एक ऐप ने जाम कर दिया यूरोप को

यूरोप के कई बड़े शहरों में बुधवार को टैक्सी और रेल हड़ताल के कारण यातायात व्यवस्था ठप पड़ गई. यह हड़ताल गुरुवार को भी जारी है. स्मार्टफ़ोन ऐप के ज़रिए बुक की गई सेवाओं के बढ़ते चलन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में टैक्सी चालकों ने पेरिस, मैड्रिड, लंदन, मिलान, बर्लिन और अन्य शहरों में सड़कों […]
यूरोप के कई बड़े शहरों में बुधवार को टैक्सी और रेल हड़ताल के कारण यातायात व्यवस्था ठप पड़ गई. यह हड़ताल गुरुवार को भी जारी है.
स्मार्टफ़ोन ऐप के ज़रिए बुक की गई सेवाओं के बढ़ते चलन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में टैक्सी चालकों ने पेरिस, मैड्रिड, लंदन, मिलान, बर्लिन और अन्य शहरों में सड़कों को जाम कर दिया.
उनका कहना है कि प्रतिद्वंद्वी मोबाइल सेवा यूबर को लेकर नियमन का कोई इंतज़ाम नहीं है.
फ्रांस में रेल हड़ताल के कारण रेल यात्रियों को भी ख़ासी परेशानी का सामना करना पड़ा है. देश के कुछ इलाक़ों में दो तिहाई रेलों का परिचालन बंद पड़ा गया.
मैड्रिड
स्पेन की राजधानी में सबसे बड़ी टैक्सी एसोसिएशन ने अपने चालकों से 24 घंटे की हड़ताल करने को कहा था. स्पेनिश मीडिया के अनुसार, मैड्रिड में पंद्रह हज़ार से ज़्यादा लाइसेंसी वाहन हैं.
ख़बरों में कहा गया है कि राजधानी में यूबर की ग़ैरमौजूदगी के बावजूद बराजाज़ एयरपोर्ट या एटोशा स्टेशन पर कोई भी टैक्सी नहीं चली.
एक जगह निजी टैक्सी के संदेह में प्रदर्शनकारियों ने उस पर हमला बोल दिया.
बार्सिलोना में यूबर मोबाइल ऐप चालू है और यहां भी हड़ताल का असर दिखा.
लंदन
लंदन की मशहूर ब्लैक कैब्स के चालकों ने ट्रैफ़ल्गर स्क्वायर पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अमरीका से शुरू हुआ यूबर मोबाइल ऐप टैक्सी मीटर के समान है, जो कि लंदन में केवल ब्लैक कैब्स द्वारा ही इस्तेमाल किया जा सकता है.
डाउनिंग स्ट्रीट के सामने खड़ी टैक्सियों की लंबी क़तारों में एक चालक ग्लेन शैपमैन ने कहा, ”हम एक क़ानून के तहत चलते हैं और लगता है कि यूबर पर ये लागू नहीं होते.”
यूबर का कहना है कि वह स्थानीय नियमों के अनुसार ही काम कर रहा है.
एक अनुमान के अनुसार, लंदन में 4,000 टैक्सी चालकों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया और पार्लियामेंट स्क्वायर, व्हाइटहॉल और ट्रैफ़ल्गर स्क्वायर को जाने वाली सड़कें जाम कर दीं.
इटली, रोम, नेपल्स
उत्तरी इटली के मिलान में बुधवार को पूरे दिन प्रदर्शन चलता रहा. हालांकि यहां अन्य जगहों के मुक़ाबले हड़ताल का असर थोड़ा कम दिखा. यहां मुख्य जगहों के अलावा रेलवे स्टेशनों और चौराहों पर प्रदर्शनकारियों ने बहिष्कार किया.
कैब चालकों ने रोम और नेपल्स में भी प्रदर्शन किया. बर्लिन और हैमबर्ग समेत जर्मनी के कई शहरों में भी प्रदर्शन हुआ.
लेकिन हड़ताल का सबसे ज़्यादा असर पेरिस में देखा गया, जहां ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं.
सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने फ्रांस की राजधानी के एयरपोर्ट को जाने वाली सड़क को जाम कर दिया और सुबह के व्यस्ततम समय में ‘गो स्लो’ का नारा देते हुए प्रदर्शन किया.
पेरिस
पेरिस में हर तीन में से केवल एक ट्रेन ही चलीं. हालांकि यूरोस्टार सेवा इससे अप्रभावित रही.
ट्रेन कंपनी एसएनसीएफ़ को रेल नेटवर्क ऑपरेटर से जोड़ने की यूनियनें मुख़ालफत कर रही हैं. कंपनी ने कहा है कि उसके 28 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर रहे.
बुधवार की शाम तक यूनियन के प्रतिनिधियों और यातायात मंत्री के बीच हुई बातचीत में सहमति पर पहुंचने के बावजूद यह हड़ताल गुरुवार शाम तक जारी रहेगी.
अमरीका से शुरू हुई मोबाइल ऐप सेवा यूबर को लेकर पूरे यूरोप में आक्रोश है. टैक्सी यूनियनों का आरोप है कि सुरक्षा को लेकर इसका नज़रिया बेहद लापरवाही भरा है और न्यूनतम किराए में सेवा देने से इसका असर कैब चलाने वाले टैक्सी चालकों पर पड़ रहा है. इसके अलावा इस पर निमय-क़ानून भी लागू नहीं होता.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




