चिंता : हाइवे पर लगातार बढ़ रही हैं सड़क दुर्घटनाएं
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Jan 2017 1:08 AM
मालदा. मालदा के 34 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले दस दिनों में सड़क दुर्घटना में दस लोगों की मौत हुयी है. लोग इसे अब मौत का हाइवे कहने लगे हैं.इसको लेकर यहां के लोगों में नेशनल हाइवे आथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ)की भूमिका को लेकर रोष है.इनका आरोप है कि सड़क बनाने के नाम पर काफी […]
इसी वजह से आये दिन यहां कोइ ना कोइ दुर्घटना हो रही है. खासकर साइकिल और मोटर साइकिल सवारों को बड़ी गाड़ियों को चपेट में आकर मौत का शिकार होना पड़ता है.पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों को दौरान जितनी मौते हुयी है,उसमें दो महिलाएं भी शामिल है.इसके साथ ही एक दंपत्ती की भी जान गयी है.स्थानीय लोगों का कहना है मुख्य रूप से सड़कों के किनारे बालू और पत्थर के ढेर लगे रहने की वजह से ही दुर्घटनाएं हो रही है. इसके अलावा कइ स्थानों पर सड़कें भी जर्जर है.
वाहन चालकों की लापरवाही से भी सड़क हादसा हो रहा है.हांलाकि इस मामले में एनएचएआइ के मालदा स्थित अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है.पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इंगलिश बाजार थाना के सुस्थानी मोड़ से काटागढ़ तक दो किलोमीटर सड़क पर सबसे अधिक दुर्घटना हो रही है.इसके अलावा ओल्ड मालदा थाना नलडुबी इलाके में भी नारायणपुर तक काफी दुर्घटनाएं होती है.इसमें ना केवल लोग मारे जा रहे हैं,बल्कि कइ अपंग भी हो गये हैं.पिछले दस दिनों में सुस्थानी इलाके में पांच लोगों की मौत हुयी है.इसमें एक दंपती अब्दुल खालेक और मनारू बेगम भी शामिल है. यहलोग बाइक में सवार होकर कहीं जा रहे थे.अचानक चक्का के नीचे एक पत्थर आने से बाइक सहित सड़क पर गिर गये.उसी समय दूसरी ओर से आ रहे एक ट्रक ने दोनों को रौंद दिया.मौके पर ही दोनों की मौत हो गयी.पुलिस सूत्रों ने आगे बताया है कि इसी प्रकार से एक टोटो चालक की भी कुचल कर मौत हो गयी.एक दिसंबर को एक गृहणी की भी इसी सड़क ने बली ले ली.वह मैजिक वैन पर सवार थी. मैजिक वैन के उलट जाने से उसकी मौत हो गयी.दूसरी तरफ ओल्ड मालदा थाना के नारायणपुर इलाके में सड़क दुर्घटना में दो भइयों की मौत हो गयी.स्वपन कोल(23) और कमलेश कोल (22) बाइक पर सवार होकर ला रहे थे. एक तेज रफ्तार ट्रक ने दोनो को उड़ा दिया.
मालदा मर्चेंट चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष जयंत कुंडू ने बताया है कि काम के लिए लोगों को हर हमेशा ही यहां तहां जाना पड़ता है. सड़क बदहाल है,उपर से सड़क के किनारे बालू और पत्थर का ढेर लगा रहता है. वाहन वाले भी लापरवाही के साथ गाड़ी चलाते हैं.जिसकी वजह से सड़क दुर्घटनाएं हो रही है और आमलोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है.
उन्होंने कहा सड़क बनाने का काम कइ सालों से चल रहा है. पता नहीं इसका कब अंत होगा. एनएचएआइ को बालू और पत्थर को सड़क से दूर रखवाने की व्यवस्था करनी चाहिए.मालदा नागरिक कमेटी के कन्वेनर बीरेश्वर चक्रवर्ती ने भी कुछ इसी प्रकार की बातें कही है.उन्होंने कहा कि वह शिक्षक हैं और ब्लॉक से बाहर स्कूल जाना पड़ता है. उनके जैसे लोग काफी हैं जिन्हें हर दिना ही इसी सड़क से आना जाना पड़ता है.कइ स्थानों पर सड़कों की हालत इतनी खराब है कि उसे बयान करना भी मुश्किल है.हर दिन जान जोखिम में डालकर ही आना-जाना पड़ रहा है.पुलिस अधीक्षक अर्नव घोष का कहना है कि इनदिनों जिले भर में सड़क सुरक्षा सप्ताह का पालन किया जा रहा है.कइ स्थानों पर नियमित रूप से सड़क दुर्घटना की शिकायतें मिल रही है.पुलिस ऐसे स्थानो पर लगातार पेट्रोलिंग कर रही है.
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