ज्वाइंट फोरम की एकता तोड़ने का हो रहा प्रयास : गोविंद

Updated:
विज्ञापन

दार्जिलिंग : जन आंदोलन पार्टी की ओर से ज्वाइंट फोरम की एकता को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. उक्त आरोप क्रामाकपा के केंद्रीय प्रवक्ता गोविंद छेत्री ने लगाया है. श्री छेत्री दार्जिलिंग प्रेस गिल्ड में प्रकारों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान क्रामाकपा के केंद्रीय प्रवक्ता गोविंद छेत्री ने कहा कि जाप […]

विज्ञापन
दार्जिलिंग : जन आंदोलन पार्टी की ओर से ज्वाइंट फोरम की एकता को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. उक्त आरोप क्रामाकपा के केंद्रीय प्रवक्ता गोविंद छेत्री ने लगाया है. श्री छेत्री दार्जिलिंग प्रेस गिल्ड में प्रकारों को संबोधित कर रहे थे.
इस दौरान क्रामाकपा के केंद्रीय प्रवक्ता गोविंद छेत्री ने कहा कि जाप अध्यक्ष डॉ. हर्क बहादुर छेत्री तरह-तरह की बयानबाजी करके ज्वाइंट फोरम को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. चाय बागान श्रमिकों के लिये न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर ज्वाइंट फोरम जिस तरह का काम कर रहा है, उससे बंगाल सरकार और बागान के मालिकों पर काफी दबाव बढ़ा है.
इसलिए ज्वाइंट फोरम के आंदोलन को शिथिल बनाने के लिए राज्य सरकार के इशारे पर जाप अध्यक्ष डॉ. छेत्री ने क्रामाकपा अध्यक्ष आरबी राई के बारे में तरह-तरह का बयानबाजी कर रहे हैं. छेत्री ने सन् 2007 का स्मरण करते हुये कहा कि 7 अक्टूबर 2007 में विमल गुरुंग ने गोर्खा जनमुक्ति मोर्चा का गठन करके अलग राज्य गोरखालैंड की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया था और 9 अक्टूबर 2007 के दिन क्रामाकपा ने गोर्खालैंड के लिए गोजमुमो को समर्थन किया था. परंतु बाद में राज्य सरकार द्वारा विमल गुरुंग को कोलकाता बुलाया.
कोलकता से पहाड़ लौटते ही विमल गुरुंग ने क्रामाकपा अध्यक्ष आरबी राई के विरोध में बोलना शुरू किया था. इसी तरह से पिछले कुछ दिनों पहले जाप अध्यक्ष हर्क बहादुर छेत्री ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मुलाकात की. तब से वे भी क्रामाकपा अध्यक्ष का विरोध करने लगे हैं. क्रामाकपा श्रमिकों की मांग और गोर्खालैंड के बारे में गम्भीर है. यह बात सरकार को भी पता है, क्योंकि क्रामाकपा ने सरकार के बुलावे को भी स्वीकार नहीं किया था.
क्रामाकपा अध्यक्ष आरबी राई पर सवाल उठाने वाले जाप अध्यक्ष डॉ. हर्क बहादुर छेत्री को अपना चेहरा आइना में देखना होगा. डॉ. हर्क बहादुर छेत्री ने अपने पार्टी अध्यक्ष विमल गुरुंग के आदेश को अनादर करके विधायक पद को छोड़ने से साफ इंकार किया था. इससे साफ जाहिर होता है कि छेत्री पद के लोभी हैं. श्री छेत्री पांच साल तक विधायक के पद पर रहे थे. उस दौरान उन्होंने चाय श्रमिकों के बारे विधानसभा में कितना काम किया. यह सवाल गोविन्द छेत्री ने उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीने पहले राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गोर्खालैंड के विषय को राज्य सरकार का नहीं बल्कि केन्द्र सरकार की बातें कही थी.
यह बात सच भी है. किसी दिन बंगाल सरकार गोर्खालैंड का समर्थन कर नहीं करेगी. जब गोर्खालैंड की बात होती है तब दबाव के लिये राज्य सरकार अपना सब कुछ लगा देंगे, परंतु जाप अध्यक्ष डॉ. हर्क बहादुर छेत्री और पहाड़ के कतिपय राजनीतिक दल के लोग बंगाल सरकार के साथ खड़े हैं.
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola