मिरिक : सैलानियों को नहीं लुभा पा रहा रांगभांग पर्यटन केंद्र
Author Prabhat khabar digital desk
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मिरिक : मिरिक से आठ किलोमिटर दूर स्थित रांगभांग ताबाकोशी पर्यटन केंद्र मे सैलानियों को आकर्षित करने के लिए सबकुछ है, पर पर्याप्त विभागीय पहल न होने से इस पर्यटन केंद्र का महत्व घट रहा है. ग्रामीण इलाके में र��ंगभांग नदी की कलकल की आवाज सभी को प्रभावित करती है. 90 के दशक मे तत्कालीन […]
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मिरिक : मिरिक से आठ किलोमिटर दूर स्थित रांगभांग ताबाकोशी पर्यटन केंद्र मे सैलानियों को आकर्षित करने के लिए सबकुछ है, पर पर्याप्त विभागीय पहल न होने से इस पर्यटन केंद्र का महत्व घट रहा है.
ग्रामीण इलाके में रांगभांग नदी की कलकल की आवाज सभी को प्रभावित करती है. 90 के दशक मे तत्कालीन दागोपाप अध्यक्ष सुभाष घीसिंग के समय उनकी पहल पर उक्त पर्यटन केंद्र के विकास की नींव रखी गयी थी. उस समय पर्यटकों की सुविधा हेतु बैठने के लिए हवाघर, मनोरंजन के लिए नृत्यस्थल, स्विमिंग पूल, विष्णुधाम मंदिर का निर्माण कराया गया था. यहां पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए स्थानीय लोग तरह-तरह के मेले आयोजित करते हैं.
समय-समय पर विभाग की ओर से भी कार्यक्रम होते हैं, लेकिन पर्याप्त संख्या में पर्यटक यहां नहीं पहुंचते. स्थानीय लोग ही यहां तफरीह के लिए पहुंचते हैं. यहां पर होम-स्टे भी खोला गया है, जो अब लोकप्रिय हो रहा है. स्थानीय नागरिक रोशन तमांग ने बताया कि हम ही यहां का रखरखाव करते हैं. यहां पर कुछ लोगों ने दुकानें भी कर रखी हैं. अब विभागीय ठोस पहल होना चाहिए.
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