कटवा अनुमंडल में किसान मंडियां खो रहीं अपना औचित्य
Author Prabhat khabar digital desk
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ग्राहकों की कमी के कारण किसानों की रूचि नहीं, ग्रामीण हाट में व्यवसाय बर्दवान : कटवा अनुमंडल के तीन प्रखंडों में राज्य सरकार ने तीन-तीन किसान मंडी तैयार की है. लेकिन किसान अपनी फसल इन मंडियों में नहीं ला रहे हैं. वे गांव में ही बैठ कर अपनी फसलों तथा कृषि उत्पादकों की बिक्री कर […]
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ग्राहकों की कमी के कारण किसानों की रूचि नहीं, ग्रामीण हाट में व्यवसाय
बर्दवान : कटवा अनुमंडल के तीन प्रखंडों में राज्य सरकार ने तीन-तीन किसान मंडी तैयार की है. लेकिन किसान अपनी फसल इन मंडियों में नहीं ला रहे हैं. वे गांव में ही बैठ कर अपनी फसलों तथा कृषि उत्पादकों की बिक्री कर रहे हैं. नया चकमुखी किसान मंड़ी तैयार के बाद भी किसान ग्रामीण हाट में उत्पादन बेच रहे हैं. प्रशासन किसानों को मंड़ी तक लाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है.
अनुमंडल अधिकारी सौमेन पाल ने बताया कि किसान मंड़ी की कई दुकानों का आवंटन किया गया था. लेकिन सभी दुकानें नियमित रूप से नहीं खुलती हैं. किसान मंड़ी में सप्ताह में दो दिन बाजार लगाने का प्रयास किया जा रहा है. राज्य सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर इन मंड़ियों की स्थापना की है. सभी प्रखंड में किसान मंड़ी तैयार की गई हैं. कटवा अनुमंडल में केतुग्राम एक, केतुग्राम दो और कटवा एक नंबर में किसान मंड़ी बनी है. इसमें किसानों को दुकानें भी आवंटित की गई हैं. स्थानीय निवासियो की शिकायत है कि किसान मंड़ी गांव से काफी दूर हैं. आवागमन में अधिक समय लगता है तथा आवागमन के लिए वाहनों की कमी है.
श्रीखंड पंचायत के तहत बर्दवान-कटवा सड़क के नजदीक ही कटवा एक नंबर प्रखंड की किसान मंड़ी तैयार है. राज्य सरकार ने सरकारी जमीन पर ही किसान मंड़ी तैयार की. यह स्थल श्रीखंड गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर है. केतुग्राम दो नंबर प्रखंड के गंगाटिकुरी रेल स्टेशन और केतुग्राम के एक नंबर प्रखंड के कांदरा गांव में किसान मंड़ी बनी है. गांव से काफी दूर होने तथा ग्राहकों की कमी के कारण किसानों ने सब्जी लेकर इस मंड़ी तक आने के बजाय गांव के बाजार में अधिक रूचि लेते हैं. पिछले साल प्रखंड विकास अधिकारी ने अस्थायी जगह पर हाट बंद कर दिया था, जबकि गांव से दूर होने पर ग्राहको ने किसान मांडी में नगीं जा रहा है.
विधायक शेख शाहनवाज ने बताया कि गांव में उचित जगह नहीं मिलने पर गांव के अंदर किसान मंड़ी तैयार नहीं किया गया. जनपद से दूर होने पर ही किसान मंड़ियों को लोकप्रियता नहीं मिली. काजल चौधरी, लक्ष्मी माल आदि ने कहा कि पहले किसान मंड़ी में सब्जी लेकर जाते थे. लेकिन ग्राहकों के नहीं आने के कारण फिर गांव के हाट मं जाने का निर्णय लिया. केतुग्राम एक प्रखंड के बेडुग्राम पंचायत के प्रधान शेख सइदुल्ला ने बताया कि फिलहाल किसान मंड़ी में कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय ले जाने का फैसला किया गया है. यह निर्णय प्रखंड विकास अधिकारी तथा अनुमंडल अधिकारी से बैठक करने के बाद लिया गया. अनुमंडल अधिकारी श्री पाल ने भी इस मुद्दे पर सभी तरह का सहयोग देने का आश्वासन दिया है.
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