गलत ऑपरेशन से चली गयी बच्ची की दायीं आंख

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मालदा : शहर के एक गैर सरकारी चिकित्सक के खिलाफ पांच साल के बच्चे की आंख नष्ट कर दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है. घटना चांचल थानांतर्गत कलीग्राम पंचायत के प्राणसागर गांव की है. चिकित्सकीय लापरवाही के चलते बच्चे की दायीं आंख पूरी तरह से नष्ट हो गयी है. इस मामले में शिशु […]

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मालदा : शहर के एक गैर सरकारी चिकित्सक के खिलाफ पांच साल के बच्चे की आंख नष्ट कर दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है. घटना चांचल थानांतर्गत कलीग्राम पंचायत के प्राणसागर गांव की है.
चिकित्सकीय लापरवाही के चलते बच्चे की दायीं आंख पूरी तरह से नष्ट हो गयी है. इस मामले में शिशु के परिवार की ओर से आज गैर सरकारी अस्पताल के चिकित्सक तापस कुमार भट्टाचार्य के खिलाफ हरिशचंद्रपुर थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी.
अस्वस्थ बच्चे के पिता मुरशेद अली ने इस मामले में आरोपी चिकित्सक के खिलाफ मुख्यमंत्री के पास शिकायत दर्ज कराने की मांग की. इस घटना के बाद से आरोपी चिकित्सक हरिशचंद्रपुर छोड़ कर सिलीगुड़ी चले गये. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कलीग्राम ग्राम पंचायत के प्राणसागर गांव के निवासी व पेशे से मिस्त्री मुरशेद अली का इकलौता बेटा अफताब खान (पांच) की दायीं आंख में जूट की लकड़ी से खरोच लग गया था.
इसके बाद वह हरिशचंद्रपुर स्थित एक गैर सरकारी अस्पताल के चिकित्सक डॉ तापस कुमार भट्टाचार्य के पास गये. घटना के दिन रात को ही चिकित्सक घायल बच्चे का ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद आठ जुलाई को बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गयी. आनन-फानन में उसे चिकित्सकों ले कोलकाता ले जाने की सलाह दी. कोलकाता मेडिकल कॉलेज ले जाने के बाद बच्चे के परिवार को पता चला कि बच्चे का गलत इलाज हुआ है.
जिससे उसकी दायीं आंख नष्ट हो गयी. मुरशेद अली ने बताया कि कोलकाता मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने उन्हें कहा कि बच्चे का गलत ऑपरेशन हुआ है. अगर दायीं आंख निकाला नहीं गया तो बायीं आंख भी संक्रमण से नष्ट हो जायेगा. 16 जुलाई को कोलकाता मेडिकल कॉलेज में बच्चे की दायीं आंख को ऑपरेशन कर निकाल दिया.
सब मिला कर 23 हजार रुपये खर्च हुए. मुरशेद अली का कहना है कि हरिशंचद्रपुर स्टैंड के निकट एक किराये का घर लेकर चिकित्सक तापस भट्टाचार्य बच्चों के आंखों का इलाज कर रहा है.
चांचल महकमा अस्पताल में आंखों का अच्छा डॉक्टर नहीं होने के कारण हरिशचंद्रपुर में चिकित्सक तापस भट्टाचार्य के पास बच्चे को ले जाया गया. तापस भट्टाचार्य ने ढाई हजार रुपये लेकर अपने क्लीनिक में बच्चे का ऑपरेशन किया था.
ऑपरेशन के बाद बच्चे की आंख नष्ट हो जायेगी, इस बारे में हमने कल्पना भी नहीं की थी. गलत इलाज के कारण मेरे बच्चे का जीवन बर्बाद हो गया. बच्चे के पिता ने आरोपी चिकित्सक की उचित सजा की मांग की है. दूसरी ओर, डॉ तापस कुमार भट्टाचार्य ने फोन पर बताया कि आरोप बेबुनियाद है.
उन्होंने कहा कि उनके क्लीनिक में ऑपरेशन की व्यवस्था नहीं है. बच्चे को सिर्फ संक्रमण प्रतिरोधक इंजेक्शन दिया गया था. बच्चे को कोलकाता व चेन्नई ले जाने के लिए कहा गया था, लेकिन बच्चे के माता-पिता ने मेरी बात नहीं सुनी. हरिशचंद्रपुर में रख कर ही बच्चे का इलाज करना चाह रहे थे. ढाई हजार रुपये से कभी आंखों का ऑपरेशन नहीं होता है.
चांचल के एसडीपीओ राणा मुखर्जी ने बताया कि चिकित्सक के खिलाफ दर्ज करायी गयी शिकायत की कॉपी एमसीआइ के पास भेज दी गयी है. एमसीआइ को ही बताना है कि चिकित्सा में गड़बड़ी थी या नहीं. इसके बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी.
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