सिलीगुड़ी : दो साल के अंदर ही खटालों की खनक फिर हुई शुरू
Author Prabhat khabar digital desk
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सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम के 3 नंबर वार्ड संलग्न महानंदा नदी किनारे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों की अवहेलना करते हुए फिर से खटालों की खनक शुरू हो गयी है. महानंदा नदी को गंदगी से बचाने के लिए जिन खटालों को तोड़कर हटा दिया गया था,उसका फिर से निर्माण शुरू हो गया है. […]
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सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम के 3 नंबर वार्ड संलग्न महानंदा नदी किनारे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों की अवहेलना करते हुए फिर से खटालों की खनक शुरू हो गयी है. महानंदा नदी को गंदगी से बचाने के लिए जिन खटालों को तोड़कर हटा दिया गया था,उसका फिर से निर्माण शुरू हो गया है.
दूध कारोबारी खटालों का निर्माण कर चांदी काट रहे हैं. इससे भले ही नदी प्रदूषित हो और पर्यावरण को नुकसान पहुंचे,इस बात से इनका कोई लेना नहीं है. इस समस्या से शहर को निजात दिलाने के लिए किसी की कोई पहल नहीं दिख रही.
इस मुद्दे को लेकर शासक से लेकर विरोधी पार्टियां बस एक दूसरे पर आरोप लगाने का खेल कर रही है. जबकि शहर वासियों का कहना है कि कुछ राजनीतिक पार्टियां अपने वोट बैंक को बचाने के चक्कर में राजनीति के गर्म तवे पर रोटी सेक रही है.
उल्लेखनीय है कि महानंदा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए वर्ष 2017 में एनजीटी के निर्देश पर प्रशासन ने नदी संलग्न इलाकों में बने अवैध खटाल को तोड़ कर हटा दिया था.उस दौरन खुद महकमा शासक की उपस्थिति में इलाके के 10 से ज्यादा अवैध खटालों को तोड़ा कर हटा दिया गया था.
लेकिन अब वहां पहले जैसी ही स्थिति हो गयी है. जिससे प्रदूषण की समस्या फिर बढ़ने लगी है. मिली जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर तीन के गुरूंग बस्ती में महानंदा नदी के किनारे छोटे-बड़े मिलाकर कुल 15 के आसपास नये सिरे से खटाल बन गये है. आरोप है कि यहां से निकलने वाला कचरा सीधे महानंदा नदी में फेंका जाता है. जिस कारण नदी भी प्रदूषित हो रही है. एनजेटी के निर्देश की उड़ी धज्जियां, हर ओर गंदगी का साम्राज्य कायम, महानंदा के प्रदूषण में भी भारी वृद्धि
मेयर हैं खटालों के नेता : सौरभ
वहीं एसजेडीए के चेयरमैन सौरभ चक्रवर्ती ने बताया कि उनका काम विकास करना है. उन्होंने सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य पर तंज कसते हुए कहां कि मेयर खुद खटाल के नेता हैं. खटालों की देख-रेख करने की जिम्मेदारी उनकी है. अगर फिर से सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग से कोई निर्देश मिलता है तो अभियान चलाया जायेगा.
तृणमूल नेता का आरोप
इस विषय पर नगर निगम के विरोधी दल नेता रंजन सरकार ने आरोप लगाते हुए कहा कि नदी तट पर कब्बा कर यह अवैध काम हो रहा है. बड़े पैमाने पैसे के लेन-देन से वहां खटालों का निर्माण कराया जा रहा है. उन्होंने इस लेनदेन में स्थानीय वार्ड पार्षद मिलीभगत होने की भी आशंका जाहिर की.
उन्होंने इलाके के लोगों से वार्ड पार्षद के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराने की अपील की है. उन्होंने आगे कहा कि अपने वोट बैंक को बचाने के लिए वाम मोर्चा नियंत्रित नगर निगम कोई कड़ा कदम नहीं उठा रही है.
क्या कहते हैं मेयर
इस मुद्दे पर मेयर अशोक भट्टाचार्य ने कहा कि वे वोट बैंक की राजनीति पर विश्वास नहीं करते. पिछले दिनों एनजीटी के निर्देश के बाद अभियान शुरू हुआ था. तब स्थिति काफी बिगड़ गयी थी. उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में जरुरत पड़ने पर फिर से अभियान चलाया जायेगा. इस काम में पुलिस की सहायता ली जायेगी.
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