हीरे के शहर में 9 हज़ार रुपये किलो वाली मिठाई

Updated at : 22 Aug 2018 9:12 AM (IST)
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हीरे के शहर में 9 हज़ार रुपये किलो वाली मिठाई

क्या कभी आपने नौ हज़ार रुपये प्रति किलोग्राम वाली मिठाई खाई है? इस सवाल का जवाब देने की जगह ज़्यादातर उत्तर देने की जगह इस सवाल को मज़ाक मानेगा. लेकिन ये बात पूरी तरह सच है और अब आप इतनी गुजरात के सूरत शहर में इतनी महंगी मिठाई खा सकते हैं. हीरों के शहर नाम […]

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क्या कभी आपने नौ हज़ार रुपये प्रति किलोग्राम वाली मिठाई खाई है?

इस सवाल का जवाब देने की जगह ज़्यादातर उत्तर देने की जगह इस सवाल को मज़ाक मानेगा.

लेकिन ये बात पूरी तरह सच है और अब आप इतनी गुजरात के सूरत शहर में इतनी महंगी मिठाई खा सकते हैं.

हीरों के शहर नाम से मशहूर सूरत शहर में ये ‘गोल्डन स्वीट’ नाम की ये मिठाई लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है. रक्षाबंधन का त्योहार जल्द ही आने वाला है और इसके चलते लोगों ने मिठाइयां खरीदना शुरू कर दिया है.

लेकिन लोगों में इस ख़ास मिठाई को देखने की रुचि देखी जा रही है.

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गुजराती साहित्य में एक कहावत है – "सूरत नू जामन एन काशा नू मरण". इसका मतलब होता है कि जिस तरह काशी में प्राण त्यागना सर्वश्रेष्ठ होता है उसी तरह सूरत में खाना सबसे बेहतरीन होता है.

इस मिठाई को बनाने वाले रोहन मिठाईवाला ने बीबीसी गुजराती सेवा से बात करते हुए इन मिठाइयों के बारे में बताया है.

वह कहते हैं, "हमने पांच तरह की मिठाइयां बनाई हैं जिसमें सबसे ऊंची क्वालिटी का सामान इस्तेमाल किया है. इसमें जो मेवे डाले गए हैं वो भी अपने आप में बेहद ख़ास है. जैसे कि इसमें पड़ने वाली केसर को स्पेन से मंगाया गया है. इसके साथ ही 180 नंबर का काजू डाला गया है."

लेकिन इतनी महंगी क्यों है ये मिठाई

रोहन बताते हैं कि उन्होंने काजूकरी, नरगिस कलम, पिस्ता बादशाह, ड्राई फूड आउट और केसर कुंज नाम की पांच मिठाइयां बनाई हैं.

लेकिन इसके बाद भी एक सवाल उठता है कि इस मिठाई की कीमत आखिर नौ हज़ार रुपये प्रति किलोग्राम कैसे हो सकती है.

ऐसे में इस सवाल का जवाब भी मिठाई बनाने वाले रोहन मिठाईवाला की ओर से ही आता है.

वह कहते हैं, "इस मिठाई को बनाने में शुद्ध सोने का वर्क चढ़ाया गया है जिसकी वजह से ये बेहद हेल्दी भी है. यही नहीं, इस मिठाई में जिस सोने का इस्तेमाल किया गया है वह जेवरों में लगने वाले सोने से भी महंगा होता है क्योंकि इसे खाने लायक बनाए जाने की प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता है."

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गोल्डन स्वीट बनाने का विचार

इस मिठाई की दुकान में लोगों की भीड़ का होना लाज़मी है. मिठाई देखने वाले लोगों में से कई लोग ये सवाल उठाते हैं कि उनके मन में ये विचार कहां से आया कि गोल्डन स्वीट जैसी मिठाई बनाई जाए.

बीबीसी गुजराती सेवा ने जब ये सवाल पूछा तो रोहन मिठाईवाला बताते हैं कि ये विचार एक मिठाई की दुकान की सिल्वर जुब्ली के मौके पर आया.

वे कहते हैं, "एक दुकान की सिल्वर जुब्ली के मौके पर उन्हें ये ख्याल आया कि कुछ ख़ास किया जाए. क्योंकि ये लम्हा मेरे और मेरे भाई के लिए बेहद ख़ास था इसलिए मैंने अपने भाई के साथ गोल्डन स्वीट खाकर सिल्वर जुब्ली मनाई."

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