वाम नेताओं पर जानलेवा हमला
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सिलीगुड़ी. स्वतंत्रता दिवस की शाम सिलीगुड़ी के निकट माटीगाड़ा इलाका उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य व वाम मोरचा के दार्जिलिंग जिला इकाई के संयोजक जीवेश सरकार के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली जा रही थी. जीवेश सरकार ने रविवार को प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया को […]
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सिलीगुड़ी. स्वतंत्रता दिवस की शाम सिलीगुड़ी के निकट माटीगाड़ा इलाका उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य व वाम मोरचा के दार्जिलिंग जिला इकाई के संयोजक जीवेश सरकार के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली जा रही थी.
जीवेश सरकार ने रविवार को प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया को बताया कि माटीगाड़ा स्थित पार्टी कार्यालय के सामने से जैसे ही पदयात्रा शुरू हुई, तृणमूल कांग्रेस की कथित गुंडावाहिणी िरवाल्वर, तलवार, लाठी-डंडों व पत्थरों से हमलोगों पर अचानक जानलेवा हमला किया गया. स्थानीय ग्रामीणों खासकर महिलाओं ने हम सभी की जान बचायी. पुलिस को बार-बार फोन किये जाने के बावजूद करीब आधे-पौन घंटे तक कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा. हमलावरों में एक तृणमूल कार्यकर्ता ने मेयर पर ही रिवॉल्वर तान दिया. मेयर के बॉडीगार्ड ने भी हाथों-हाथ जवाबी कार्रवाई की, यह देख हमलावर मौके से भाग खड़ा हुआ. माटीगाड़ा थाना की पुलिस के अलावा पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा को भी बार-बार खबर दिये जाने के बावजूद पुलिस का कोई अता-पता नहीं था. कल की इस घटना के खिलाफ वाम मोरचा के माटीगाड़ा जोनल कमेटी के महासचिव भवेंदू आचार्य ने माटीगाड़ा थाना में शाम को ही तृणमूल नेता दुरलय चक्रवर्ती, मौलिन वर्मन, जगदीश राय के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी. करीब पौन घंटे के बाद तीन पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे.
करीब दो घंटे बाद डीसीपी (ट्राफिक) श्याम सिंह मौके पर पहुंचे. श्री सिंह द्वारा मीडिया में दिये बयान पर सवाल खड़ा करते हुए श्री सरकार ने कहा कि डीसीपी ट्राफिक का वहां कोई रोल ही नहीं था और जिस तरह उन्होंने मीडिया में बयानबाजी की है, इससे साफ जाहिर है कि वामपंथियों पर जानलेवा हमला एवं घटना के पौने घंटे तक पुलिस के पुलिस के मौके पर न पहुुंचने के लिए तृणमूल की पहले से ही रची साजिश थी. नेता-मंत्रियों के निर्देश एवं दबाव पर ही डीएसपी ने मीडिया में हकीकत से परे बयानबाजी की. कल की घटना से साफ झलकता है कि बंगाल की खाकी वर्दी पर राजनीतिक रंग हावी है. डीएसपी को भी अपनी खाकी वर्दी उतार कर तृणमूल का चोला धारण कर लेना चाहिए और सरकारी रिवॉल्वर की जगह तृणमूल का झंडा थाम लेना चाहिए. प्रेस वार्ता के दौरान अशोक भट्टाचार्य ने डीएसपी एवं माटीगाड़ा थाना की पुलिस को कोर्ट में घसीटने की चेतावनी दी.
साथ ही तृणमूल कांग्रेस को आगामी चुनावों में बंगाल की जनता जवाब देगी. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि कल जिस तरह से ग्रामीणों ने हमसबों की जान बचायी है, इससे साफ जाहिर है कि बंगाल की जनता अभी भी अन्याय के विरुद्ध मुकाबला करने के लिए सब समय आगे रहती है. बंगाल की जनता अन्याय के लिए कोई राजनैतिक रंग नहीं देखती, बल्कि मानव धर्म निभाती है.
श्री भट्टाचार्य कहा कि 14 अगस्त को भी माटीगाड़ा पार्टी कार्यालय में तृणमूल द्वारा की गयी तोड़फोड़ एवं कल की घटना के खिलाफ 18 अगस्त को सिलीगुड़ी समेत पूरे उत्तर बंगाल में धिक्कार दिवस के रूप में पालन किया जायेगा. उन्होंने इस दिन तृणमूल की कथित गुंडावाहिणी, आतंक, अन्याय व अराजकता की राजनीति के खिलाफ सभी लोगों को आवाज बुलंद करने एवं धिक्कार दिवस मनाने का आह्वान किया. इन मुद्दों पर डीएसपी ट्राफिक श्याम सिंह से फोन पर संपर्क कर प्रतिक्रिया लेनी चाही, लेकिन उन्होंने मीटिंग में व्यस्त होने का हवाला देकर फोन डिस्कनेक्ट कर दिया.
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