बेटे की चाह में वेस्ट बैंक जा रहीं इस्राइली महिलाएं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :11 Aug 2017 11:17 AM (IST)
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बदलाव : हर साल पांच सौ महिलाओं का इलाज इस्राइल की महिलाएं लड़कों की चाहत में वेस्ट बैंक जा रही हैं. यहां का अस्पताल कम खर्च में आइवीएफ कराता है.फाटेन के तीन लड़कियों की मां हैं. उनके बच्चियों की उम्र क्रमश: चार, आठ व 12 साल हैं. वह चार माह की गर्भवती हैं और अल्ट्रासाउंड […]
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बदलाव : हर साल पांच सौ महिलाओं का इलाज
इस्राइल की महिलाएं लड़कों की चाहत में वेस्ट बैंक जा रही हैं. यहां का अस्पताल कम खर्च में आइवीएफ कराता है.फाटेन के तीन लड़कियों की मां हैं. उनके बच्चियों की उम्र क्रमश: चार, आठ व 12 साल हैं. वह चार माह की गर्भवती हैं और अल्ट्रासाउंड के लिए अपने पति के साथ उम्मा अल पाहम शहर आयी हैं.
क्लिनिक में डॉक्टर ने सोनोग्राम देख कर बताया कि उसे फिर से लड़की है और वह स्वस्थ है. यह सुनकर फाटेन अंदर से टूट गयी. वह चाहती है कि वह लोगों में मिठाई बंटवाये की उसे लड़का होनेवाला है.
जब वह गांव पहुंची तो लोगों ने उससे कहा, कोई बात नहीं हो सकता है कि कोई करिश्मा हो जाये और अंतिम समय में तुम्हारे गर्भ में लड़का आ जाये. लेकिन वह जानती है कि ऐसा कुछ नहीं होनेवाला.
फाटेन इस्राइली नागरिक है और यहां दो बच्चों तक यूनिवर्सल केयर के तहत फर्टिलिटी ट्रीटमेंट मुफ्त में किया जाता है. इस देश में दुनिया में सबसे ज्यादा फर्टिलिटी ट्रिटमेंट किया जाता है. लेकिन यहां लिंग चयन कर भ्रूण की हत्या नहीं कर सकते. साल 2014 में किये गये एक अध्ययन के अनुसार इस्राइल के राष्ट्रीय स्वास्थ विभाग में छह वर्षों के दौरान 21 प्रतिशत आवेदन लिंग चयन के लिए किये गये थे.
इस्राइल की सीमा के पार वेस्ट बैंक में लिंग चयन अवैध नहीं है. वेस्ट बैंक के बारे में फिलिस्तिनी ऑथर्टी मानती है कि यह एक अलग देश है. लेकिन यह इलाका इस्राइली सेना के कंट्रोल में आता है. फाटेन जैसी इजरायली महिलाएं नाबुलस में रजन मेडिकल सेंटर फॉर इनफर्टिलिटी में चिकित्सको से मिलकर लड़का पाने की अपनी चाहत पूरी करती हैं.
सबसे कम लागत में होता है आइवीएफ
यहां डॉक्टर कृत्रिम गर्भधारण के दौरान एक्सवाइ गुणसूत्रों जो लड़के की जन्म का कारक होते हैं, उसे आइवीएफ द्वारा महिलाओं में प्रत्यारोपित करते हैं. इस चिकित्सा में यहां चार से छह हजार डॉलर खर्च आता है.
इस चिकित्सा का खर्च अमेरिका या अन्य देशों में इससे पांच गुणा ज्यादा है. क्लिनिक के प्रवक्ता ने बताया कि यहां लोग लड़के की ख्वाहिश में ही आते हैं और हम सालाना 500 से अधिक सेक्स-चयन प्रक्रियाएं करते हैं. यहूदी और इस्लामी अधिकारियों ने लिंग चयन के बारे में अलग-अलग धार्मिक कानूनों की व्याख्या की है.यरूशलेम में रबी मोर्देचै हैल्परिन स्वास्थ्य मंत्रालय में चिकित्सा नैतिकता के पूर्व मुख्य अधिकारी कहते हैं कि यहूदी कानून में आम तौर पर बच्चे के लिंग का चयन करना गलत है.
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