज
ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, समुद्री भंडार की खोज चीन के अत्याधुनिक अनुसंधान पोत 'सयांगहोंग 10' (Xiangyanghong 10) पर सवार वैज्ञानिकों के एक दल ने की है, जिसमें त्सिंगुआ यूनिवर्सिटी, शंघाई जियाओ टोंग यूनिवर्सिटी और चीन जियोलॉजिकल सर्वे के विशेषज्ञ शामिल थे. 18 दिनों के इस वैज्ञानिक अभियान के दौरान शोधकर्ताओं ने सबमर्सिबल के जरिए समुद्र की सतह में सात बार गहरे गोते लगाए.

जमीन से कहीं अधिक मिली सोने-चांदी की मात्रा
वैज्ञानिकों ने समुद्र के नीचे 700 से 1,500 मीटर की गहराई पर बने हाइड्रोथर्मल वेंट से अयस्क (Ore) के नमूने एकत्र किए. जहाज की प्रयोगशाला में जब इन नमूनों की जांच की गई, तो वैज्ञानिक भी हैरान रह गए.
जांच में सामने आया कि समुद्र की तलहटी से मिले नमूनों में जमीन पर पाई जाने वाली खदानों की तुलना में सोने और चांदी की सांद्रता (Concentration) काफी अधिक है.
- सोना: कुछ नमूनों में 15.4 ग्राम प्रति टन तक सोना पाया गया.
- चांदी: नमूनों में 1,271 ग्राम प्रति टन तक चांदी पाई गई.
- अन्य खनिज: इसके अलावा, चालकोपायराइट, पायराइट और स्फालराइट जैसी आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण धातुएं भी पाई गई हैं.
| धातु / खनिज | समुद्र की तलहटी (नमूने) | सामान्य जमीनी खदानें |
| सोना (Gold) | 15.4 ग्राम प्रति टन तक | 2 - 5 ग्राम प्रति टन (औसत) |
| चांदी (Silver) | 1,271 ग्राम प्रति टन तक | 50 - 200 ग्राम प्रति टन (औसत) |
ज्वालामुखीय हलचल से बना बहुमूल्य खजाना
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह खनिज भंडार यूराशियन प्लेट और फिलीपीन सी प्लेट की सीमाओं के पास बना है. यहां पृथ्वी के अंदर का मैग्मा समुद्री पानी को 315°C से अधिक तापमान पर गर्म कर देता है. यह अत्यधिक गर्म तरल पदार्थ पृथ्वी की परत से धातुओं को सोख लेता है और जब ठंडे समुद्री पानी के संपर्क में आता है, तो ठोस सल्फाइड बनकर जम जाता है. समय के साथ इसने समुद्र की सतह पर तीन बड़े शंकु आकार (Cone-shaped) के खनिज ढांचों का रूप ले लिया है.
कठिन परिस्थितियों में भी पनप रहा जीवन
इस खोज के दौरान वैज्ञानिकों ने गहरे समुद्र के अत्यधिक दबाव और गर्माहट के बीच भी केकड़ों, झींगों, शेलफिश और सूक्ष्मजीवों (Extremophiles) की एक पूरी दुनिया बसते देखी. त्सिंगुआ यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों का कहना है कि यह जीव विज्ञान के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण है और इससे कठिनतम परिस्थितियों में जीवन के अस्तित्व को समझने में मदद मिलेगी.
खुदाई आसान नहीं
भले ही इस स्थान पर अरबों डॉलर की कीमती धातुएं मौजूद हैं, लेकिन फिलहाल इनका खनन (Mining) शुरू नहीं किया जा सकता. वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि गहरे समुद्र का अत्यधिक दबाव, जटिल भूगर्भीय परिस्थितियां और वर्तमान तकनीक की सीमाएं फिलहाल व्यावसायिक खनन के रास्ते में सबसे बड़ी चुनौती हैं.
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