बंगाल में बंद जूट मिलों को चालू कराने में जुटे श्रम मंत्री, अर्जुन सिंह ने 15 को बुलाई बैठक

जूट कारखाना
Jute Mills in Bengal: जूट कारखानों के मालिकों और श्रमिक संगठनों के साथ-साथ इस बैठक में सथानीय प्रशासन के लोग भी शामिल रहेंगे.
मुख्य बातें
Jute Mills in Bengal: कोलकाता. बंगाल की नयी सरकार न केवल राज्य में नये निवेश लाने का प्रयास कर रही है, बल्कि पुराने बंद उद्योगों को भी फिर से चालू करने में जुट गयी है. बंगाल के नये श्रम मंत्री अर्जुन सिंह ने पदभार संभालते ही बंगाल के बंद पड़े जूट उद्योगों को पुनर्जीवित करने की पहल शुरू कर दी है. उनका लक्ष्य बंद जूट मिलों को दोबारा चालू कर हजारों श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराना है. अर्जुन सिंह ने पिछलने दिनों श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में मंत्री ने जूट उद्योग की वर्तमान स्थिति, बंद मिलों की समस्याओं और संभावित समाधान पर चर्चा की.
मंत्री करेंगे 15 जून को बड़ी बैठक
बैठक में श्रम मंत्री ने सभी पहलुओं पर चर्चा के बाद 15 जून को जूट मिल मालिकों, श्रमिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलायी है. इसमें हावड़ा, हुगली और उत्तर 24 परगना की बंद मिलों को पुनः शुरू करने के लिए रोडमैप तैयार किया जायेगा. उत्तर 24 परगना से आने वाले अर्जुन सिंह जूट उद्योग और श्रमिकों की समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं, इसलिए उन्होंने इस मुद्दे को प्राथमिकता दी है.
कच्चे जूट की कमी बनी बड़ी चुनौती
जूट उद्योग के संकट का एक प्रमुख कारण कच्चे जूट की कृत्रिम कमी है. हाल के अभियानों में बड़े पैमाने पर जमाखोरी और कालाबाजारी के मामले सामने आये हैं. इससे मिलों को ऊंची कीमत पर कच्चा माल खरीदना पड़ रहा है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा. परिणामस्वरूप कई किसान वैकल्पिक फसलों की ओर रुख कर रहे हैं.
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केंद्र की भूमिका अहम
श्रम विभाग का मानना है कि संकट के समाधान के लिए केंद्र सरकार और जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जेसीआइ) की सक्रिय भूमिका जरूरी है. यदि जेसीआइ सीधे किसानों से जूट खरीदे, तो किसानों को उचित मूल्य मिलेगा, कालाबाजारी पर रोक लगेगी और मिलों को नियमित रूप से कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा. राज्य सरकार इस मुद्दे पर केंद्र के संबंधित मंत्रालयों से भी बातचीत की तैयारी कर रही है.
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लेखक के बारे में
By आशीष झा
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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