बिना इंटरनेट भी इंस्टॉल होगा Bitchat, Play Store और GitHub की भी नहीं पड़ेगी जरूरत, जानें कैसे

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बिटचैट (Photo: LinkedIn)

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जैक डोर्सी के ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप Bitchat में नया फीचर आया है. इससे Android यूजर बिना इंटरनेट, Google Play Store या GitHub के भी एक फोन से दूसरे फोन में ऐप शेयर और इंस्टॉल कर सकते हैं. यह ऐप Bluetooth Mesh टेक्नोलॉजी पर काम करता है.

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अगर आपके फोन में इंटरनेट नहीं है, Google Play Store नहीं चल रहा है या GitHub भी ब्लॉक हो जाए, तब भी अब Bitchat ऐप इंस्टॉल की जा सकेगी. दरअसल, जैक डोर्सी के ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप Bitchat में नया फीचर जोड़ा गया है. इसकी मदद से एंड्रॉयड यूजर एक फोन से दूसरे फोन में बिना इंटरनेट के ही ऐप शेयर और इंस्टॉल कर सकते हैं. इसके लिए न तो Google Play Store की जरूरत होगी और न ही GitHub की. यह अपडेट ऐसे समय आया है, जब हाल ही में भारत सरकार ने GitHub से Bitchat की रिपॉजिटरी ब्लॉक करने को कहा था. सरकार के मुताबिक, अगर अपराधी इस ऐप का यूज करने लगें, तो पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए उन्हें पकड़ना और जांच करना आसान नहीं रहेगा.

कैसे काम करता है Bitchat का नया फीचर?

पहले अगर किसी को Bitchat यूज करना होता था, तो उसे GitHub या किसी दूसरी वेबसाइट से इसका APK डाउनलोड करना पड़ता था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब जिस Android फोन में पहले से Bitchat इंस्टॉल है, वह Bluetooth या लोकल Wi-Fi की मदद से ऐप का APK सीधे पास में मौजूद दूसरे Android फोन में भेज सकता है. फाइल मिलते ही सामने वाला व्यक्ति बिना इंटरनेट चलाए और Google Play Store पर जाए, सीधे ऐप इंस्टॉल कर सकता है.

आसान शब्दों में कहें तो अगर भविष्य में GitHub या Google Play Store जैसे प्लेटफॉर्म से Bitchat को हटा भी दिया जाए, तब भी लोग एक Android फोन से दूसरे Android फोन में इसे आसानी से शेयर कर सकेंगे और यूज करते रहेंगे. हालांकि, फिलहाल यह ऑफलाइन ऐप शेयरिंग फीचर सिर्फ Android स्मार्टफोन यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है.

Bitchat कैसे काम करता है?

Bitchat की खास बात यह है कि यह WhatsApp और Signal की तरह काम नहीं करता. इसे यूज करने के लिए न तो मोबाइल नेटवर्क की जरूरत पड़ती है, न इंटरनेट की, न फोन नंबर की और न ही किसी सेंट्रल सर्वर की. दरअसल, Bitchat Bluetooth Low Energy (BLE) टेक्नोलॉजी की मदद से आसपास मौजूद डिवाइसों का एक मेश नेटवर्क तैयार करता है. 

यानी अगर आप किसी को मैसेज भेजते हैं, तो वह सीधे ब्लूटूथ के जरिए पास मौजूद डिवाइस तक पहुंचता है. अगर सामने वाला व्यक्ति आपकी ब्लूटूथ रेंज से बाहर है, तो आसपास मौजूद दूसरे Bitchat यूजर्स के फोन उस एन्क्रिप्टेड मैसेज को एक-एक करके आगे बढ़ाते हैं. जैसे ही मैसेज सही व्यक्ति तक पहुंचने लायक डिवाइसों की चेन बन जाती है, वह अपने आप डिलीवर हो जाता है.

यही वजह है कि इंटरनेट बंद होने या मोबाइल नेटवर्क ठप पड़ने जैसी सिचुएशन में भी, अगर आसपास ठीक-ठाक Bitchat यूजर्स मौजूद हों, तो मैसेज भेजना और पाना संभव हो सकता है.

प्राइवेसी और सिक्योरिटी का खास ध्यान

इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि इसे यूज करने के लिए न तो अकाउंट बनाने की जरूरत पड़ती है, न ही मोबाइल नंबर लिंक करना होता है और न ही किसी क्लाउड सर्वर से कनेक्ट होना पड़ता है. कंपनी के मुताबिक, ऐप मैसेज को एन्क्रिप्ट करके आसपास मौजूद डिवाइसों के बीच सीधे भेजता है. यानी इंटरनेट बंद होने या नेटवर्क न मिलने की सिचुएशन में भी लोग सेफ तरीके से एक-दूसरे से बातचीत कर सकते हैं.

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अंकित आनंद

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By अंकित आनंद

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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