परिवारवालों ने मंदिर के अध्यक्ष को लपेटा

Published at :31 Aug 2017 8:54 AM (IST)
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परिवारवालों ने मंदिर के अध्यक्ष को लपेटा

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के सिलीगुड़ी थाने पर फिर से प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का आरोप लगा है. करीब डेढ़ महीना पहले सिलीगुड़ी के बाबूपाड़ा गौशाला रोड स्थित बालाजी मंदिर में पुजारी की रहस्यमय मौत हो गयी थी. परिवार वालों ने मंदिर प्रबंधन कमिटी के अध्यक्ष सहित कई लोगों पर हत्या का आरोप लगाया […]

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सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के सिलीगुड़ी थाने पर फिर से प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का आरोप लगा है. करीब डेढ़ महीना पहले सिलीगुड़ी के बाबूपाड़ा गौशाला रोड स्थित बालाजी मंदिर में पुजारी की रहस्यमय मौत हो गयी थी. परिवार वालों ने मंदिर प्रबंधन कमिटी के अध्यक्ष सहित कई लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है. पिछले एक महीने से पीड़ित परिवार इसकी प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए सिलीगुड़ी थाने का चक्कर काट रहा है. आरोप है कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया है. पुलिस के इस रवैये के बाद बाद पीड़ित परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है.
मिली जानकारी के अनुसार के 14 जुलाई को सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 26 बाबूपाड़ा गौशाला रोड स्थित बालाजी बाबोशा मंदिर में एक पुजारी की मौत हो गयी थी. मृतक अमर कुमार झा (28) मंदिर के मुख्य पुजारी भवेश कुमार झा के छोटे भाई थे. भवेश कुमार झा पड़ोसी राज्य बिहार के समस्तीपुर जिले के निवासी हैं.

बेटी के इलाज के लिए उनको बिहार जाना था, मंदिर की पूजा व देखरेख के लिए उन्होंने अपने छोटे भाई को बुलवा लिया था. 13 जुलाई की रात अमर कुमार झा ने फोन पर अपनी मां से बात की थी. अगली सुबह मंदिर प्रबंधन कमिटी के अध्यक्ष नवीन भूपाल ने मौत की जानकारी दी. बुधवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए भवेश कुमार झा ने बताया कि मंदिर परिसर में कई गैरकानूनी काम होते हैं. जिसके खिलाफ उनके भाई ने आवाज उठायी थी. इसलिए उसकी हत्या कर दी गयी है. भवेश सहित परिवार वालों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया है. भवेश का कहना है कि जानकारी मिलते ही वह समस्तीपुर से सिलीगुड़ी के लिए रवाना हुआ.

उसके आने से पहले शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका था. पुलिस ने शव लेकर फौरन बिहार रवाना होने का दवाब दिया. बार-बार हत्या की आशंका जताने के बाद भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की. बिहार में दाह संस्कार कर वापस आने के बाद भवेश प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पिछले एक महीने से सिलीगुड़ी थाने का चक्कर काट रहा है लेकिन फटकार के अलावा उसे कुछ नहीं मिला. अंत में उन्होंने कानूनी सहायता के लिए सिलीगुड़ी की स्वेच्छासेवी संस्था परमार्थ से संपर्क किया. संगठन के साथ बीते 24 अगस्त को सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नर के कार्यालय में उन्होंने शिकायत दर्ज करायी. शिकायत में भवेश कुमार झा ने अपने भाई की हत्या का आरोप मंदिर प्रबंधन कमिटी के अध्यक्ष नवीन भूपाल , रसोईया मनोज राय सहित अन्य लोगों पर लगाया है. परमार्थ के प्रवक्ता अजय कुमार झा ने बताया कि एक महीने से थाने का चक्कर काटने के बाद भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की. पुलिस कमिश्नर का भी ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गयी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. न्याय पाने के लिए अदालत की शरण में जाने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है.


इधर नवीन भूपाल ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि 14 जुलाई की सुबह पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को बरामद किया. सिलीगुड़ी जिला अस्पताल के चिकित्सको ने हार्ट अटैक की वजह से मौत होने की संभावना जातायी. इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया. मंदिर परिसर में गैरकानूनी गतिविधि का आरोप भी गलत है. पुलिस का रवैया और प्राथमिकी दर्ज ना किए जाने के संबंध में सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत की जांच करायी जायेगी. उनके कार्यालय में दर्ज करायी गयी शिकायत का भी आंकलन करने का आश्वासन दिया है.
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