कोलकाता : विश्व मानचित्र पर दर्ज हुआ गंगासागर मेला

Updated at : 05 Jan 2019 6:28 AM (IST)
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कोलकाता :  विश्व मानचित्र पर दर्ज हुआ गंगासागर मेला

अजय विद्यार्थी, कोलकाता : पौराणिक काल से ही हिंदु धर्म में गंगासागर स्नान से संबंधित कई किवदंतियां पौराणिक ग्रंथों में दर्ज हैं, लेकिन अब गंगासागर विश्व के मानचित्र पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने केे लिए तैयार है. इससे गंगासागर न केवल गंगासागर की पहचान हिंदुओं के तीर्थस्थल के रूप में रहेगी, वरन भविष्य में […]

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अजय विद्यार्थी, कोलकाता : पौराणिक काल से ही हिंदु धर्म में गंगासागर स्नान से संबंधित कई किवदंतियां पौराणिक ग्रंथों में दर्ज हैं, लेकिन अब गंगासागर विश्व के मानचित्र पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने केे लिए तैयार है.
इससे गंगासागर न केवल गंगासागर की पहचान हिंदुओं के तीर्थस्थल के रूप में रहेगी, वरन भविष्य में द्वीपों का भ्रमण के शौकीन विदेशी शैलानियों का पसंदीदा स्थल के रूप में उभरेगा. यह पहल गैर सरकारी संगठन वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब ने की है, जो हैम रेडियो के प्रसारण सहित कई जनकल्याणकारी कार्यों से जुड़ी है.
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल सरकार भी गंगासागर को तीर्थ स्थल के साथ-साथ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रही है, ताकि केवल मकर संक्रांति के समय ही नहीं, वरन पूरे वर्ष पर्यटक गंगासागर आयें और कपिल मुनि मंदिर के दर्शन के साथ-साथ सुंदरवन इलाके की सुंदरता का भी लुत्फ उठायें.
वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब के सचिव अंबरीश नाग विश्वास ने प्रभात खबर को बताया कि केंद्र सरकार के संचार विभाग ने गंगासागर मेले में हैम रेडियो के प्रसारण की अनुमति दे दी है. इससे Au2ham कॉल साइन पर विश्व के विभिन्न हैम रेडियो ऑपरेटर्स वायरलेस के माध्यम से आपस में बातचीत कर पायेंगे तथा बातचीत करने वालों को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एमैच्योर रेडियो, हैदराबाद द्वारा क्यूएसएल कार्ड दिया जायेगा.
उन्होंने कहा कि हैम रेडियो की अंतर्राष्ट्रीय संस्था रेडियो सोसाइटी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन विश्व के विभिन्न द्वीपों की पहचान के लिए एक नंबर (अाइओटीए) जारी करता है. काफी प्रयास के बाद रेडियो सोसाइटी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन ने गंगासागर के लिए AS153 नंबर जारी किया है.
इस नंबर से पूरे विश्व में गंगासागर की पहचान होगी तथा हैम रेडियो के ऑपरेटर्स इसी नंबर से गंगासागर को चिन्हित किये हैं. इसी नंबर से विभिन्न द्वीपों के भ्रमण करने वाले शैलानियों के के बीच गंगासागर की पहचान जाहिर होगी.
गंगासागर सुंदरवन के विस्तृत इलाके का एक अंश है. यह निश्चित रूप से शैलानियों को आकर्षित करने में सफल होगा और इससे न केवल इस क्षेत्र का विकास होगा, वरन ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आने से इलाके के लोगों की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी.
गंगासागर मेले में आधुनिक तकनीक का होगा इस्तेमाल
श्री विश्वास ने कहा कि गंगासागर के तीर्थयात्रियों की सुविधा लिए वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब ने myham.in पोर्टल जारी किया है. इसमें गंगासागर से जुड़ी सारी जानकारियां उपलब्ध हैं.
इसके साथ ही प्राय: यह देखा जाता है कि गंगासागर में लोग बिछड़ जाते हैं. बिछड़े व भूले-भटके लोगों को गुगुल मैप की मदद से परिवार के लोगों के साथ मिलाने का व्यवस्था शुरू की गयी है. इस पूरी व्यवस्था को इंटेग्रेटेड कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है.
इससे यदि कोई दुर्घटना घटती है, तो कंट्रोल रूम के माध्यम से आसानी से न केवल स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सकेगा, वरन गतिविधियों की जानकारियों का आदान-प्रदान सरलता से किया जा सकेगा. हैम रेडियो पहली बार गंगासागर मेले में पश्चिम बंगाल के आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिल कर काम कर रहा है.
गंगासागर मेले के आपदा प्रबंधन मामले के विशेषज्ञ कर्लन संजय श्रीवास्तव का कहना है कि हैम रेडियो ने जिस तरह से गुगुल और आधुनिक तकनीक की मदद से आम लोगों की मदद के लिए आगे आया है, उससे तीर्थयात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने गंगासागर मेले में संचार, परिवहन व इंटरनेट व्यवस्था को दुरुस्त करने की पहल की है, ताकि केवल गंगासागर मेले के दौरान ही नहीं, वरन वर्ष भर गंगासागर में तीर्थयात्री व शैलानी आयें और गंगासागर की छटा का आनंद उठायें.
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