जलपाईगुड़ी : इस जानवर को देखकर चौक गये सभी, इलाज के बाद मुजनई नदी में वनकर्मियों ने छोड़ा
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

कूचबिहार के सिंगीजानी इलाके से पकड़ा गया है कछुआ इलाज के बाद मुजनई नदी में वनकर्मियों ने छोड़ा जलपाईगुड़ी : अलीपुरद्वार जिले के फालाकाटा में बुधवार दोपहर को मुजनाई नदी से बेहद दुर्लभ प्रजाति का कछुआ मिला है. इसका वैज्ञानिक नाम बाटागुर बास्का है. विलुप्तप्राय इस कछुए को 2008 में इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजरवेशन ऑफ […]
विज्ञापन
- कूचबिहार के सिंगीजानी इलाके से पकड़ा गया है कछुआ
- इलाज के बाद मुजनई नदी में वनकर्मियों ने छोड़ा
जलपाईगुड़ी : अलीपुरद्वार जिले के फालाकाटा में बुधवार दोपहर को मुजनाई नदी से बेहद दुर्लभ प्रजाति का कछुआ मिला है. इसका वैज्ञानिक नाम बाटागुर बास्का है. विलुप्तप्राय इस कछुए को 2008 में इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजरवेशन ऑफ नेचर की लाल सूची में रखा गया है.
वन विभाग सूत्रों ने बताया है कि यह कछुआ अभी त्रिपुरा के त्रिपुरसुंदरी मंदिर और असम के कामाख्या मंदिर के तालाब में पाया जाता है. बताया जाता है कि वहां इन कछुओं को कूचबिहार के राजा नृपेंद्र नारायण की ओर से उपहार के रूप में भेजा गया था. अब चर्चा हो रही है कि आखिर मुजनाई नदी में यह कछुआ कैसे पहुंचा. वन विभाग की ओर से इसका कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिल पाया है.
उल्लेखनीय है कि बीते सोमवार को एक मछुआरे झंटू सन्यासी ने अवैध रूप से एक कछुआ पकड़ा था. सूत्रों से मिली खबर के आधार पर उसे कूचबिहार के सिंगीजानी इलाके से पकड़ा गया है. उसके पास से बरछी से घायल कछुआ मिला. इलाज के लिये कछुए को जलदापाड़ा राष्ट्रीय पार्क ले जाया गया. कछुए को देखते ही वन अधिकारी हैरत में पड़ गये.
प्राथमिक रूप से देखने परखने पर पता चला कि कछुआ बाटागुर बास्का प्रजाति का है. वन अधिकारी इस नतीजे पर पहुंचे कि अगर इसका परिवेश बदला जाता है तो इसकी मौत हो सकती है. इसलिये बुधवार को उसे मुजनाई नदी में उसी जगह पर लेकर जाकर छोड़ दिया गया, जहां से यह कछुआ मिला था.
बताया जाता है कि जहां से यह कछुआ मिला था, वहां इस प्रजाति के कुछ और कछुए भी हैं. कम से कम ऐसे आठ कछुओं की पहचान की गयी है. दोबारा कोई मछुआरा जाल या बरछी से इन कछुओं का शिकार नहीं करे, इसके लिये एक निगरानी कमेटी बना दी गयी है.
इसके अलावा दो वनकर्मियों को भी सुरक्षा में तैनात कर दिया गया है. जलदापाड़ा राष्ट्रीय पार्क के सहायक वन्य प्राणी संरक्षक विमल देवनाथ ने बताया कि इस दुर्लभ कछुए की सुरक्षा के लिये हर कदम उठाने का फैसला किया गया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










