21 जुलाई ‘शहीद दिवस’ : 3 खेमों में बंटी सियासत, ममता और रीतब्रत बनर्जी की रैलियों में कार्यकर्ताओं के लिए खास मेन्यू

Author Mithilesh Jha|Edited by Amitabh Kumar
Updated:
विज्ञापन

शहीद दिवस के कार्यक्रम स्थल पर ममता बनर्जी.

पश्चिम बंगाल की सियासत में 21 जुलाई को अभूतपूर्व नजारा देखने को मिलेगा. तृणमूल और कांग्रेस 3 अलग-अलग खेमों में बंटकर शक्ति प्रदर्शन करेगी. इस बार रैलियों में कार्यकर्ताओं को लुभाने के लिए मेन्यू पर भी दिलचस्प होड़ लगी है. पढ़ें पूरी तैयारी.

विज्ञापन

21 July Martyrs Day: पश्चिम बंगाल की सियासत के लिए 21 जुलाई (शहीद दिवस) पर इस बार बंगाल की राजनीति में बिल्कुल नया और अभूतपूर्व नजारा देखने को मिलेगा. विधानसभा चुनाव 2026 के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में विद्रोह के बाद इस साल 21 जुलाई को 3 अलग-अलग राजनीतिक खेमे कोलकाता और दिल्ली की सड़कों पर अपना-अपना शक्ति प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इस बार मुकाबला सिर्फ राजनीतिक भाषणों का ही नहीं है. दूर-दराज से आने वाले कार्यकर्ताओं का दिल जीतने के लिए खाने-पीने (मेन्यू) के इंतजाम में भी तीनों खेमों के बीच दिलचस्प होड़ लगी है.

विज्ञापन

ममता बनर्जी गुट (कालीघाट टीएमसी)

पार्टी में हुए विद्रोह और हालिया चुनावी झटकों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े के लिए यह रैली एक बड़े ‘लिटमस टेस्ट’ की तरह है.

  • नया वेन्यू : कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के मद्देनजर इस बार वेन्यू में बड़ा बदलाव किया गया है. 15 साल में पहली बार एस्प्लेनेड की बजाय यह रैली बिरला प्लेनेटेरियम के सामने आयोजित हो रही है, जहां कोर्ट ने अधिकतम 2,500 से 3,000 समर्थकों के जुटने की ही अनुमति दी है.
  • मेन्यू (भोजन): ममता बनर्जी गुट ने हमेशा की तरह सादगी और बंगाल की पारंपरिक संस्कृति को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यकर्ताओं के लिए खिचड़ी, लाबड़ा (मिश्रित सब्जी) और चटनी का खास प्रबंध किया है. कुछ कैंपों में कार्यकर्ताओं के लिए दाल-भात और सब्जी की व्यवस्था भी की गयी है.

ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी का गंभीर आरोप- मनीष गुप्ता को बचाने के लिए ममता बनर्जी ने दबाकर रखी ‘21 जुलाई कमीशन’ की रिपोर्ट

रीतब्रत बनर्जी गुट (बागी टीएमसी)

कमरहट्टी के विधायक मदन मित्रा, अरूप रॉय और फिरहाद हकीम जैसे पुराने नेताओं के समर्थन वाला यह बागी धड़ा खुद को ‘असली टीएमसी’ साबित करने की होड़ में है.

वेन्यू और तेवर : यह गुट कोलकाता के मेयो रोड पर महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने अपना अलग शहीद दिवस मना रहा है. इस गुट के नेताओं ने साफ कर दिया है कि उनके कार्यक्रम में कोई नाच-गाना या तड़क-भड़क नहीं होगी, बल्कि शहीदों को बेहद गंभीर और गरिमामयी श्रद्धांजलि दी जायेगी.

मेन्यू (Menu): इस खेमे ने अपने समर्थकों को आकर्षित करने के लिए मेन्यू को थोड़ा खास बनाया है. इनके कैंपों में कार्यकर्ताओं के लिए सोयाबीन की सब्जी, दाल, भात (चावल) और पापड़ के साथ-साथ कई जगहों पर अंडे की कढ़ी (एग करी) परोसने की भी तैयारी है.

ये भी पढ़ें: कल का मौसम : 21 जुलाई को उत्तर बंगाल के 3 जिलों में भारी वर्षा और दक्षिण बंगाल में तूफानी हवाओं का अलर्ट

शहीद मीनार के पास कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल का सोमवार की शाम ऐसा था नजारा.
शहीद मीनार के पास कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल का सोमवार की शाम ऐसा था नजारा.

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस (INC)

मूल रूप से 1993 का यह आंदोलन ममता बनर्जी के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के बैनर तले ही हुआ था, इसलिए कांग्रेस इस बार अपनी खोयी हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है.

  • वेन्यू : कांग्रेस एस्प्लेनेड इलाके में अपनी अलग सभा कर रही है. पार्टी के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं को एकजुट कर राज्य में कांग्रेस के पुनरोद्धार की उम्मीद लगाये बैठे हैं.
  • मेन्यू (Menu): कांग्रेस कैंपों में मुख्य रूप से मुड़ी-गुड़ (मुरमुरा और गुड़), चाय-बिस्कुट के साथ-साथ दोपहर के भोजन के लिए सब्जी-पूरी और खिचड़ी का इंतजाम किया गया है.

ये भी पढ़ें: टीएमसी नेता बोले- चोरों और लुटेरों ने पार्टी को बर्बाद किया, इन्हीं की वजह से हारे चुनाव

काकोली घोष दस्तीदार का दिल्ली में राजघाट मार्च

इन तीन रैलियों के अलावा, टीएमसी के उन 20 लोकसभा सांसदों का समूह, जो हाल ही में NCPI में शामिल हो चुका है, उसकी अगुवाई कर रहीं सांसद काकोली घोष दस्तीदार इस दिन को नयी दिल्ली के राजघाट पर मना रही हैं. उन्होंने भी 1993 के गोलीकांड में मनीष गुप्ता की भूमिका पर सवाल उठाते हुए टीएमसी नेतृत्व को घेरा है.

ये भी पढ़ें: 21 जुलाई की रैली में खूनी संघर्ष की आशंका! मदन मित्रा ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ खोला मोर्चा

कोलकाता पुलिस हाई अलर्ट

21 जुलाई की इस अभूतपूर्व सियासी जंग और अलग-अलग चौकों पर सज रहे खान-पान के प्रबंधों को देखते हुए कोलकाता पुलिस और राज्य प्रशासन हाई अलर्ट पर है, ताकि दोनों गुटों के समर्थकों के बीच किसी भी संभावित हिंसक टकराव को टाला जा सके. मदन मित्रा ने आशंका व्यक्त की है कि कोलकाता की सड़क पर रैली के दौरान खून-खराबा हो सकता है.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola