निजी अस्पताल को इलाज का खर्च लौटाने का निर्देश

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वेस्ट बंगाल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट रेगुलेटरी कमीशन ने एक निजी अस्पताल को मरीज के इलाज का खर्च लौटाने का निर्देश दिया है.

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संवाददाता, कोलकाता

वेस्ट बंगाल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट रेगुलेटरी कमीशन ने एक निजी अस्पताल को मरीज के इलाज का खर्च लौटाने का निर्देश दिया है. यह जानकारी कमीशन के चेयरमैन व पूर्व जस्टिस असीम कुमार बनर्जी ने दी. उन्होंने बताया जेनेसिस अस्पताल में प्रणब घोष को 80 हजार रुपये की पैकेज पर गॉल ब्लैडर सर्जरी के लिए भर्ती कराया गया था. मरीज को इसी साल 26 अप्रैल को भर्ती कराया गया था.

सर्जरी के दो दिन बाद मरीज को छुट्टी दी जानी थी. पर सर्जरी के बाद मरीज की ब्लीडिंग हो रही थी. इसलिए उसे एक दिन अस्पताल में रखा गया. 26 अप्रैल को छुट्टी दे दी गयी थी. पर इसके बाद मरीज को पांच बार इसी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. इसके लिए मरीज को तीन लाख 68 हजार 889 खर्च करने पड़े. इसके बाद मरीज को अपोलो और इंडियन लीवर फाउंडेशन में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद वह स्वस्थ हुआ. चेयरमैन बताया कि जांच में हमें पता चला की मरीज की इलाज में लापरवाही बरती गयी, जिस कारण मरीज की यह स्थिति हुई. ऐसे में दूसरे, तीसरे और चौथी पर इलाज के लिए भर्ती होने के पर कुल तीन लाख 68 हजार 889 रुपये खर्च करने पड़े. इसलिए इस राशि को लौटाने का निर्देश दिया गया है.

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