West Bengal: बंगाल में बढ़ा बर्ड फ्लू का खतरा, सख्त प्रोटोकॉल लागू, झारखंड से मुर्गे मंगाने पर प्रतिबंध

Published by : Pritish Sahay Updated At : 20 Mar 2025 12:48 AM

विज्ञापन

Bird Flu

West Bengal: पशुपालन विभाग ने राज्य के सभी पोल्ट्री फार्मों को अपने यूनिट में जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है. यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित और औचक जांच की जा रही है कि पोल्ट्री फार्म इन प्रोटोकॉल का पालन कर रही हैं या नहीं.

विज्ञापन

West Bengal: पश्चिम बंगाल के पड़ोसी राज्य झारखंड में एवियन फ्लू (एच5एन1) वायरस मिलने के बाद यहां की सरकार ने राज्य में कड़े प्रोटोकॉल लागू कर दिये हैं. राज्य सरकार ने झारखंड से मुर्गे मंगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा पर विशेष जांच की जा रही है, ताकि झारखंड से मुर्गा किसी भी जिले में न पहुंच सके.

सीमा पर हो रही विशेष निगरानी

राज्य पशुपालन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि स्थिति गंभीर है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. साथ ही पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश सीमा से सटे इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है. इन क्षेत्रों में जिला स्तरीय निगरानी टीमें बनायी गई हैं, जो स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज रही हैं.

जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन

पशुपालन विभाग ने राज्य के सभी पोल्ट्री फार्मों को अपनी यूनिट में जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है. यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित और औचक जांच की जा रही है कि पोल्ट्री फार्म इन प्रोटोकॉल का पालन कर रही हैं या नहीं.

चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम

संक्रमण फैलने की आशंका वाले केंद्रों की पहचान कर सख्त निगरानी शुरू कर दी गयी है. साथ ही, जिलों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को बर्ड फ्लू के खतरे से सचेत किया जा सके. हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे इस वायरस के संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं.

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola