मिरिक : भूतपूर्व विद्यार्थियों ने मनाया शिक्षक दिवस

Updated at : 06 Sep 2018 8:55 AM (IST)
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मिरिक : भूतपूर्व विद्यार्थियों ने मनाया शिक्षक दिवस

मिरिक : मिरिक महकमा क्षेत्र में बुधवार को पूरी श्रद्धा के साथ शिक्षक दिवस का पालन किया गया. मिरिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के भूतपूर्व विद्यार्थियों के एक समूह ने यहां के एक होटल के प्रेक्षागृह में कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें देश के प्रथम राष्ट्रपति सर्वप्रथम डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया और […]

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मिरिक : मिरिक महकमा क्षेत्र में बुधवार को पूरी श्रद्धा के साथ शिक्षक दिवस का पालन किया गया. मिरिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के भूतपूर्व विद्यार्थियों के एक समूह ने यहां के एक होटल के प्रेक्षागृह में कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें देश के प्रथम राष्ट्रपति सर्वप्रथम डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया और बाद में दिवंगत शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रति दो मिनट का मौन रखा गया. कई भूतपूर्व शिक्षक-शिक्षिकाओं व शिक्षेणतर कर्मचारियों को खादा, स्मृति चिह्न एव अंगवस्त्र प्रदान करके सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता योगेन योल्मो ने की और समीर राई ने संचालन किया. पूर्व विद्यार्थियों रितेश गुप्त और कल्याण राई ने बताया कि इन शिक्षकों के कारण ही आज हम अपने पैरों पर खड़े हो सके हैं. समारोह में पूर्व शिक्षकों के लिए खास पकवान के साथ नाच-गान भी प्रस्तुत किया गया. इस दौरान सैक्सोफोनिस्ट राकेश गोले ने सैक्सोफोन की धुन से माहौल को संगीतमय बना दिया.
गंगतोक. सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने बुधवार को एडवांस टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग सेंटर (एटीटीसी) बरदांग का दौरा किया व आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में भाग लिया. सेंटर में पहुंचने पर उनका स्वागत निदेशक तकनीकी शिक्षा, एचआरडीडी डीके प्रधान, प्रिंसिपल सोनम पाल्देन बरफूंगपा, संकाय और छात्रों ने किया. संस्थान के शिक्षकों और छात्रों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने देश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को प्रोत्साहित किया और उन्हें सच्चा राष्ट्र निर्माता बताया.
उन्होंने कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ एस राधाकृष्णन त्याग और सेवा का प्रतीक हैं, जो शिक्षकों ने राष्ट्र बनाने के लिए दिया है.
राज्यपाल ने अपने संबोधन में उल्लेख किया कि प्राचीनकाल से शिक्षकों को हमारी संस्कृति में देवताओं के रूप में माना जाता था, जिन्होंने अपने समर्पण से अतीत में राष्ट्र की शिक्षा के केंद्र के रूप में देश को मान्यता दी थी. उन्होंने देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र में बदलने के लिए ‘मेक इन इंडिया, स्किल्ड इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, डिजिटल इंडिया’ आदि के प्रधानमंत्री के मिशन की पृष्ठभूमि में एटीटीसी जैसे तकनीकी संस्थानों की भूमिका को भी रेखांकित किया.
संस्थान के छात्रों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने उन्हें कौशल आधारित शिक्षा द्वारा अधिकार प्राप्त करने का आह्वान किया. उन्होंने विद्यार्थियों को देश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान किए गए बलिदानों को भी याद दिलाया और जोर दिया कि आज के युवाओं के लिए देश को बदलने के लिए समय आ गया है.
याद करें कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने क्या सपना देखा था. राज्यपाल को कैंपस दौरे पर संस्थान के विभिन्न विभागों और प्रयोगशालाओं में ले जाया गया था, जिसमें विभाग के कार्यकलाप और अनुशासन के बारे में संकाय द्वारा उन्हें बताया गया था.
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