कोयले की मांग कम होने से उत्पादन बाधित

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सांकतोड़िया : इसीएल के सीएमडी के तकनीकी सचिव निलाद्री राय ने कहा कि पावर हाउस में कोयले की मांग कम होने के कारण डिस्पैच सही ढंग से नहीं हो रहा जिसका प्रतिकूल असर उत्पादन पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि चालू वर्ष में जनवरी तक 30.64 मिलियन टन उत्पादन हुआ जबकि पिछले वर्ष में […]

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सांकतोड़िया : इसीएल के सीएमडी के तकनीकी सचिव निलाद्री राय ने कहा कि पावर हाउस में कोयले की मांग कम होने के कारण डिस्पैच सही ढंग से नहीं हो रहा जिसका प्रतिकूल असर उत्पादन पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि चालू वर्ष में जनवरी तक 30.64 मिलियन टन उत्पादन हुआ जबकि पिछले वर्ष में 30.84 मिलियन टन हुआ था. पिछले वर्ष की तुलना में 0.6 फिसदी की कमी आयी है. डिस्पैच 30.65 मिलियन टन हुआ है. जबकि गत वर्ष 30.53 मिलियन टन हुआ था. इसमें 0.5 फिसदी का इजाफा हुआ है.
श्री राय ने कहा कि कोयले की मांग की स्थिति यही रही तो उत्पादन लक्ष्य कंपनी नहीं छू पायेगी.चालू वर्ष में कंपनी को 42 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन लक्ष्य दिया गया है. वर्ष 2016-17 में पुरे कोल इंडिया को 550 मिलियन टन का लक्ष्य दिया गया है. जिसमें इसीएल को 46.9 मिलियन टन लक्ष्य दिया गया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रोड्यूसर का नहीं ग्राहकों का महत्व है. इसलिये कोयले की क्वालिटी में बदलाव लाना होगा. मानवीय भूल होने के कारण खदानों में दुर्घटनाएं होती है. इस पर ध्यान देने की जरुरत है.
इसके लिये सही सोच एवं सही एटीच्यूड से ही एक नयी दिशा देते हुए दुर्घटना में कमी लायी जा सकती है. सोच का स्तर उंचा रखना होगा तभी गुणात्मक परिवर्तन से सुरक्षा में अपेक्षित सुधार संभव हो सकेगा. उन्होंने कहा कि इसीएल उत्पादन का 80 फिसदी कोयला पावर हाउस को देती है.
इधर महाप्रबंधक सेल्स एवं मार्केटिंग वीके सिंह ने कहा कि देश की अर्थ व्यवस्था चरमरा गयी है. कच्चे तेल के दामों में गिरावट होने के कारण तेल का दाम कम हुआ है. लोहे का दाम में भारी कमी आयी है. बहुत से स्टील प्लांट बंद हो चुका है. पावर की खपत ज्यादातर उद्योग विभाग में खपत होती है. जब छोटे छोटे कल कारखाने ही बंद है तो पावर लेकर क्या करेगा. पावर हाउस के पास अभी भी 25 दिनों का कोयला स्टॉक है.
बिजली विभाग के बिजली नहीं बिकेगा तो उत्पादन भी कम करेगा, उत्पादन कम होगा तो कोयले की खपत कम होगा. वैसे भी इसीएल का कोयला पूरे कोल इंडिया में सबसे अच्छा क्वालिटी का है जिसके कारण महंगा बिकता है. उन्होंने अवैध खनन की ओर इशारा देते हुए कहा कि जब तक अवैध खनन पर अंकुश नहीं लगेगा तबतक स्थिति यही बनी रहेगी. छोटे छोटे कल कारखानों को सस्ते दर पर कोयला मिल जा रहा है तो महंगा कोयला क्यों खरीदेगा?
राशन कार्ड के लिए भरे फॉर्म
आसनसोल. वार्ड 27 के विभिन्न अंचलों में मंगलवार को राशन कार्ड के फॉर्म भरे गये. राम किशन डंगाल, शिव लाल डंगाल, पंजाबी पाड़ा, धादका रोड में सैकड़ों लोगों ने नये राशन कार्ड के आवेदन, नाम संशोधन, नाम ट्रांसफर के फॉर्म भरे. स्थानीय पार्षद दीपक साव ने बताया कि बहुत से निवासियों का नाम राशन कार्ड में नहीं था. इसके लिए वार्ड में कई स्थानों पर अस्थायी शिविर लगा कर राशन कार्ड के फॉर्म भरे गये.
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