सारधा कांड:मेयर पर उठी उंगली,पांचवीं एफआइआर दायर करेगी सीबीआइ

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!!अजय विद्यार्थी!! कोलकाता:सारधा चिटफंड कांड में एक के बाद एक तृणमूल नेताओं के नाम जुड़ते जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रेल मंत्री रहते आइआरसीटीसी व सारधा के बीच समझौते के बाद अब कोलकाता के मेयर शोभन चटर्जी पर सारधा की कंपनी को प्रश्रय देने का आरोप लगाया है. कांग्रेस के पार्षद प्रकाश उपाध्याय […]

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!!अजय विद्यार्थी!!

कोलकाता:सारधा चिटफंड कांड में एक के बाद एक तृणमूल नेताओं के नाम जुड़ते जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रेल मंत्री रहते आइआरसीटीसी व सारधा के बीच समझौते के बाद अब कोलकाता के मेयर शोभन चटर्जी पर सारधा की कंपनी को प्रश्रय देने का आरोप लगाया है. कांग्रेस के पार्षद प्रकाश उपाध्याय ने शुक्रवार को साल्टलेक स्थित सीबीआइ के कार्यालय में ज्ञापन दिया. इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मेयर के रूप में एक संस्था को गैर कानूनी रूप से टेंडर दिया गया था.

अनैतिक रूप से टेंडर आवंटन के एवज में कंपनी की ओर से 20 करोड़ रुपये दिये गये थे. यह राशि सारधा कंपनी के प्रमुख सुदीप्त सेन द्वारा दी गयी थी. उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी श्री उपाध्याय सारधा कंपनी के साथ तृणमूल नेताओं के सांठगांठ का आरोप लगाते रहे हैं. सीबीआइ इस मामले की जांच कर रही है.

दूसरी ओर, साल्टलेक के युवा कांग्रेस की ओर से पुलिस को ज्ञापन दिया गया. इस ज्ञापन में आरोप लगाया कि विधाननगर नगरपालिका की चेयरमैन कृष्णा चक्रवर्ती को सुदीप्त सेन ने सफेद फोचरुना गाड़ी दी थी, जब से यह घोटाला उजागर हुआ है. यह गाड़ी भी लापता हो गयी है. पुलिस इस मामले की जांच करे.

दूसरी ओर, शुक्रवार की सुबह इस्ट बंगाल के दिवंगत पदाधिकारी पल्टू दास के घर की सीबीआइ ने तलाशी ली. इस तलाशी में पल्टू दास के घर से इस्ट बंगाल के वरिष्ठ पदाधिकारी देवव्रत सरकार उर्फ नीतू की डायरी बरामद की. सीबीआइ के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार डायरी के पहले के तीन पन्नों में सीबीआइ को बहुत ही अहम जानकारी मिली है. उल्लेखनीय है कि देवव्रत सरकार पल्टू दास के हाथ पकड़ कर ही इस्ट बंगाल क्लब पहुंचे थे.

सीबीआइ का कहना है कि देवव्रत सरकार शुरू से ही दावा करते रहे हैं कि सुदीप्त सेन से समझौता के अनुसार ही राशि लिये हैं. उसका हिसाब उन्होंने दे दिया है. उन्होंने नियम से अधिक राशि नहीं ली है, लेकिन सीबीआइ का सवाल है कि सुदीप्त सेन व देवव्रत सरकार के बीच लेन-देन की रसीद बरामद की गयी है. वह किसकी है. सीबीआइ को लिखे पत्र में सुदीप्त सेन ने आरोप लगाया था कि 2010 में नीतू उनसे 5 करोड़ रुपये लिये थे.

उसके बाद प्रति माह 80 लाख रुपये लेते थे. ज्यादातर समय वे नकद राशि लते थे. बीच-बीच में एक संस्था के नाम से चेक लेते थे, लेकिन चेक के माध्यम से लिये गये पैसे की राशि बहुत ही कम होती थी. बाकी नकद राशि उनके अमहस्र्ट स्ट्रीट आवास के दूसरे तल्ले या इस्ट बंगाल क्लब में ली जाती थी. दूसरी ओर, 28 अगस्त को पल्टू दास के घर से सीबीआइ की तलाशी के बाद यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के कॉलेज स्ट्रीट शाखा से एक लॉकर की चाबी मिली थी.

इस लॉकर का नंबर 160 है. सीबीआइ अधिकारियों का कहना है कि इस लॉकर में देवव्रत सरकार सुदीप्त सेन से लेनदेन की रसीद रखते हैं. सीबीआइ इसकी जांच कर रही है. दूसरी ओर, सारधा कांड के मामले में सीबीआइ पांचवीं एफआइआर करने की तैयारी कर रही है.

इस एफआइआर में सारधा कांड से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों से सीबीआइ पूछताछ करेगी. इस एफआइआर में देवव्रत सरकार को आरोपी बनाया जायेगा तथा सुदीप्त सेन, कुणाल घोष व अन्य को हिरासत में लेकर फिर से पूछताछ की जायेगी.

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