सरकार कवि नजरूल से जुड़ी स्मृतियों को ऐतिहासिक धरोहर घोषित करे : बांग्ला पक्ष
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Jan 2020 2:14 AM
आसनसोल : कवि काजी नजरूल इस्लाम की स्मृति को चिंहित कर इसे ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित करवाने के उद्देश्य से गुरुवार को बांग्ला पक्ष के सदस्यों ने आसनसोल स्थित एमए बक्स एंड संस बेकरी शॉप का दौरा किया. काजी नजरूल इस्लाम इस बेकरी शॉप में वर्ष 1913 में एक माह के लिए काम […]
आसनसोल : कवि काजी नजरूल इस्लाम की स्मृति को चिंहित कर इसे ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित करवाने के उद्देश्य से गुरुवार को बांग्ला पक्ष के सदस्यों ने आसनसोल स्थित एमए बक्स एंड संस बेकरी शॉप का दौरा किया. काजी नजरूल इस्लाम इस बेकरी शॉप में वर्ष 1913 में एक माह के लिए काम किये थे. इस शॉप को उनकी स्मृति के रूप में चिन्हित कर ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित करने की मांग सदस्यों ने की.
अवसर पर स्कॉटलैंड (यूनाईटेड किंगडम) स्थित एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के डेपुटी डीन ऑफ रिसर्च प्रोफेसर एडवर्ड होलिश, स्कॉटलैंड के पेंटर पॉल गिल्लिंग, मुंबई अर्बन हेरिटेज कंजर्वेटीनिस्ट के कोमलिका बासु, काजी नजरूल यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर सह हेरिटेज एक्सपर्ट कमेटी आसनसोल के सदस्य डॉ शांतनू मुखर्जी, रवि चटर्जी, बांग्ला पक्ष के सलाहकार सह कवि तीर्थ चुरूलिया नजरूल विद्यापीठ के प्रधानाध्यापक दीपंकर मजूमदार, जिला कमेटी सदस्य मानस दास, सम्राट कर आदि उपस्थित थे.
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